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Hindi News लाइफस्टाइल हेल्थ50 की उम्र के बाद यूरिन इंफेक्शन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं ये कारण, बता रहीं एक्सपर्ट

50 की उम्र के बाद यूरिन इंफेक्शन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं ये कारण, बता रहीं एक्सपर्ट

अक्सर महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। मेंटल हेल्थ से लेकर फिजिकल हेल्थ, प्रेग्नेंसी को लेकर लेकिन इन सवालों का जवाब नहीं मिलता। ऐसे में एक्सपर्ट डॉ. अर्चना दे रही है इन सवालों के जवाब।

50 की उम्र के बाद यूरिन इंफेक्शन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं ये कारण, बता रहीं एक्सपर्ट
Aparajitaहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 23 Feb 2024 04:24 PM
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हम सबकेपास ढेरों सवाल होते हैं, बस नहीं होता जवाब पाने का विश्वसनीय स्रोत। इस कॉलम केजरिये हम एक्सपर्ट की मदद से आपके ऐसे ही सवालों केजवाब तलाशने की कोशिश करेंगे। इस बार गाइनेकोलॉजिस्ट देंगी आपकेसवालों केजवाब। हमारी एक्सपर्ट हैं, डॉ. अर्चना धवन बजाज

सवाल: मैं चार माह की गर्भवती हूं। मेरी डॉक्टर ने अभी मुझे सिर्फ फॉलिक एसिड खाने के लिए कहा है। गर्भ में पल रहे शिशु के सही विकास के लिए मुझे क्या कुछ और दवाओं का सेवन करना चाहिए? साथ ही, गर्भावस्था के दौरान कितनी बार और कब-कब अल्ट्रासांउड करवाना जरूरी होता है?
-नेहा कुमारी, रांची
जवाब: गर्भावस्था में जब भी आपके डॉक्टर को जरूरी लगे अल्ट्रासाउंड करवाने में कोई नुकसान नहीं है, बल्कि इससे फायदा ही हो सकता है। लेवल- एक, दो और तीन पर अल्ट्रासाउंड करवाना तो जरूरी ही होता है, ये बच्चे के जेनेटिक और शारीरिक अंगों के सही विकास के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। इसके अलावा तीसरी तिमाही में अल्ट्रासाउंड करवाना बच्चे के विकास, भ्रूण तक खून के संचार और गर्भ में तरल पदार्थ की मात्रा के बारे में पता लगाने के लिए जरूरी है। गर्भावस्था के तीन माह पूरे होने के बाद फॉलिक एसिड के अलावा आयरन, कैल्शियम और ओमेगा-थ्री फैटी एसिड्स से संबंधित दवाओं का सेवन बच्चे की सेहत के लिए उपयोगी साबित होता है। इसके अलावा अगर बच्चे को मैग्नीशियम की जरूरत है, तो मैग्नीशियम का सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है। शरीर की प्रोटीन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने आहार में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं। इसके साथ आप दूध में मिलाकर पीने वाले प्रोटीन ड्रिंक्स भी डॉक्टरी सलाह के अनुरूप ले सकती हैं। 
सवाल: पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हाइजीन बरतने के बावजूद मुझे पिछले दो साल से बार-बार यूटीआई हो रहा है। मेरी उम्र 52 साल है। इसकी क्या वजह हो सकती है और मुझे क्या करना चाहिए?
-सविता देवी, वाराणसी
जवाब: 52 साल की उम्र में बार-बार यूटीआई होने का सबसे आम कारण पोस्ट मेनोपॉजल एट्रोफी या पोस्ट मेनोपॉजल यूर्थेराइटिस, यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन और डायबिटीज आदि होते हैं। तो सबसे पहले डॉक्टरी परामर्श के अनुरूप इन बीमारियों का पता लगाने के लिए जरूरी जांच करवाएं। अगर जांच में इनमें से कोई भी परेशानी आपके अंदर नहीं पाई गई और फिर भी बार-बार यूटीआई हो रहा है, तो एक गाइनेकोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट या यूरोलॉजिस्ट से परामर्श जरूर लें।

सवाल : मेरी उम्र 32 साल है। मैं आने वाले कुछ सालों तक सिर्फ अपने करियर पर फोकस करना चाहती हूं, पर मुझे अपने बच्चे को भी जन्म देना है। क्या एग फ्रीजिंग मेरे लिए सही विकल्प होगा?
-श्रेया गुप्ता, दिल्ली
जवाब: आप 32 साल की हैं और कुछ साल बाद बायोलॉजिकली अपने बच्चे को जन्म देना चाहती हैं तो इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एग फ्रीजिंग एक अच्छा विकल्प है, पर मेरे हिसाब से इसे विकल्प के रूप में पहले से ही चुनकर रखना ठीक नहीं। अगर आपके साथ कोई मजबूरी है कि आप उम्र के लिहाज से सही वक्त पर सामान्य तरीके से गर्भधारण नहीं कर सकती हैं, तब इस विकल्प के बारे में सोच सकती हैं। एक अच्छी फर्टिलिटी क्लीनिक में जाकर डॉक्टर से बातचीत करें। डॉक्टर जरूरी जांच के बाद आपको बता पाएंगे कि आपकी एग क्वालिटी कैसी है और लंबे समय में उसे फ्रीज करने की जरूरत पड़ेगी या नहीं। डॉक्टर से एक फ्रीजिंग का प्रोटोकॉल समझें और फिर इसके लिए जरूरी तैयारियां करें। इन तैयारियों में एक फ्रीजिंग से दो-तीन महीने पहले से फॉलिक एसिड का सेवन, बेहतर लाइफ स्टाइल, ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट और नियमित व्यायाम आदि करें। इन सबका असर आपके एग की क्वालिटी पर पड़ेगा और आप इन तैयारियों के साथ एग रीट्रीवल करवा कर उसकी फ्रीजिंग करवा सकती हैं।

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