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बाथरूम साफ करने के लिए अलग-अलग टॉयलेट क्लीनर करते हैं यूज तो हो जाएं सावधान, ये हैं नुकसान

बाथरूम साफ करने के लिए अलग-अलग टॉयलेट क्लीनर करते हैं यूज तो हो जाएं सावधान, ये हैं नुकसान

संक्षेप:

Reason Why Mixing Toilet Cleaner Is Dangerous : जिद्दी दाग साफ करने के लिए कुछ लोग एक साथ कई सारे टॉयलेट क्लीनर यूज करने लगते हैं। लेकिन क्या आपको भी लगता है कि यह टॉयलेट साफ करने का वाकई सही तरीका है? यह आदत अनजाने में आपकी सेहत को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।

Dec 15, 2025 05:40 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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टॉयलेट में भले ही आप सबसे कम समय बिताते हों लेकिन हाइजीन से जुड़ी छोटी सी भी लापरवाही आपकी सेहत पर सीधा असर डाल सकती है। यही वजह है कि हर हफ्ते टॉयलेट के जिद्दी दाग साफ करने के लिए कुछ लोग एक साथ कई सारे टॉयलेट क्लीनर यूज करने लगते हैं। लेकिन क्या आपको भी लगता है कि यह टॉयलेट साफ करने का वाकई सही तरीका है? हो सकता है यह गलती आप खुद भी करते हों लेकिन आपको बता दें, आपकी यह आदत अनजाने में आपकी सेहत को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। दरअसल, एक साथ कई टॉयलेट क्लीनर यूज करने से वहां से खतरनाक गैसें निकल सकती हैं, जो आंखों में जलन, सांस की दिक्कत और यहां तक कि फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादात घरों में बाथरूम का साइज छोटा होता है, जो इन गैसों के असर को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है।

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क्यों नहीं मिलाने चाहिए एक साथ दो टॉयलेट क्लीनर?

ज्यादातर घरों में लोग मानते हैं कि एक साथ दो टॉयलेट क्लीनर मिलाकर सफाई करने से ज्यादा अच्छा रिजल्ट मिलेगा। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो यह गलतफहमी आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर टॉयलेट क्लीनर में एसिड (जैसे हाइड्रोक्लोरिक एसिड) तो कुछ में ब्लीच (सोडियम हाइपोक्लोराइट) या अमोनिया मौजूद होता है। लेकिन जब ये अलग-अलग टॉयलेट क्लीनर एक साथ मिल जाते हैं तो जहरीली गैस बनाते हैं, जो व्यक्ति के लिए सांस की तकलीफ, फेफड़ों को नुकसान और कई बार जानलेवा स्थिति तक पैदा कर सकती है। अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों को तो इससे और ज्यादा खतरा हो सकता है।

क्यों बनती है जहरीली गैस?

एसिड वाले क्लीनर और ब्लीच वाले (जैसे डोमेक्स ब्लीच) मिलाने से क्लोरीन गैस पैदा होती है। जो आमतौर पर फर्श पर नीचे बनी रहती है लेकिन सफाई के दौरान झुकने से सांस के जरिए सीधे फेफड़ों में चली जाती है। अगर टॉयलेट बहुत छोटा हो या वेंटिलेशन अच्छा न हो तो गैस ज्यादा घनी होकर पूरे घर में फैल सकती है। जिससे बच्चों, बुजुर्गों या पालतू जानवरों के लिए भी खतरा हो सकता है।

कैसे करें बचाव?

-टॉयलेट साफ करने के लिए हमेशा एक ही क्लीनर का इस्तेमाल करें।

-सफाई के लिए एक साथ कभी भी दो अलग टॉयलेट क्लीनर ना मिलाएं।

-सफाई करने से पहले लेबल अच्छे से पढ़ें। अगर एक क्लीनर में ब्लीच है तो दूसरे में एसिड नहीं होना चाहिए।

-सफाई के समय खिड़की-दरवाजा खोलें, ताकी अच्छा वेंटिलेशन बना रहें।

-टॉयलेट की सफाई हमेशा ग्लव्स पहनकर ही करें। झुककर सांस लेने से बचें।

-गलती से दो टॉयलेट मिलाने पर धुआं महसूस होने लगे तो तुरंत वो जगह छोड़कर फ्रेश हवा में जाएं। सांस की तकलीफ महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain

शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

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दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

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