
चावल-आलू खाने से बचते हैं तो जान लें सेलिब्रेटी न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया खाने का सही तरीका
Right way to eat rice and potato: मोटापा, डायबिटीज ना हो जाए इस डर से चावल और आलू जैसे फूड को खाना छोड़ दिया है। तो सेलिब्रेटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा से जान लें इन कार्ब रिच फूड को खाने का सही तरीका। जिससे शुगर स्पाइक ना हो और इन फूड्स से न्यूट्रिशन मिले।
मोटापा बढ़ रहा हो तो सबसे पहले रोटी और चावल खाने से मना किया जाता है। आजकल आसपास के लोग भी आपको यहीं सलाह देते मिलेंगे कि चावल खाना छोड़ दो या गेंहू की रोटी ना खाओ, आलू ना खाओ। लेकिन रोटी-चावल छोड़कर रहना हर किसी के लिए मुश्किल है। क्योंकि कार्बोहाइड्रेट फूड्स हमारी डाइट से ज्यादा लाइफ का अहम हिस्सा है। इंडियन थाली रोटी और चावल से ही पूरी होती है। ऐसे में कार्ब्स रिच फूड जैसे रोटी, चावल, पास्ता, ब्रेड, आलू को छोड़ना मुश्किल हो जाता है। कुछ लोगों का तो फेवरेट होता है आलू। खासतौर पर जिन लोगों को डायिबिटीज का डर होता है या ब्लड शुगर स्पाइक होने का डर रहता है। उन्हें ये सारी चीजें छोड़कर रहना पड़ता है। लेकिन अगर कोई आपको कार्ब्स रिच फूड को खाने का सही तरीका बता दे तो? दरअसल, सेलिब्रेटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है। जिसमे वो रोटी, चावल, पास्ता और ब्रेड को खाने का सही तरीका बता रही हैं। जिससे कि शुगर स्पाइक ना हो और आप इन फूड्स को आराम से खा सकें।

सेलिब्रेटी न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कार्ब खाने का सही तरीका
सेलिब्रेटी न्यूट्रिशनिस्ट का ओल्ड वीडियो वायरल हो रहा। जिसमे वो कार्ब खाने का सही तरीका बता रही है। रोटी से लेकर पास्ता जैसे कार्ब रिच फूड्स को खाने के लिए पूजा मखीजा ने कुक-कूल एंड रीहीट प्रोसेस को बताया है। न्यूट्रिशनिस्ट पूजा बताती हैं कि चावल को पकाएं और उसे किसी बर्तन में डालकर ठंडा करके फ्रिज में डाल दें। अगले दिन फ्रिज से निकालें और फिर उसे अच्छी तरह से रीहीट कर लें और खाएं। यहीं प्रोसेस आप नूडल्स, पास्ता, आलू और ब्रेड के साथ भी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए ब्रेड को फ्रिज में रख दें और फिर अगले दिन निकालकर सीधे टोस्टर में डालकर गर्म करें। फिर खाएं। ऐसा करने से कार्ब रिच फूड शुगर स्पाइक नहीं करेंगे।
चावल,आलू, पास्ता जैसे फूड को ठंडा करके खाने के फायदे
पूजा बताती हैं कि जब हम कार्ब फूड को कूल कर देते हैं तो 50 प्रतिशत तक का स्टार्च रेजिस्टेंस स्टार्च में कन्वर्ट हो जाता है। और, रेजिस्टेंस स्टार्च फाइबर की तरह काम करता है और गट को गुड बैक्टीरिया देता है।
इसके साथ ही रेजिस्टेंस स्टार्च शुगर स्पाइक को आधा कर देता है। जिससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है और क्रेविंग्स कम होती है।
चूंकि, रेजिस्टेंस स्टार्च डायटरी फाइबर की तरह काम करता है। इसलिए आपको देर तक भूख नहीं लगती है।
इसके साथ ही ये स्टार्च डाइजेशन को बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।

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