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कंडोम ही नहीं अनचाही प्रेगनेंसी से बचने में मदद करेंगे ये 7 तरीके, चुनें अपने लिए बेस्ट

On World Contraception Day: क्या आप जानते हैं कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स या तरीके सिर्फ सेक्स के बाद बर्थ कंट्रोल में ही मदद नहीं करते बल्कि ये अनजाने में होने वाले यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के खतरे को

कंडोम ही नहीं अनचाही प्रेगनेंसी से बचने में मदद करेंगे ये 7 तरीके, चुनें अपने लिए बेस्ट
Manju Mamgainलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीMon, 26 Sep 2022 01:46 PM
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Best Contraceptive Methods: ज्यादातर लोग कॉन्ट्रासेप्टिव तरीकों का इस्तेमाल अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स या तरीके सिर्फ सेक्स के बाद बर्थ कंट्रोल में ही मदद नहीं करते बल्कि ये अनजाने में होने वाले यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के खतरे को भी कम करने में सहायता करते हैं। हालांकि कोई भी कॉन्ट्रासेप्टिव तरीका अपनाने से पहले व्यक्ति के पास इन सवालों के जवाब होना बेहद जरूरी होता है- मेरे लाइफस्टाइल के अनुसार मुझे कौन सा कॉन्ट्रासेप्टिव यूज करना चाहिए, कौन सा कॉन्ट्रासेप्टिव हमें एसटीआई के खतरे से बचा सकता है, क्या ये कॉन्ट्रासेप्टिव इस्तेमाल करना आसान है, क्या ये कॉन्ट्रासेप्टिव पॉकेट फ्रेंडली है, क्या ये वाकई असरदार है और आखिर में सबसे जरूरी सवाल, क्या इस कॉन्ट्रासेप्टिव को यूज करने से कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होता है। आज दुनिया भर में विश्व गर्भनिरोधक दिवस मनाया जा रहा है। यह खास दिन हर साल 26 सितंबर को युवा पीढ़ी के बीच यौन जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। ऐसे में आज इस खास मौके पर आपको बताते हैं कंडोम के अलावा कुछ ऐसे कॉन्ट्रासेप्टिव तरीकों के बारे में, जो हैं लोगों के बीच बेहद फेमस। 

इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियां-
इन इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद , सेक्स के दौरान कंडोम फटने या फिर किसी महिला के साथ यौन उत्पीड़न किया गया हो, तब कर सकते हैं। इस गोली को अगर सेक्स करने के पहले तीन दिन के भीतर अगर ले लिया जाए तो प्रेगनेंसी रोकने के 85 प्रतिशत चांस होते हैं। यही वजह है कि इसे कभी-कभी 'मॉर्निंग आफ्टर' पिल भी कहा जाता है। इन गोलियों को जितनी जल्दी ले लिया जाता है, यह उतना ही प्रभावी होती हैं।

नुकसान-
गर्भनिरोधक गोलियों के सबसे साधारण दुष्प्रभावों में मतली, उल्टी शामिल होते हैं। इसके अलावा यह आपकी महावारी को भी प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा यह गर्भनिरोधक गोलियां एसटीआई से बचाव नहीं करती हैं।

कंडोम - 
कंडोम गर्भनिरोधक का एकमात्र तरीका है जो प्रेग्नेंसी रोकने के साथ-साथ ज्यादातर सभी तरह के एसटीआई से व्यक्ति को बचाए रखने में मदद करता है। गर्भनिरोधक की यह विधि हार्मोन मुक्त है और इसे आसानी से अपने साथ ले जाया जा सकता है। कंडोम मेल और फीमेल दोनों के लिए उपलब्ध है। 

फायदा-यह एसटीआई के खिलाफ सबसे अच्छी सुरक्षा है। यह आसानी से उपलब्ध होने के साथ हार्मोन मुक्त होता है।

नुकसान- यदि कंडोम का उपयोग ठीक से नहीं किया जाता तो यह सेक्स के दौरान फट सकता है या निकल सकता है। जिससे प्रेग्नेंट होने के चांस बढ़ जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों को लेटेक्स कंडोम से एलर्जी भी होती है।

गर्भनिरोधक गोली-
यह दिन में एक बार ली जाने वाली छोटी सी गोली है। रिपोर्ट्स की मानें तो ऑस्ट्रेलियाई महिलाएं गर्भनिरोधक गोली का उपयोग सबसे ज्यादा करती हैं। 

