
30 साल से भी ज्यादा एक्सपीरिएंस वाले न्यूरोसर्जन ने बताया थकान के बाद भी क्यों नहीं आती नींद? ये 4 तरीके दिलाएंगे आराम
Why can't sleep even after being very tired: दिनभर की थकान के बाद भी रात को करवट बदलते रहते हैं। तो इसका कारण आपकी दिनभर की एक्टीविटी हो सकती हैं। 33 साल एक्सपीरिएंस वाले न्यूरोसर्जन ने बताया कैसे पाएं गुड स्लीप।
अक्सर आपने नोटिस किया होगा कि दिनभर काम करने और थकान होने के बाद भी आंखों से नींद ही गायब हो जाती है। रातभर सोने की कोशिश करने के बाद भी उल्लूओं की तरह जागते रह जाते हैं। नतीजा सुबह के समय और भी ज्यादा शरीर में भारीपन और थकान हावी होने लगती है। दरअसल, ज्यादा थकान के बाद अच्छी नींद आएगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। 33 साल से भी ज्यादा एक्सपीरिएंस वाले न्यूरोसर्जन डॉक्टर प्रशांत काटाकोल ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है और इस कॉमन प्रॉब्लम के कारण को बताया है।

आखिर क्यों थकान के बावजूद नींद नहीं आती?
डॉक्टर ने वीडियो में शेयर कर थकान के बावजूद नींद ना आने के कारण को शेयर किया है। डॉक्टर प्रशांत बताते हैं कि न्यूरोसर्जन होने की वजह से मैं बता सकता हूं कि आखिर दिन की वो कौन सी आदतें हैं जो रात को नींद ना आने की वजह बन जाती हैं। दरअसल, दिनभर काम करने की च्वॉइस रात को आपकी नींद को डिसाइड कर सकती है।
अच्छी नींद के लिए न्यूरोसर्जन ने शेयर किए 4 टिप्स
न्यूरोसर्जन ने रात को अच्छी नींद लाने के लिए 4 टिप्स शेयर किए हैं। जिसकी मदद से दिन की एक्टीविटी को चेंज कर रात को गुड स्लीप लाने में मदद मिल सकती है।
वॉक है जरूरी
रात को नींद ना आने का एक कारण घंटों इनएक्टिव रहता है। बहुत सारे लोग कई घंटे लगातार बैठे रहते हैं। ऑफिस में बैठकर काम करने के साथ छुट्टी वाले दिन भी बिंजे वॉच करते हैं। जिसका नतीजा रात को नींद नहीं आना। माइंड की थकान के साथ ही शरीर का एक्टिव रहना भी जरूरी है। इसलिए दिन के वक्त बैठने से ज्यादा वॉक करें। इससे नींद अच्छी आएगी।
लाइट धीमी कर दें
एक बार सूर्यास्त के बाद घर की लाइट्स को धीमा कर दें। न्यूरोसर्जन ने एडवाइज दी कि बेड पर जाने से पहले घर की लाइट को धीमा करना जरूरी है।
बेडटाइम के पहले नो स्क्रीनटाइम
बेड पर सोने जाने से करीब 3 घंटा पहले ही मोबाइल, टीवी और कम्प्यूटर की स्क्रीन से दूर हो जाना चाहिए। गुड स्लीप के लिए ये हैबिट बेहद जरूरी है। इसलिए ऑफिस के घर आने के बाद एंटरटेनमेंट के लिए टीवी और वेबसीरीज देखने की आदत को कम कर दें।
जल्दी डिनर है जरूरी
इसके साथ ही चौथी आदत जो गुड स्लीप में मदद करती है। वो है सूर्यास्त के साथ डिनर। रात का खाना सनसेट के साथ हो जाना चाहिए। इसके साथ ही करीब 20 मिनट की वॉक। ये आदत डाइजेस्टिव डिस्कम्फर्ट को कम करेगी और अच्छी नींद लाने में मदद मिलेगी। रात को सोने से थोड़ी देर पहले खाने से डाइजेशन प्रोसेस डिस्टर्ब होता है। इसलिए जल्दी खाने के साथ वॉक करना चाहिए। ऐसा करने से ब्लोटिंग फील नहीं होती है और बिस्तर पर लेटने के बाद डिस्कम्फर्ट फील नहीं होता और नींद डिस्टर्ब नहीं होती। न्यूरोसर्जन बताते हैं कि इन 4 आदतों को अगर लगातार फॉलो किया जाए तो रिजल्ट दिखेगा और अच्छी नींद आने में मदद मिलेगी।

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