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स्मृति मंधाना को नहीं होती मीठा खाने की इच्छा, बोलीं- मां की खुशी के लिए खाती हूं, डायटीशियन ने बताई वजह

स्मृति मंधाना को नहीं होती मीठा खाने की इच्छा, बोलीं- मां की खुशी के लिए खाती हूं, डायटीशियन ने बताई वजह

संक्षेप:

शुगर हर किसी की हेल्थ के लिए नुकसानदायक है, यह जानते हुए भी कई लोग इसे नहीं छोड़ पाते। क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने बताया है कि उनको मीठा खाने का मन नहीं करता। डायटीशियन से जानें ऐसा कैसे हो जाता है।

Dec 11, 2025 11:45 am ISTKajal Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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चीनी हमारी सेहत के लिए अच्छी नहीं है, यह बात हर हेल्थ एक्सपर्ट बोलता है। हालांकि जो लोग शुगर खाने के आदी होते हैं, उनके लिए इसे छोड़ना काफी मुश्किल होता है। स्पोर्स्ट्स पर्सन और बॉलीवुड सिलेब्स कई बार बताते रहते हैं कि वह चीनी नहीं खाते। अब क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने भी बताया है कि उन्हें मीठा खाने की इच्छा खुद से नहीं होती। बस वह अपनी मां का दिल रखने के लिए खा लेती हैं। डायटीशियन ने बताया है कि शुगर क्रेविंग्स पर कैसे कंट्रोल पाया जा सकता है।

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पूरी तरह नहीं छोड़ पा रहीं चीनी

जतिन सप्रू के यूट्यूब चैनल पर स्मृति मंधाना ने बताया, 'ऐसा नहीं है कि मैं बहुत बुरा(खाना) खाती हूं, लेकिन चीनी एक ऐसी चीज है जिसे मैं पूरी तरह नहीं छोड़ पा रही थी। लेकिन अब इच्छा नहीं होती। अगर मैंने खाई तो मम्मी की खुशी के लिए।'

खा लेती हैं एक-दो जलेबी

स्मृति ने बताया कि वह चीनी तब ही खाती हैं जब सांगली में होती या कोई खास मौका होता है। वह बोलीं, 'मैं अपनी मॉम की खुशी के लिए खाती हूं लेकिन इसलिए नहीं कि मेरा मन हो रहा है।' स्मृति ने बताया कि उनकी मां नई रेसिपी सीखकर उन्हें खिलाती हैं। जैसे जलेबी की नई डिश सीखी तो वह उन्हें खिलाएंगी। वह सांगली में नहीं हैं, कोई टूर नहीं है तो एक-दो जलेबी खा लेती हैं।

कैसे कम होती है चीनी खाने की इच्छा

स्मृति की चीनी खाने की इच्छा कम कैसे हो गई इस पर डायटीशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने इंडियन एक्सप्रेस से बात की। वह बताती हैं, 'जब किसी की चीनी खाने की इच्छा धीरे-धीरे कम होती है तो यह ब्रेन रिवार्ड सिस्टम में न्यूरोप्लास्टिसिटी की वजह से होता है। धीरे-धीरे शुगर डोपामीन रिसेप्टर की संवेदनशीलता को कम कर देता है।' मतलब आप चीनी खाना कम कर देते हैं तो धीरे-धीरे दिमाग को इससे जो खुशी मिल रही होती है वो कम हो जाती है। धीरे-धीरे आपके गट का माइक्रोबायोम बदल जाता है। इसमें फाइबर और कॉम्प्लैक्स कार्ब खाने वाले गुड बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। इसलिए धीरे-धीरे चीन कम करना आसान हो जाता है।

आप क्या कर सकते हैं

डॉक्टर मल्होत्रा ने बताया कि जब आप परेशान होते हैं तो खाने की तरफ मन जाना नैचुरल है। पर इमोशनल ईटिंग को ट्रिगर पहचानकर कम किया जा सकता है। जैसे आप बिना चीनी की चाय पी लें। फ्रूट्स या नट्स खा लें। परिवार के किसी सदस्य से कनेक्ट करें, वॉक करें। ओकेजनली थोड़ी मात्रा में खा लें। अगर पूरी तरह बंद करेंगे तो ज्यादा खाने का मन करेगा।

Kajal Sharma

लेखक के बारे में

Kajal Sharma
काजल शर्मा लाइव हिन्दुस्तान वेबसाइट में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम को लीड करती हैं। पत्रकारिता में 15 वर्षों का अनुभव रखने वाली काजल ने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में मजबूत पहचान बनाई है। फिल्म, टीवी, ओटीटी, फैशन और सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन में उनकी गहरी पकड़ है। सोशल मीडिया ट्रेंड्स और रीडर इंट्रेस्ट की उनकी समझ उन्हें लगातार ट्रेंडिंग और डिस्कवर-फ्रेंडली कंटेंट बनाने में मदद करती है। काजल साइंस ग्रेजुएट (B.Sc–Biology) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। यही बैकग्राउंड उन्हें हेल्थ, फिटनेस, और प्रिवेंटिव केयर जैसे विषयों पर साइंस-आधारित, रिसर्च-ड्रिवेन और एक्सपर्ट-वेरिफाइड रिपोर्टिंग करने में सक्षम बनाता है। 2017 से वह बॉलीवुड-हॉलीवुड फिल्मों के साथ हेल्थ और मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज भी लिख रही हैं, जिनमें वह मेडिकल रिसर्च, डॉक्टर इनपुट और प्रमाणिक स्रोतों पर आधारित जानकारी पाठकों तक पहुंचाती हैं। और पढ़ें

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