ना फेंके जामुन की गुठली, सालभर उठाना है फायदा तो इस तरह करें स्टोर, जानें कैसे खाएं

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गर्मियों में आने वाले जामुन एक सुपरफूड है जो डायबिटीज मैनेज करने के लिए बेस्ट माने जाते हैं। गर्मी के दिनों में सिर्फ दो महीने आने वाले जामुन का फायदा सालभर लेने के लिए यहां जानिए एक्सपर्ट की राय।

ना फेंके जामुन की गुठली, सालभर उठाना है फायदा तो इस तरह करें स्टोर, जानें कैसे खाएं

डायबिटीज मैनेज करने के लिए जामुन को अच्छा फल माना जाता है। ये मीठा और कसैला फल सिर्फ गर्मियों के मौसम में ही आता है। इसमें जैम्बोलिन और जैम्बोसिन नाम के तत्व पाए जाते हैं, जो खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा अगर आपको पेट से जुड़ी समस्याएं हैं, तो जामुन आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। यह लिवर को हेल्दी रखता है और कब्ज, एसिडिटी व अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। आयुर्वेद में जामुन फल, पत्तों और यहां तक कि इसकी गुठली का भी बहुत महत्व है। क्योंकि ये फल सिर्फ गर्मियों के दिनों में आता है ऐसे में इस फल का फायदा सालभर उठाने के लिए हार्मोन हेल्थ और वेट लॉस एक्सपर्ट लीमा महाजन ने जामुन की गुठलियों को स्टोर करने और खाने का तरीका बताया है। आप भी जानिए-

फायदेमंद हैं जामुन के बीज

जामुन के बीजों को डायबिटीज के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन नैचुरल दवाओं में से एक माना जाता है। इसमें जैम्बोलिन और जैम्बोसिन जैसे जादुई ग्लूकोसाइड और एल्कलॉइड हैं, जो शरीर में स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को स्लो कर देते हैं। इससे खून में अचानक शुगर का लेवल नहीं बढ़ता। इन बीजों में पॉलीफेनॉल, क्वेरसेटिन, एलाजिक एसिड, टैनिन और फ्लेवोनोइड्स होते हैं। ये सभी यौगिक मिलकर खाने के बाद ग्लूकोज प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं, सूजन को कम करते हैं और इंसुलिन सेंसटिविटी को सपोर्ट करते हैं।

जामुन के बीजों में निम्नलिखित खनिज भी पाए जाते हैं:

जामुन का फल जितना गुणकारी है, उसकी गुठली भी उतनी ही पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही जामुन की गुठली को मिनरल्स और पोषक तत्वों का एक बेहतरीन स्रोत मानते हैं। इन गुठलियों में आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, पोटेशियम होता है।

किन चीजों में मददगार हैं जामुन के बीज

जामुन के बीज इंसुलिन प्रतिरोध, मेटाबोलिक सिंड्रोम, फैटी लिवर, सूजन, कोलेस्ट्रॉल और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

जामुन के बीज का पाउडर कैसे बनाएं

जामुन के बीजों का पाउडर बनाने के लिए बीजों को अच्छी तरह धो लें। फिर 4-5 दिनों तक पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रखें कि बीजों में कोई नमी न रह जाए। फिर इन बीजों को बारीक पाउडर में पीस लें और एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

कैसे करें पाउडर का इस्तेमाल

एक्सपर्ट के मुताबिक आप इस पाउडर का आधा से एक छोटा चम्मच पानी या छाछ के साथ ले सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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