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परिवार में है डायबिटीज का इतिहास, डॉक्टर ने बताया खुद को कैसे बचाएं

Diabetes: डायबिटीज लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारी है। इसको लेकर लोगों को मन में कई तरह की भ्रांतियां और सवाल रहते हैं। हिंदुस्तान के पाठकों के मन की शंका को दूर कर रहे हैं डायबिटीज स्पेशलिस्ट

परिवार में है डायबिटीज का इतिहास, डॉक्टर ने बताया खुद को कैसे बचाएं
Kajal Sharmaहिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 10 Nov 2023 03:55 PM
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डायबिटीज जेनेटिक कारणों से हो सकती है लेकिन यह लाइफस्टाइल डिजीज भी है। किसी भी वजह से आपको मधुमेह हुआ हो इसको कंट्रोल किया जा सकता है। आपके मन में खानपान, दवाओं और जांच से जुड़े कुछ सवाल हैं तो यहां डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर उत्सव साहू के जवाब देख सकते हैं।

सवाल: मेरे परिवार में डायबिटीज का इतिहास है। पिता को टाइप 2 डायबिटीज है। मेरी उम्र 25 साल है। मुझे यह न हो, इसके लिए मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब: यह सही है कि डायबिटीज आनुवंशिक कारणों से भी हो सकती है। पर, आप इससे बचे भी रह सकते हैं या इसके होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। यह आपकी जीवनशैली व खानपान पर निर्भर करता है। मैदा, चीनी, फलों का जूस, सफेद चावल, पास्ता, नूडल्स व चॉकलेट आदि से बचें। इसकी जगह ब्राउन चावल, साबुत अनाज से बनी चीजें, ज्वार बाजरा की खिचड़ी व रोटी आदि खाएं। कच्ची या पकी सब्जियां भरपूर खाएं। सोया दूध पिएं या लो फैट दूध या दही लें। मांसाहारी अंडे, मछली या चिकन खा सकते हैं। इसके अलावा नियमित व्यायाम करें, तेज गति से पैदल चलें। कम से कम सप्ताह में चार से पांच बार रोज 30 से 40 मिनट पैदल चलें। वजन काबू रखें। लंबे समय तक तनाव में रहना भी कोलेस्ट्रॉल, बीपी व डायबिटीज होने की आशंका बढ़ाता है।

सवाल: मेरा एचबीए1सी 7 प्रतिशत है। क्या मुझे डायबिटीज है?

जवाब: एचबीए1सी एक उपयोगी टेस्ट है, जिसमें बीते 3 महीने की औसत शुगर की जानकारी मिल जाती है। इसका 6.5 या इससे अधिक होना डायबिटीज माना जाता है। डायबिटीज से बचाव का पहला कदम जीवनशैली में बदलाव करना है। इसमें पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम और 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद जरूरी है। तनाव मुक्त रहना और अल्कोहल व तंबाकू से परहेज जरूरी है। इससे आराम नहीं आता है तो फिर दवाएं लें। अकसर लोगों में यह डर होता है कि दवाएं जीवनभर खानी पड़ती है, इसी कारण वे इनसे बचते हैं। जबकि दवाएं व इंसुलिन डायबिटीज के प्रभावों से बचाने में मददगार हैं और व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

सवाल: मेरी शुगर 400 से अधिक है। डॉक्टर ने मुझे इंसुलिन लेने की सलाह दी है। मैं इंसुलिन नहीं लेना चाहता। क्या करूं?

जवाब: इंसुलिन के बारे में कई गलत धारणाएं हैं। मसलन, इनकी आदत पड़ जाती है। इंजेक्शन से दर्द होता है या फिर शरीर पर बुरा असर होता है। सबसे पहले यह समझें कि इंसुलिन दवा नहीं है, जिसकी लत पड़ जाती है। जन्म से ही हमारे खून में इंसुलिन होता है। डायबिटीज होने पर शरीर में इंसुलिन पर्याप्त नहीं बनता। इस कमी को पूरा करने के लिए बाहर से इंसुलिन देते हैं। यह ठीक है दिनभर में कई बार इंसुलिन के इंजेक्शन लेने का विचार डरा सकता है। पर, इनकी सुईं इतनी पतली होती है कि हल्की सी चुभन होती है। शोध साबित करते हैं कि शुरुआत में ही इंसुलिन लेना डायबिटीज को ठीक तक कर सकता है या इसे बढ़ने से रोक सकता है। टाइप वन, गेस्टेशनल डायबिटीज, किसी संक्रमण, सर्जरी, हार्ट अटैक या स्ट्रोक की स्थिति में इंसुलिन लेना जरूरी हो जाता है। अगर डॉक्टर इंसुलिन लेने के लिए कह रहे हैं तो आपको उनकी सलाह माननी चाहिए।

सवाल: मेरी उम्र 30 साल है। डायबिटीज की दवाएं ले रही हूं। मुझे कितने अंतराल में शुगर की जांच करनी चाहिए?

जवाब: आपको सप्ताह में कम से कम चार बार घर में ही ग्लूकोमीटर से जांच कर लेनी चाहिए। डायबिटीज के मरीजों के लिए फास्टिंग रेंज 90 से 130 एमजी और खाने के बाद 140 से 180 तक की रेंज सही मानी जाती है। ब्लड शुगर को काबू करने के अलावा ग्लिफ्लोजिन समूह की दवाएं वजन कम करने व दिल व किडनी स्वस्थ रखने में सहायक होती हैं। आपको रोज 2.5 से 3 लिटर पानी पीना चाहिए।

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