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ठंड ही नहीं बढ़ता प्रदूषण भी ट्रिगर कर सकता है आर्थराइटिस की समस्या, ड़ॉक्टर ने बताएं कारण और बचाव के उपाय

ठंड ही नहीं बढ़ता प्रदूषण भी ट्रिगर कर सकता है आर्थराइटिस की समस्या, ड़ॉक्टर ने बताएं कारण और बचाव के उपाय

संक्षेप:

National Pollution Control Day 2025: ठंड को रुमेटॉइड आर्थराइटिस के बढ़ने की वजह माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो सर्दियों में बढ़ता प्रदूषण भी इसके पीछे की एक सबसे नजरअंदाज की जाने वाली एक वजह है।

Dec 02, 2025 12:32 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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National Pollution Control Day 2025 : हर साल 02 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की याद में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2025 मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच प्रदूषण नियंत्रण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है। बता दें सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण अन्य मौसमों की तुलना में ज्यादा गंभीर बना रहता है। जिससे रुमेटॉइड आर्थराइटिस (RA) वाले लोगों के लिए दोहरी समस्या पैदा हो जाती है।

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क्या है रुमेटॉइड आर्थराइटिस की समस्या

रुमेटॉइड आर्थराइटिस, एक ऑटोइम्यून बीमारी है। जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों के ऊतकों पर हमला करती है, जिससे दर्द, सूजन और अकड़न होती है। यह आमतौर पर हाथों, कलाई, पैरों और घुटनों जैसे जोड़ों को प्रभावित करता है और इससे थकान, कभी-कभी बुखार और अन्य अंगों को भी नुकसान हो सकता है। आमतौर पर ठंड को इसके बढ़ने की वजह माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो सर्दियों में बढ़ता प्रदूषण भी इसके पीछे की एक सबसे नजरअंदाज की जाने वाली एक वजह है।

क्या कहते है डॉक्टर

सीके बिड़ला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी माईचंद कहते हैं कि ठंड के दिनों में स्मॉग, धुएं, और गाड़ियों के उत्सर्जन में तेजी से बढ़ोतरी होती है। जिसकी वजह से खराब हवा की गुणवत्ता RA (रिमेटॉइड आर्थराइटिस) के लक्षणों को खराब कर सकती है, क्योंकि वायु प्रदूषण शरीर में सूजन और तनाव पैदा कर सकता है, जो RA को ट्रिगर या बढ़ा सकता है।

प्रदूषण कैसे बढ़ा सकता है रुमेटीइड गठिया (RA) के लक्षण

सर्दियों में तापमान व्युत्क्रमण (temperature inversion) के कारण प्रदूषक कण जमीन के पास फंस जाते हैं, जिससे PM2.5 और PM10 का स्तर बढ़ जाता है। यह एक 'टोपी' की तरह काम करता है, जो गर्म प्रदूषित हवा को ऊपर उठने से रोकती है, जिससे जमीन के पास वायुमंडल की परत और भी प्रदूषित हो जाती है। ये छोटे-छोटे कण फेफड़ों से होते हुए खून तक पहुंच सकते हैं और पूरे शरीर में सूजन बढ़ा देते हैं। रुमेटीइड गठिया (RA) में ओवरएक्टिव इम्यून सिस्टम अतिरिक्त सूजन (inflammation) पैदा करता है, जो जोड़ों के दर्द, सूजन, सुबह की अकड़न और थकान को बढ़ा सकता है।

कई रिसर्च बताती हैं कि NO₂, SO₂ और ओजोन जैसे प्रदूषक शरीर में साइटोकिन्स (TNF-α, IL-6) को बढ़ाते हैं—जो RA वाले लोगों में पहले से ही उच्च स्तर पर होते हैं। इस तरह, थोड़े समय का प्रदूषण भी RA के लक्षणों को बढ़ा या उन्हें लंबा खींच सकता है, जो फ्लेयर-अप का कारण बन सकता है।

सर्दियों में घर के अंदर प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, क्योंकि लोग ज्यादा समय घर के अंदर बिताते हैं और वेंटिलेशन कम होता है। धूल, पालतू जानवरों के बाल, हीटर का धुआं, कुकिंग का धुआं, सब मिलकर शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं।

RA मरीज सर्दियों में फ्लेयर-अप से बचने के लिए क्या कर सकते हैं

रूमेटाइड आर्थराइटिस (RA) के मरीज सर्दियों में Flare-up से बचने के लिए खुद को गर्म रखें, स्वच्छता बनाए रखें, नियमित व्यायाम करें, धूप लें, और तनाव प्रबंधन पर ध्यान दें। इसमें कई परतों में गर्म कपड़े पहनना, हाथों को नियमित धोना, और हाइड्रेटेड रहना भी शामिल है। इसके अलावा इन बातों का भी रखें ध्यान-

-एयर क्वालिटी चेक करते रहें और AQI खराब हो तो बाहर कम जाएं।

-बाहर निकलें खासकर सुबह के समय तो N95 मास्क पहनें।

-घर की हवा साफ रखें। कमरों में हवा आने दें, एयर प्यूरीफायर चलाएं, धूपबत्ती/मोमबत्ती कम इस्तेमाल करें और सफाई रखें।

-जोड़ों के लिए गर्म सेक, हल्की स्ट्रेचिंग और घर में एक्टिव रहना मदद करता है।

-दवाइयां नियमित लें।

डॉक्टर की सलाह

प्रदूषण RA का कारण नहीं है, लेकिन उसके लक्षणों को काफी बिगाड़ सकता है। इस कनेक्शन को समझकर लोग सर्दियों में अपनी सेहत को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं और लक्षणों को कंट्रोल में रख सकते हैं।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain
मंजू ममगाईं लाइव हिन्दुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मंजू ने अपना पीजी डिप्लोमा भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली और ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया हुआ है। इन्हें पत्रकारिता जगत में टीवी, प्रिंट और डिजिटल का कुल मिलाकर 16 साल का अनुभव है। एचटी डिजिटल से पहले मंजू आज तक, अमर उजाला, सहारा समय में भी काम कर चुकी हैं। आज तक में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन लीड करने के बाद अब मंजू एचटी डिजिटल में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए काम कर रही हैं। और पढ़ें

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