क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाने से बढ़ सकता है मिसकैरेज का खतरा? लेडी डॉक्टर से जानें
प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इसे लेकर महिलाओं के मन में कई सवाल रहते हैं। पपीते को लेकर भी अक्सर भ्रम बना रहता है। जानिए कच्चा और पका पपीता खाने को लेकर डॉक्टर क्या सलाह देते हैं।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खानपान का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इसी वजह से पपीते को लेकर भी कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। कुछ लोग कहते हैं कि पपीता पूरी तरह नुकसानदायक होता है, जबकि कुछ इसे सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं। असल में कच्चे और पके पपीते में फर्क होता है। यही कारण है कि डॉक्टर दोनों को अलग तरीके से देखने की सलाह देते हैं।
कच्चा पपीता क्यों नहीं खाने की सलाह दी जाती है?
- गायनेकोलॉजिस्ट वैदेही मराठे के अनुसार, कच्चे या अधपके पपीते में लेटेक्स ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। कुछ लैब स्टडी में इसे गर्भाशय संकुचन से जुड़ा हुआ बताया गया है।
- इसी वजह से शुरुआती गर्भावस्था में कच्चा पपीता खाने से बचने की सलाह दी जाती है।
- हालांकि, हर व्यक्ति की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
क्या पका हुआ पपीता सुरक्षित माना जाता है?
- डॉक्टरों के अनुसार, पका हुआ पपीता सामान्य मात्रा में खाना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। पके पपीते में लेटेक्स की मात्रा काफी कम हो जाती है।
- अगर पपीता पूरी तरह पका हुआ हो, ताजा हो और सीमित मात्रा में खाया जाए तो इसे कई लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं।
पके पपीते में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
पका पपीता कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें विटामिन ए और सी पाए जाते हैं- ये तत्व शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं और पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।
ज्यादा मात्रा में क्यों नहीं खाना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन सही नहीं माना जाता। इसलिए पपीता सीमित मात्रा में ही खाएं, जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचें।
किन महिलाओं को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर किसी महिला की हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी हो, पहले गर्भपात की समस्या रही हो या फिर बार-बार मिसकैरेज का इतिहास हो तो उन्हें अपनी डाइट को लेकर डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
कच्चे और पके पपीते में कैसे पहचान करें?
- कच्चा पपीता हरे रंग का होता है, सख्त होता है और इसमें लेटेक्स ज्यादा हो सकता है।
- पका पपीता पीला या नारंगी दिखता है, मुलायम होता है और स्वाद में मीठा होता है।
प्रेग्नेंसी में फल खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- फल हमेशा धोकर खाएं
- कटे हुए फल लंबे समय तक बाहर ना रखें
- ताजे फल चुनें
- जरूरत से ज्यादा सेवन ना करें
क्या हर गर्भवती महिला के लिए नियम एक जैसे होते हैं?
हर महिला की सेहत और गर्भावस्था अलग होती है। इसलिए खानपान को लेकर एक ही सलाह सभी पर लागू नहीं होती। अगर किसी चीज को लेकर मन में संदेह हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
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