इंटरमिटेंट फास्टिंग बिगाड़ देगी सेहत, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया अवॉएड करें ये 3 गलतियां
Avoid Mistakes With Intermittent Fasting: वेट लॉस के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग काफी सारे लोग करना चाहते हैं लेकिन सही जानकारी ना होने की वजह से अक्सर सिर दर्द, थकान और वेट गेन की समस्या झेलने लगते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट से जानें इंटरमिटेंट फास्टिंग में कौन सी 3 गलतियों को ना करें।

वेट लॉस के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करना काफी कॉमन है। अक्सर लोग बगैर पूरी जानकारी के इंटरमिटेंट फास्टिंग करना शुरू कर देते हैं। जबकि फास्टिंग के बेसिक रूल पता नही होने की वजह से उन्हें कई बार हेल्थ रिलेटेड परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सिर दर्द, माइग्रेन, शरीर में इंफ्लेमेशन और लो एनर्जी ऐसे लोगों की मेन समस्या बन जाती है। अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग करने के बारे में सोच रहे हैं तो न्यूट्रिशनिस्ट डिंपल जैन से जान लें कौन सी 3 गलतियों को नहीं करना है।
फास्टिंग के दौरान सनराइज के साथ दिन शुरू करें
अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग करना चाह रहे हैं तो अपने दिन की शुरुआत सूर्योदय के साथ करें। बॉडी को सरकार्डियन रिदम के हिसाब से सेट करें। हार्मोंस को सनराइज और सनसेट के हिसाब से फिक्स करें। सूर्यास्त के साथ ही सोएं। जब सनराइज तो तब ही खाना शुरू करें और सनसेट के साथ खाना बंद कर दें। क्योंकि फास्टिंग का बेस्ट टाइम शाम को सनसेट से स्टार्ट करके यानी 6-7 बजे के बीच शुरू करें और सुबह सनराइज यानी 6-7 बजे के बीच तक ही करें।
दोपहर के 3-4 घंटे फास्टिंग करने की गलती
न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि काफी सारे लोग दोपहर के समय फास्टिंग करते हैं और अपना लंच स्किप कर देते हैं, जो कि सबसे बड़ी मिस्टेक है। दोपहर के 12-2 बजे के बीच जब सूरज सबसे ज्यादा चमकता है तो पेट में भी जठराग्नि तेज होती है। मेटाबॉलिक फायर तेज होता है। दोपहर का खाना सबसे जरूरी है। अपने दिन की शुरुआत सनराइज के साथ लाइट ब्रेकफास्ट के साथ करें और दोपहर में लंच में प्रोटीन, कार्ब्स, फाइबर का सही बैलेंस हो। जिसे शरीर तेजी से दोपहर में डाइजेस्ट करता है और न्यूट्रिशन को अब्जॉर्ब करता है। और सनसेट के साथ छोटे मील खाएं।
दिनभर फास्टिंग के बाद शाम को हैवी मील खाने की मिस्टेक
न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि काफी सारे लोग दिनभर फास्टिंग करने के बाद शाम को दिनभर का सबसे हैवी मील डिनर में खाते हैं। शाम के 7-8 बजे हैवी डिनर करने के बाद सोने से पेट में हैवी बिना पचा फूड पड़ा रहता है जो आपकी मेंटल क्लियेरिटी, गट हेल्थ, मेटाबॉलिज्म और इम्यूनिटी को प्रभावित करता है। जिससे वेट गेन होने लगता है। इसलिए फास्टिंग का सही रूल जरूर जानें। फास्टिंग का मतलब बॉडी का डिटॉक्सिफिकेशन है, जिससे लिवर, गट रिलैक्स करें और माइंड में क्लैरिफिकेशन और कॉर्डिनेशन बढ़े।
लेखक के बारे में
Aparajitaशॉर्ट बायो
अपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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अपराजिता शुक्ला पिछले छह से अधिक सालों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती आ रही हैं। करियर की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल में इंटर्नशिप और फिर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में की। जहां पर उन्हें मिसेज इंडिया 2021 की रनर अप के इंटरव्यू को भी कवर करने का मौका मिला। वहीं अब लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अपराजिता शुक्ला ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.कॉम के साथ मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है।
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