फायदा- गर्भनिरोधक गोली का सेवन अगर सही तरीके से किया जाए तो यह अत्यधिक प्रभावी उपाय है। यह सेक्स को बाधित किए बिना ही माहवारी के दर्द को भी कम करने में मदद करती हैं। इसके अलावा यह मुंहासों को ठीक करने में भी काफी हद तक मददगार हो सकती है। 

नुकसान-
गर्भनिरोधक गोली को आप अगर समय पर लेना भूल जाते हैं तो यह उतनी प्रभावी नहीं रहेगी। इसका उपयोग केवल महिलाएं ही कर सकती हैं। यह गोली उन महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं है जो एस्ट्रोजन युक्त गर्भनिरोधक नहीं ले सकती हैं। यह एसटीआई के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करती है।

अंतर्गर्भाशयी डिवाइस (आईयूडी)-
आईयूडी का पूरा नाम है इंट्रायूटरिन डिवाइस है। यह गर्भधारण को रोकने वाला एक उपकरण है। यह छोटा, अक्सर T-आकार का होता है जिसे महिला के गर्भाशय में डाला जाता है। ये युक्तियां डॉक्टरों या अनुभवी नर्सों द्वारा योनि मार्ग से गर्भाशय में लगाई जाती हैं। यह छोटा सा उपकरण आपके भ्रूण में कॉपर छोड़ता है, जिससे शुक्राणुओं के लिए किसी एग को फर्टिलाइज करना कठिन हो जाता है। यह तरीका आपको गर्भवती होने से 5-10 साल के लिए 99 प्रतिशत तक सुरक्षा देता है।

नुकसान-आपके पीरियड्स के पैटर्न में कुछ बदलाव हो सकता है। इसे लगवाने के बाद पहले कुछ महीनों में दर्द और ज्‍यादा ब्‍लीडिंग हो सकती है। कुछ महिलाओं को पेट के निचले हिस्‍से में ऐंठन और कमर दर्द महसूस हो सकता है। योनि में इंफेक्‍शन होने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा यह एसटीआई से आपकी सुरक्षा नहीं करता है।

गर्भनिरोधक इंप्लांट (प्रत्यारोपण)-
गर्भनिरोधक इंप्लांट (प्रत्यारोपण) छोटी और पतली प्लास्टिक से बनी रॉड होती है,जिसे महिला की बांह की अंदरूनी त्वचा में फिट किया जाता है। इसमें प्रोजेस्टेरोन हार्मोन होता है जो धीरे-धीरे रक्त में मिलता जाता है। यह अधिकतर 4 साल तक के लिए गर्भावस्था से सुरक्षा प्रदान करता है और ज़्यादा प्रभावशाली होता है।प्रत्यारोपण एक माचिस की तीली के आकार का होता है और इसका छोटा आकार इसे अग्रभाग में रखना संभव बनाता है।

नुकसान-यह विधि यौन संचारित रोगों के मामले में रक्षा नहीं करती है। 

बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन-
इसमें प्रोजेस्टिन के केवल इंजेक्शन दिए जाते हैं। यह इंजेक्शन एंडोमेट्रियोसिस और पेल्विक इंफ्लेमेटरी बीमारियों के इलाज में भी सहायक है। यह गर्भनिरोधक गोलियों की तरह ही काम करता है। इसका असर आठ से बारह सप्ताह तक बना रहता है।

नुकसान-
इस इंजेक्शन से अनियमित रक्तस्राव हो सकता है। इसे उपयोग किए गए महीनों की संख्या का ट्रैक रखने की आवश्यकता होती है। यह एसटीआई से बचाव नहीं करता है।

वजाइनल रिंग-
इस गर्भनिरोधक रिंग को वजाइना में 21 दिनों के लिए रखा जाता है और हर महीने मेन्स्ट्रूअल साइकल शुरू होते ही 7 दिन के लिए निकाल दिया जाता है। यह स्पेशल रिंग आपके पीरियड्स के 13 साइकल तक यानी पूरे 1 साल तक अनचाहे गर्भ से सुरक्षा प्रदान करती है।

फायदा-
आप इस योनि रिंग को स्वयं डाल और हटा सकते हैं। रिंग को हटाने पर आपकी प्रजनन क्षमता जल्दी वापस आ जाती है।

नुकसान-
यह उन महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं है जो एस्ट्रोजन युक्त गर्भनिरोधक नहीं ले सकतीं। आपको इसे सही समय पर बदलने के लिए याद रखना होगा। यह एसटीआई से रक्षा नहीं करता है।

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