
न्यूट्रिशनिस्ट डिंपल जांगड़ा ने बताईं आंखों को खराब करने वाली 2 कॉमन आदतें
अगर आंखों में जलन, धुंधलापन या थकान महसूस होती है तो इसकी वजह आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतें हो सकती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट डिंपल जांगड़ा बता रही हैं आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली 2 बड़ी गलतियां।
आजकल आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ही आंखों में जलन, धुंधला दिखना, सिरदर्द और आंखों की थकान आम हो गई है। न्यूट्रिशनिस्ट डिंपल जांगड़ा के अनुसार, इसकी बड़ी वजह हमारी कुछ रोजमर्रा की आदतें हैं, जो धीरे-धीरे आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं।
- गरम पानी से बाल धोना: सर्दियों में गरम पानी से बाल धोना भले ही सुकून देता हो, लेकिन यह आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डिंपल जांगड़ा बताती हैं कि गरम पानी सिर के संवेदनशील नर्व्स को गर्म कर देता है। आंखों की ऑप्टिकल नर्व्स बेहद हीट-सेंसिटिव होती हैं। बार-बार गरम पानी के संपर्क में आने से ये नर्व्स कमजोर हो सकती हैं, जिससे आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है। उनके अनुसार, गर्मियों में ठंडे पानी और सर्दियों में हल्के गुनगुने पानी से बाल धोना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
- लंबे समय तक कंप्यूटर स्क्रीन देखना: लगातार स्क्रीन पर नजर गड़ाए रखना आंखों की दूसरी बड़ी दुश्मन आदत है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से शॉर्ट-रेंज ऑप्टिकल नर्व्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे आंखों में थकान, सूखापन और जलन बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए डिंपल जांगड़ा 20-20-20 रूल अपनाने की सलाह देती हैं। हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इससे लॉन्ग-रेंज ऑप्टिकल नर्व्स को एक्सरसाइज मिलती है और आंखों को राहत मिलती है।
आंखों के लिए आयुर्वेदिक उपाय
- आंखों की गर्मी कम करने के लिए सुबह मुंह में पानी भरकर आंखों पर ठंडा पानी छिड़कें और फिर पानी थूक दें। इससे शरीर और आंखों की गर्मी बाहर निकलती है।
- आंखों को नारियल पानी से धोना, खीरे का रस और ऑर्गेनिक गुलाब जल लगाना भी फायदेमंद होता है। आंखों को ठंडक मिलती है।
- इसके अलावा,पानी में त्रिफला उबालें और छान कर रख लें, फिर ठंडा हो जाने पर उससे आंखें धो लें। ऐसा करने से बैक्टीरिया कम होते हैं।
- डाइट में विटामिन A और E से युक्त चीजों को शामिल करें। जैसे- गाजर, बादाम, आदि- ये आंखों की रोशनी के लिए अच्छे होते हैं।
नोट: आयुर्वेद के अनुसार, आंखें पित्त का मुख्य स्थान होती हैं। पित्त बढ़ने पर आंखों में लालिमा, डार्क सर्कल, तनाव और थकान नजर आने लगती है। इसलिए सही आदतें अपनाकर और ठंडक देने वाले उपाय करके आंखों की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।

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