कड़वी है, लेकिन काम की भी! नीम की दातून के ये फायदे जान लें

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

आज के समय में ज्यादातर लोग टूथब्रश और टूथपेस्ट से दांत साफ करते हैं, लेकिन नीम की दातून का इस्तेमाल भी पूरी तरह पुराना नहीं हुआ है। जानिए दातून से दांतों और मसूड़ों को क्या फायदा मिल सकता है।

Neem ki datun ke fayde
टूथब्रश के दौर में भी नीम की दातून कई लोग करते हैं। जानें, दांतों और मसूड़ों के लिए इसके क्या फायदे हैं।

सुबह उठते ही ज्यादातर लोगों के हाथ में टूथब्रश होता है। लेकिन अगर आपको कभी नीम की दातून करने का मौका मिला है, तो उसका स्वाद और मुंह में आने वाली ताजगी शायद याद होगी। दातून का चलन पुराना जरूर है, लेकिन आज भी कई लोग इसे पसंद करते हैं। खास बात यह है कि नीम की दातून को लेकर सिर्फ पुरानी बातें ही नहीं हैं। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक गुणों की वजह से आज भी लोग इसे अपनी रोज की ओरल केयर में जगह देते हैं।

लेकिन क्या दातून सच में दांतों और मसूड़ों के लिए फायदेमंद है? क्या इसे रोज किया जा सकता है और क्या यह टूथब्रश की जगह ले सकती है? इन सवालों को समझना जरूरी है, खासकर तब जब सोशल मीडिया पर दांतों से जुड़े कई घरेलू नुस्खे तेजी से वायरल होते रहते हैं।

क्या फायदा हो सकता है?

  1. दांतों की सफाई: दातून को चबाने के बाद जब उसका सिरा नरम हो जाता है, तो उससे दांतों को हल्के हाथ से साफ करें। इससे दांतों पर जमा गंदगी हटाने में मदद मिलती है।
  2. मसूड़ों की सफाई: दातून को हल्के हाथ से इस्तेमाल करने पर मसूड़ों के आसपास की गंदगी भी साफ होती है। लेकिन मसूड़ों को जोर से रगड़ना सही नहीं है।
  3. मुंह की बदबू: अगर मुंह की सफाई ठीक से ना हो तो बदबू रहती है। दातून से मुंह साफ करने के बाद कुछ लोगों को मुंह ज्यादा साफ और फ्रेश फील हो सकता है।
  4. बजट फ्रेंडली तरीका: नीम की दातून के लिए टूथपेस्ट या किसी दूसरे सामान की जरूरत ही नहीं होती। अगर आपके आसपास साफ नीम का पेड़ है, तो इसकी एक छोटी टहनी ही यूज कर लें।

नीम की दातून कैसे करें?

  • सबसे पहले नीम की एक साफ और पतली टहनी लें। ध्यान रखें कि उस पर धूल या गंदगी ना लगी हो।
  • अब टहनी के एक सिरे को थोड़ा चबाएं। जब वह नरम होकर रेशे जैसा हो जाए, तो उससे दांतों को धीरे-धीरे साफ करें।
  • दांतों के आगे और पीछे दोनों तरफ हल्के हाथ से दातून चलाएं। मसूड़ों पर भी इसे बहुत आराम से इस्तेमाल करें।
  • दातून करने के बाद पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें।

दातून करते समय इन गलतियों से बचें

  1. बहुत जोर से ना रगड़ें: इससे मसूड़ों में चोट लग सकती है।
  2. गंदी टहनी ना लें: धूल या गंदगी वाली टहनी मुंह में ना डालें।
  3. दातून किसी के साथ शेयर ना करें: यह हाइजीन के हिसाब से सही नहीं है।
  4. पुरानी दातून दोबारा इस्तेमाल ना करें: हर बार साफ और ताजी टहनी लेना ही बेहतर है।
  5. दर्द होने पर दातून से इलाज ना करें: दांत में दर्द, मसूड़ों से खून, सूजन या लगातार बदबू हो तो डॉक्टर से मिलें।

क्या सिर्फ दातून से दांत साफ करना काफी है?

अगर आप नीम की दातून इस्तेमाल करते हैं, तब भी दांतों की पूरी देखभाल जरूरी है। दांतों में कीड़ा, मसूड़ों की बीमारी या दूसरी समस्या होने पर सिर्फ दातून से उसे ठीक करने की कोशिश ना करें। नीम की दातून को ऑप्शनल तरीका ही मानें, इसे ब्रश का पक्का विकल्प समझना सही नहीं होगा। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


करियर का सफर

लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।


विशेषज्ञता

शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।


पुरस्कार

लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

और पढ़ें
Hindi News , Lifestyle News in Hindi , Health News , Recipe , Fashion , Beauty और Fitness से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi Newsलाइफस्टाइल न्यूज़हेल्थकड़वी है, लेकिन काम की भी! नीम की दातून के ये फायदे जान लें