आयुर्वेदिक तरह से बॉडी को करें डिटॉक्स, कुछ ही दिन में निकल जाएगी शरीर की गंदगी

Apr 08, 2026 10:28 am ISTAvantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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शरीर को डिटॉक्स करना एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे हम अपने शरीर के अंगों खासतौर से लिवर और किडनी को गंदगी और टॉक्सिन्स से फ्री कर सकते हैं। देखिए बॉडी डिटॉक्स करने के लिए आयुर्वेदिक ड्रुिंक

आयुर्वेदिक तरह से बॉडी को करें डिटॉक्स, कुछ ही दिन में निकल जाएगी शरीर की गंदगी

वैसे तो शरीर नैचुरल तरह से खुद की सफाई करता है, लेकिन आजकल की लाइफस्टाइल को देखते हुए शरीर को एक्सट्रा मदद की जरूरत होती है। क्योंकि जब शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं, तो मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इससे आप बिना किसी खास वजह के थकान और सुस्ती महसूस करने लगते हैं। जब बॉडी डिटॉक्स होती है तो शरीर में मौजूद गंदगी फैट बर्निंग प्रोसेस को भी स्लो कर देती है। ऐसे में डिटॉक्स वजन कम करने में मदद करता है और हेल्दी वेट बनाए रखने के लिए तैयार भी करता है। देखिए, आयुर्वेद के मुताबिक डिटॉक्स ड्रिंक कैसे बनाएं।

डिटॉक्स ड्रिंक बनाने की विधि

-आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण

-1/4 चम्मच गिलोय चूर्ण

-एक चुटकी हल्दी

-एक चम्मच शहद

-एक कप गुनगुना पानी

डिटॉक्स ड्रिंक कैसे बनाएं- इस ड्रिंक को बनाने के लिए गुनगुने पानी में त्रिफला चूर्ण, गिलोय चूर्ण, हल्दी और शहद मिलाएं। इस ड्रिंक में मिलाई जाने वाली चीजें सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं।

1) त्रिफला- आंवला, बहेड़ा और हरड़ से बना त्रिफला शरीर के तीनों दोषों (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करते हैं। यह पुरानी से पुरानी कब्ज को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा ये आंतों की सफाई करता है और पेट फूलने और गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। ये चूर्ण मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और शरीर से एक्सट्रा फैट को हटाने और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।

2)गिलोय चूर्ण- गिलोय चूर्ण का सबसे बड़ा गुण इसका इम्यून सिस्टम बढ़ाना है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं और आपको बीमारियों से बचाते हैं। गिलोय चूर्ण पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और यह कब्ज और एसिडिटी में बहुत आराम देता है।

3) हल्दी-हल्दी को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। इसमें कुरकुमिन होता है, जो अपने औषधीय गुणों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करती है और खून के थक्के जमने से रोकती है

4)शहद- शहद को आयुर्वेद में अमृत माना जाता है। शहद न केवल एक नेचुरल स्वीटनर है, बल्कि इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भरपूर मात्रा में होते हैं। शहद पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है। जो पाचन तंत्र को सुचारू बनाता है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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