
शुगर बढ़ी हुई रहती है तो ये आयुर्वेदिक चाय पीना शुरू कर दें, न्यूट्रीशनिस्ट श्वेता शाह ने बताई रेसिपी
न्यूट्रीशनिस्ट श्वेता शाह ने एक पोस्ट के जरिए आयुर्वेदिक डायबिटिक टी की रेसिपी शेयर की है। अगर आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है या खाने के बाद अचानक स्पाइक हो जाता है, तो ये आपको बहुत फायदा कर सकती है।
डाइबिटीज यानी शुगर की बीमारी आजकल बहुत कॉमन होती जा रही है। चूंकि ये एक लाइफस्टाइल संबंधी बीमारी है इसलिए अपने खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव कर के ही इसे कंट्रोल किया जा सकता है। अब कई लोग नियमित रूप से इसकी दवाई भी लेते हैं, लेकिन तब भी उनका शुगर बढ़ा हुआ रहता है। ऐसे में अगर आप अपनी डाइट के साथ साथ कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे भी ट्राई करें, तो काफी फायदा मिल सकता है। सेलिब्रिटी न्यूट्रीशनिस्ट श्वेता शाह ने एक पोस्ट के जरिए आयुर्वेदिक डायबिटिक टी की रेसिपी शेयर की है। अगर आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है या खाने के बाद अचानक स्पाइक हो जाता है, तो ये आयुर्वेदिक चाय आपको बहुत फायदा कर सकती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
डायबिटीज में फायदा देगी ये आयुर्वेदिक चाय
न्यूट्रीशनिस्ट श्वेता शाह एक पोस्ट के जरिए बताती हैं कि ये आयुर्वेदिक डायबिटिक टी अगर आप रोजाना पीते हैं, तो इंसुलिन रेस्पॉन्स बेहतर होता है। साथ ही क्रेविंग्स भी नेचुरली कंट्रोल होती हैं। अगर आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है या खाना खाने के बाद अचानक स्पाइक हो जाता है, तो ये आयुर्वेदिक टी आपको जरूर अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए।
इन सामग्रियों की जरूरत होगी
आयुर्वेदिक डायबिटिक टी बनाने के लिए आपको ये चीजें लेनी हैं, गुड़मार (1/4 चम्मच), दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा या 1/8 चम्मच पाउडर, आधा चम्मच मेथी दाना, 4-5 तुलसी के पत्ते, चुटकी भर सौंठ, आधा कप पानी, 1 स्टीविया का पत्ता (ऑप्शनल)।
ऐसे बनाएं आयुर्वेदिक चाय
सबसे पहले एक पैन में लगभग डेढ़ कप पानी लें। फिर इसमें मेथी दाना, दालचीनी, तुलसी के पत्ते और सौंठ डालकर लगभग 5-6 मिनट के लिए उबलने दें। अब गैस को बंद कर दें। इसके बाद इसमें गुड़मार पाउडर मिला दें। ध्यान रखें आपको कभी भी गुड़मार को उबालना नहीं है। इसे हमेशा गैस बंद करने के बाद ही एड करें। अब पैन को दो मिनट के लिए ढककर छोड़ दें। इसके बाद चाय को छान लें और गरम-गरम पी जाएं।
जानें कैसे फायदा करती है
न्यूट्रीशनिस्ट बताती हैं कि इस चाय में गुड़मार है, जो शुगर के अवशोषण को कम करता है और क्रेविंग्स भी कंट्रोल करता है। वहीं मेथी दाना इंसुलिन सेंसिटिविटी को इंप्रूव करता है। इसमें दालचीनी भी है, जो कार्ब्स के ब्रेकडाउन में मदद करती है। साथ ही तुलसी इन्फ्लेमेशन को कम करने में फायदेमंद है। चाय में मौजूद सौंठ पाचन और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करती है। कुल मिलाकर कहें तो ये आयुर्वेदिक चाय आपकी डायबिटीज और ओवरऑल हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद है।
इस आयुर्वेदिक चाय को लेना कब है?
न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार इस आयुर्वेदिक ड्रिंक को आप मिड मॉर्निंग में ले सकते हैं, यानी ब्रेकफास्ट के 2 से 3 घंटे बाद। इसके अलावा इस चाय को लंच के आधा घंटे बाद भी लिया जा सकता है। वहीं, जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या है, वो लोग इसे खाली पेट लेना एकदम अवॉइड करें।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




