
पैरों को छूना सिर्फ सम्मान नहीं, शरीर और दिमाग को मिलते हैं ये 5 गजब के फायदे
बहुत कम लोग यह बात जानते होंगे कि सरल सी दिखने वाली यह मुद्रा व्यक्ति के शरीर के ऊर्जा चक्रों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सीधा प्रभाव डालती है। फोर्टिस अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डॉ. सुभाष जांगिड़ से जानते हैं पैरों को छूने से सेहत को मिलते हैं क्या गजब के फायदे।
भारतीय संस्कृति में बड़ों को आदर देने के लिए आमतौर पर उनके चरण स्पर्श किए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं पैरों को छूने के लिए नीचे झुकना सिर्फ एक शिष्टाचार या परंपरा मात्र नहीं है,बल्कि यह श्रद्धा और विज्ञान के उस गहरे संबंध को बताता है, जिसे हमारे पूर्वजों ने सदियों पहले समझ लिया था। प्राचीन मान्यताओं से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, पैरों को छूने की इस क्रिया को एक 'एनर्जी सर्किट' पूरा करने जैसा माना गया है। बहुत कम लोग यह बात जानते होंगे कि सरल सी दिखने वाली यह मुद्रा व्यक्ति के शरीर के ऊर्जा चक्रों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सीधा प्रभाव डालती है। फोर्टिस अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डॉ. सुभाष जांगिड़ कहते हैं कि आगे की ओर झुकने की इस मुद्रा, जिसे सामान्यतः झुककर प्रणाम करना या नमन कहा जाता है, सदियों से विभिन्न सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और व्यायाम परंपराओं में अपनाई जाती रही है। चिकित्सकीय और शारीरिक (फिजियोलॉजिकल) दृष्टिकोण से, सही तरीके से और बिना जोर लगाए की गई यह मुद्रा सेहत से जुड़े कई फायदे देते हैं।
रीढ़ की सेहत
पैरों को छूते समय आगे की ओर झुकने का एक सबसे बड़ा फायदा रीढ़ की सेहत से जुड़ा हुआ है। हल्के रूप से आगे झुकने से रीढ़ के साथ-साथ निचली कमर और हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों में खिंचाव आता है। इससे जकड़न कम होती है, लचीलापन बढ़ता है। इतना ही नहीं लंबे समय तक बैठने या गलत मुद्रा के कारण होने वाले हल्के कमर दर्द में भी राहत मिलती है। नियमित अभ्यास से रीढ़ की सही स्थिति और गतिशीलता बेहतर होती है।
बेहतर रक्त संचार
पैरों को स्पर्श करने की यह मुद्रा रक्त संचार को भी बेहतर बनाती है। जब शरीर का ऊपरी हिस्सा हृदय के स्तर के करीब आता है, तो मस्तिष्क की ओर रक्त प्रवाह अस्थायी रूप से बढ़ जाता है। इससे मस्तिष्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर होती है, जिससे एकाग्रता, मानसिक स्पष्टता और ताजगी का अनुभव हो सकता है। कुछ लोगों को थकान कम होने और सतर्कता बढ़ने जैसी अनुभूति भी होती है।
बेहतर पाचन
पाचन स्वास्थ्य के लिहाज से भी आगे झुकने की मुद्रा लाभकारी मानी जाती है। इस दौरान पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पेट और आंतों की गतिविधि सक्रिय होती है। यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने, मल त्याग को नियमित करने और गैस या कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देने में सहायक हो सकता है। इसी कारण पाचन सुधार के लिए योग और चिकित्सकीय व्यायामों में इस तरह की मुद्राएं शामिल की जाती हैं।
तनाव कम करने में मदद
झुकने की मुद्रा तंत्रिका तंत्र और तनाव कम करने में भी सकारात्मक प्रभाव डालती है। यह पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करती है, जो शरीर को आराम और रिकवरी की अवस्था में लाता है। इसके परिणामस्वरूप हृदय गति और रक्तचाप में हल्की कमी आ सकती है, जिससे मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा मिलता है। तनाव, चिंता या मानसिक दबाव से जूझ रहे लोगों के लिए यह मुद्रा विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
जोड़ों और मांसपेशियों की सेहत
यह मुद्रा जोड़ों और मांसपेशियों की सेहत को भी अच्छा बनाए रखने में मदद करती है। सही ढंग से करने पर यह कूल्हों, घुटनों और टखनों को खिंचाव देती है, साथ ही शरीर को संतुलित रखने वाली मांसपेशियों को मजबूत करती है। समय के साथ यह संतुलन, सही बॉडी पोश्चर और दैनिक गतिविधियों में गतिशीलता को बेहतर बनाती है।
सलाह
आगे झुकने की मुद्रा को सुरक्षित तरीके से करना अत्यंत आवश्यक है। रीढ़ की चोट, गंभीर कमर दर्द, चक्कर आने की समस्या या कुछ विशेष चिकित्सकीय स्थितियों वाले लोगों को यह अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सही और सौम्य तरीके से पैरों को छूने के लिए झुकना एक सरल लेकिन प्रभावी अभ्यास है, जो शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति को बढ़ावा देता है।

लेखक के बारे में
Manju Mamgain
शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।
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