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नाक में उंगली डालने वाले हो जाएं सावधान, करानी पड़ सकती है सर्जरी

नाक में उंगली डालने वाले हो जाएं सावधान, करानी पड़ सकती है सर्जरी

संक्षेप:

Nose Picking Side Effects : डॉ. दीप्ति कहती हैं कि नाक में उंगली करना एक बुरी आदत तो माना जाता ही है, लेकिन इसके साथ यह शरीर पर भी कई तरह से बुरा असर डालता है। ये छोटी सी आदत भविष्य में सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों का कारण बन सकती है, आइए जानते हैं कैसे।

Dec 01, 2025 09:04 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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आपने अकसर मेट्रो से लेकर सिनेमा घर तक, कई लोगों को नाक में उंगली करते हुए देखा होगा। लोगों की ये आदत ना सिर्फ देखने वाले को गंदी लगती है बल्कि अनजाने में आपकी सेहत को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। आप सोच रहे होंगे भला, नाक में उंगली करने से कोई कैसे बीमार हो सकता है। तो इसका जवाब लेने के लिए हमने बात की सीके बिड़ला अस्पताल की ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति सिन्हा से। डॉ. दीप्ति कहती हैं कि नाक में उंगली करना एक बुरी आदत तो माना जाता ही है, लेकिन इसके साथ यह शरीर पर भी कई तरह से बुरा असर डालता है। बहुत से लोग इस बात को मजाक समझते हैं, लेकिन व्यक्ति की ये छोटी-मोटी आदत भविष्य में सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों का कारण बन सकती है, आइए जानते हैं कैसे।

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नाक में उंगली डालने के नुकसान

1. नाक से खून आना और अंदरूनी चोट

नाक के अंदर की स्किन बहुत नाज़ुक होती है। बार-बार उंगली डालने से यहां की त्वचा आसानी से छिल जाती है या टूट जाती है। जिसकी वजह से नाक से खून बह सकता है। नाक में उंगली करना अगर व्यक्ति की आदत बन चुका है तो, नाक के अंदर क्रोनिक सूजन और इरिटेशन की समस्या हो सकती है।

2. बढ़ जाता है इंफेक्शन का खतरा

उंगली पर मौजूद बैक्टीरिया नाक में चले जाते हैं, जिससे कई तरह के इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है जैसे-

नेजल वेस्टिबुलिटिस (Nasal vestibulitis)- नाक के अंदरूनी हिस्से का एक संक्रमण है, जो अक्सर बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होता है। इसके लक्षणों में नाक के आसपास पपड़ी जमना, लालिमा, सूजन और दर्द शामिल हैं। यह बहुत ज्यादा नाक साफ करने या नाक खुजलाने जैसे कारणों से हो सकता है।

फोड़े (boils/ furuncle) – बहुत ज्यादा नाक साफ करने से फोड़े हो सकते हैं क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है और बाल के रोम (hair follicles) में जलन हो सकती है।

सेप्टल एब्सेस- एक दुर्लभ और गंभीर स्थिति है जिसमें नाक के सेप्टम (जो दोनों नथुनों को अलग करता है) के भीतर मवाद का संग्रह हो जाता है। यह अक्सर नाक की चोट के बाद होने वाले सेप्टल हेमेटोमा के संक्रमित होने से होता है। इसका इलाज तुरंत किया जाना चाहिए क्योंकि इसमें सर्जरी और एंटीबायोटिक उपचार की आवश्यकता होती है, और यदि इसका इलाज न किया जाए तो यह स्थायी क्षति पहुंचा सकता है। सर्दियों में हवा सूखी होने की वजह से नाक का अंदर का हिस्सा फट जाता है, जिससे संक्रमण और जल्दी हो जाता है।

3. दिमाग तक बैक्टीरिया पहुंचने का खतरा

वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि कुछ खास बैक्टीरिया नाक और दिमाग को जोड़ने वाली घ्राण तंत्रिकाओं (olfactory nerves) के जरिए दिमाग तक पहुंच सकते हैं। यह एक सीधा मार्ग है जिसका उपयोग करके रोगाणु केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) पर आक्रमण कर सकते हैं।

क्लैमाइडिया न्यूमोनिया बैक्टीरिया नाक के रास्ते दिमाग तक पहुंच सकता है और अल्जाइमर रोग (Alzheimer’s disease) से जुड़े बदलावों को ट्रिगर कर सकता है। यह बैक्टीरिया श्वसन संक्रमण का कारण बनता है, लेकिन यह तंत्रिका तंत्र को भी संक्रमित कर सकता है, विशेष रूप से घ्राण (olfactory) और ट्राइजेमिनल तंत्रिकाओं के माध्यम से, जो सीधे दिमाग से जुड़े होते हैं।

4. एलर्जी और इरिटेशन बढ़ना

सर्दियों में ड्राईनेस की वजह से कई लोग नाक में उंगली करते रहते हैं। लेकिन ऐसा करने से ये समस्याएं हो सकते हैं जैसे-

-नाक बंद होना

-छींकें

-ज्यादा म्यूकस

-इरिटेशन

5. गंदी आदत की लत

कई बच्चों और बड़ों में ये धीरे-धीरे बाध्यकारी आदत (compulsive habit) बन जाती है, जो सामाजिक रूप से असहज लगती है।

कैसे छोड़े ये आदत?

नाक में नमी बनाएं रखें। इसके लिए आप सलाइन नेजल स्प्रे का उपयोग कर सकते हैं।

-घर में ह्यूमिडिफायर चलाने से हवा में नमी बढ़ती है, जिससे शुष्क त्वचा, गले में खराश और साइनस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

-नाखूनों को ट्रिम (trim) करके रखें।

-एलर्जी या रूखेपन की दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह और उपचार लें।

डॉक्टर की सलाह

नाक में उंगली डालने की आदत सिर्फ एक गंदी आदत नहीं है, बल्कि इससे खून आने, संक्रमण, पुरानी जलन और यहां तक कि अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे दिमागी स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह बैक्टीरिया और वायरस को सीधे शरीर में प्रवेश करने की अनुमति देता है, जो नाक और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासकर तब जब सर्दियों में, नाक का हिस्सा आधिक ड्राई बना रहता है, इस समय ऐसा करना खासतौर पर अवॉइड करना चाहिए।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain
मंजू ममगाईं लाइव हिन्दुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मंजू ने अपना पीजी डिप्लोमा भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली और ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया हुआ है। इन्हें पत्रकारिता जगत में टीवी, प्रिंट और डिजिटल का कुल मिलाकर 16 साल का अनुभव है। एचटी डिजिटल से पहले मंजू आज तक, अमर उजाला, सहारा समय में भी काम कर चुकी हैं। आज तक में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन लीड करने के बाद अब मंजू एचटी डिजिटल में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए काम कर रही हैं। और पढ़ें

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