
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की डाइट में शामिल हैं कच्चे अंडे, 73 की उम्र में खाते हैं ये फूड्स
Russian President Diet Include Raw Eggs In Breakfast: भारत की यात्रा पर आए हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की फिटनेस के चर्चे हो रहे। 73 की उम्र में उनकी डाइट में ये खास तरह के फूड्स शामिल होते हैं। जिसमे बटेर के कच्चे अंडे शामिल हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भारत की यात्रा पर हैं। भारत-रूस की द्विपक्षीय वार्ता के लिए आए व्लादिमिर पुतिन की फिटनेस जरूर चर्चा का विषय है। 73 की उम्र में फिट और एक्टिव व्लादिमिर की डाइट के चर्चे अक्सर रूसी मीडिया में होते रहते हैं और अब इंडिया आने के साथ ही उनकी खास डाइट के बारे में पता चला है।
दिनभर में क्या खाते हैं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन
रसियन मीडिया में राष्ट्रपति के डाइट के बारे में कई बार बताया गया है। जिसमे ब्रेकफास्ट सबसे जरूरी पार्ट होता है। व्लादिमिर पुतिन अपने दिन की शुरुआत दलिया से करते हैं। जिसके साथ एक खास तरह की फ्रेश चीज परोसी जाती है। जो ट्रेडिशनली फर्मेंटेड ईस्टर्न यूरिपयन चीज है, जिसे टीवोरोग बोला जाता है। इस फ्रेश स्पेशल फर्मेंटेड चीज को शहद के साथ मिक्स करते हैं। इसके अलावा प्रेसिडेंट के ब्रेकफास्ट में क्वेल (बटेर) पक्षी के कच्चे अंडे शामिल होते हैं। जिन्हें पकाने की बजाय ड्रिंक के तौर पर लिया जाता है। साथ ही ब्रेकफास्ट में चुकंदर और हार्सरैडिश का जूस शामिल होता है।
रसियन मीडिया Russia Beyond के मुताबिक पुतिन ओट्स खाने में दिलचस्पी कम लेते हैं। वहीं चावल और बकव्हीट को खाना प्रिफर करते हैं। वो ज्यादा मीठा नहीं खाते केवल शहद ही एक ऐसी मीठी चीज है जिसे वो रोजाना स्वीट सोर्स के तौर पर खाते हैं। हालांकि आइसक्रीम कभी-कभार खा लेते हैं।
डिनर और लंच में क्या खाते हैं पुतिन
पुतिन के मील में वेजिटेबल हमेशा होती हैं। टमाटर, खीरा और सलाद के साथ फिश या मीट में से कुछ एक खाते हैं। मछली के अलावा वो लैम्ब खाना प्रिफर करते हैं। बाकी उनके दिन का शेड्यूल खाने पीने को डिसाइड करता है। शाम के वक्त वो फ्रूट या कैफिर में से कुछ एक लेते हैं। इसके अलावा पुतिन डिनर को पूरी तरह से स्किप कर देते हैं। अगर प्रेसिडेंट ट्रैवल पर होते हैं तो कई बार लोकल डिशेज को ट्राई करते हैं। लेकिन फूड की क्वालिटी काफी कम होती है।
रिसर्च में ब्रेकफास्ट को बताया गया है जरूरी
व्लादिमिर पुतिन का हाई प्रोटीन मील पूरी तरह से साइंस बेक है। साल 2013 की स्टडी के मुताबिक प्रोटीन से भरपूर हैवी ब्रेकफास्ट कार्बोहाइड्रेट से भरे हैवी मील की तुलना में पेट के भरे होने का सिग्नल देने वाले हार्मोन पीवाईवाई और जीएलपी-1 को ज्यादा देर तक शांत रखता है। यहीं नहीं एक और स्टडी में पाया गया कि डेली प्रोटीन रिच ब्रेकफास्ट करने वाले लोगों में शाम के नाश्ते में कमी आई है।
मील स्किप करना नही है सही
हालांकि लंबे टाइम तक कुछ ना खाकर फूड गैप रखना ये अलग-अलग मेटाबॉलिक पैटर्न पर डिपेंड करता है। 2025 की रिसर्च में पाया गया है कि मील स्किप कर देने पर दूसरे मील के बीच होने वाले गैप से ग्लूकोज स्पाइक होती है। वहीं एक दूसरी स्टडी में बताया गया है कि अलग-अलग टाइम पर मील खाना, ब्रेकफास्ट छोड़ देना ग्लूकोज और इंसुलिन फ्लक्चुएशन को बढ़ा देता है।

लेखक के बारे में
Aparajitaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




