
स्मृति मंधाना को नहीं होती मीठा खाने की इच्छा, बोलीं- मां की खुशी के लिए खाती हूं, डायटीशियन ने बताई वजह
शुगर हर किसी की हेल्थ के लिए नुकसानदायक है, यह जानते हुए भी कई लोग इसे नहीं छोड़ पाते। क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने बताया है कि उनको मीठा खाने का मन नहीं करता। डायटीशियन से जानें ऐसा कैसे हो जाता है।
चीनी हमारी सेहत के लिए अच्छी नहीं है, यह बात हर हेल्थ एक्सपर्ट बोलता है। हालांकि जो लोग शुगर खाने के आदी होते हैं, उनके लिए इसे छोड़ना काफी मुश्किल होता है। स्पोर्स्ट्स पर्सन और बॉलीवुड सिलेब्स कई बार बताते रहते हैं कि वह चीनी नहीं खाते। अब क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने भी बताया है कि उन्हें मीठा खाने की इच्छा खुद से नहीं होती। बस वह अपनी मां का दिल रखने के लिए खा लेती हैं। डायटीशियन ने बताया है कि शुगर क्रेविंग्स पर कैसे कंट्रोल पाया जा सकता है।
पूरी तरह नहीं छोड़ पा रहीं चीनी
जतिन सप्रू के यूट्यूब चैनल पर स्मृति मंधाना ने बताया, 'ऐसा नहीं है कि मैं बहुत बुरा(खाना) खाती हूं, लेकिन चीनी एक ऐसी चीज है जिसे मैं पूरी तरह नहीं छोड़ पा रही थी। लेकिन अब इच्छा नहीं होती। अगर मैंने खाई तो मम्मी की खुशी के लिए।'
खा लेती हैं एक-दो जलेबी
स्मृति ने बताया कि वह चीनी तब ही खाती हैं जब सांगली में होती या कोई खास मौका होता है। वह बोलीं, 'मैं अपनी मॉम की खुशी के लिए खाती हूं लेकिन इसलिए नहीं कि मेरा मन हो रहा है।' स्मृति ने बताया कि उनकी मां नई रेसिपी सीखकर उन्हें खिलाती हैं। जैसे जलेबी की नई डिश सीखी तो वह उन्हें खिलाएंगी। वह सांगली में नहीं हैं, कोई टूर नहीं है तो एक-दो जलेबी खा लेती हैं।
कैसे कम होती है चीनी खाने की इच्छा
स्मृति की चीनी खाने की इच्छा कम कैसे हो गई इस पर डायटीशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने इंडियन एक्सप्रेस से बात की। वह बताती हैं, 'जब किसी की चीनी खाने की इच्छा धीरे-धीरे कम होती है तो यह ब्रेन रिवार्ड सिस्टम में न्यूरोप्लास्टिसिटी की वजह से होता है। धीरे-धीरे शुगर डोपामीन रिसेप्टर की संवेदनशीलता को कम कर देता है।' मतलब आप चीनी खाना कम कर देते हैं तो धीरे-धीरे दिमाग को इससे जो खुशी मिल रही होती है वो कम हो जाती है। धीरे-धीरे आपके गट का माइक्रोबायोम बदल जाता है। इसमें फाइबर और कॉम्प्लैक्स कार्ब खाने वाले गुड बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। इसलिए धीरे-धीरे चीन कम करना आसान हो जाता है।
आप क्या कर सकते हैं
डॉक्टर मल्होत्रा ने बताया कि जब आप परेशान होते हैं तो खाने की तरफ मन जाना नैचुरल है। पर इमोशनल ईटिंग को ट्रिगर पहचानकर कम किया जा सकता है। जैसे आप बिना चीनी की चाय पी लें। फ्रूट्स या नट्स खा लें। परिवार के किसी सदस्य से कनेक्ट करें, वॉक करें। ओकेजनली थोड़ी मात्रा में खा लें। अगर पूरी तरह बंद करेंगे तो ज्यादा खाने का मन करेगा।

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