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कमर की बढ़ती चर्बी से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, रिसर्च में खुलासा

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने हाल ही में एक दिलचस्प शोध जारी किया है, जिसे जानने के बाद आप यकीनन अपनी कमर की चर्बी को कम करने के बारे में विचार करेंगे। पढ़ें ये आर्टिकल-

कमर की बढ़ती चर्बी से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, रिसर्च में खुलासा
Avantika Jainलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीTue, 30 Aug 2022 12:11 PM

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इन दिनों हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे कई सारे कारण हो सकते हैं। हाल ही में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एक दिलचस्प शोध जारी किया है। शोध में कहा गया है कि किसी व्यक्ति की कमर पर अतिरिक्त इंच दिल की परेशानियों के जोखिम को 10 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। यहां देखिए क्या कहती हैं रिसर्च-

 

ज्यादा कमर से बढ़ता है दिल संबंधी बीमारी का खतरा

अध्ययन का प्रभावी रूप से मतलब था कि 41 इंच की कमर वाले व्यक्ति को 37 इंच की कमर वाले व्यक्ति की तुलना में दिल से संबंधी बीमारी होने की संभावना 40 प्रतिशत ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा, शोधकर्ताओं के अनुसार, ज्यादा वजन वाले लोगों की तुलना में बड़ी कमर वाले लोगों में दिल की स्थिति विकसित होने की संभावना ज्यादा थी।

 

क्या कहते हैं प्रमुख शोधकर्ता

अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ अयोडिपुपो ओगुंटाडे ने बताया कि 'ट्रंक फैट' दिल की स्थिति विकसित करने वाले व्यक्ति का एक मेजर इंडिकेटर था। इसके अलावा डॉ ओगुंटाडे ने कहा कि शरीर के मोटापे और कार्डियोवैस्कुलर जोखिम को ट्रैक करने में फैट वाले लोगों की मात्रा उनके ट्रंक के चारों ओर ले जाती है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि हाई बॉडी मास इंडेक्स वाले व्यक्ति की तुलना में बड़ी कमर वाले व्यक्ति को हार्ट फेलियर से पीड़ित होने की संभावना 3.21 गुना ज्यादा थी। बाद की श्रेणी के व्यक्ति में हार्ट फेलियर का जोखिम 2.65 गुना था।

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यूं प्रभावित होती है दिल की फंक्शनिंग

वैज्ञानिकों के अनुसार, कमर का बड़ा नाप इस बात का संकेत है कि व्यक्ति की आंत की चर्बी ज्यादा है। यह एक्सट्रा फैट पेट के चारों ओर जमा हो जाता है, जिससे ब्लड वेसल्स के अंदर खून की गति होती है। एक बार जब गति बाधित हो जाती है, तो यह दिल की फंक्शनिंग को प्रभावित करती है। यह भी पढ़ें: हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से किया जा सकता है बचाव, जानें क्या है तरीका

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