उबला, भुना या भाप में पका! आपकी सेहत के लिए कौन-सा भुट्टा बेहतर है?
बारिश में गरमा-गरम भुट्टा खाने का मजा ही अलग होता है। लेकिन हर किसी के लिए इसे खाने का सही तरीका अलग हो सकता है। आपकी सेहत के हिसाब से कौन-सा भुट्टा सबसे अच्छा रहेगा, आइए जानते हैं।

बारिश की फुहारें और हाथ में गरमा-गरम भुट्टा, यह मौसम का सबसे पसंदीदा कॉम्बो माना जाता है। सड़क किनारे भुट्टा खाते हुए बारिश का आनंद लेना कई लोगों की पुरानी यादों का हिस्सा भी होता है। हालांकि स्वाद के साथ-साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
भुट्टा सिर्फ पेट भरने वाला आहार नहीं है, बल्कि इसमें फाइबर, कई जरूरी मिनरल्स, विटामिन और आंखों की सेहत के लिए लाभकारी तत्व भी पाए जाते हैं। लेकिन हर व्यक्ति की सेहत अलग होती है। किसी को गैस की परेशानी होती है, तो किसी को मधुमेह या पाचन से जुड़ी समस्या। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस स्थिति में भुट्टा किस तरह खाना बेहतर है।
भुट्टा क्यों माना जाता है अच्छा नाश्ता?
बरसात में लोग अक्सर तले हुए नाश्ते खाते हैं, ऐसे में भुट्टा एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जिससे पेट देर तक भरा महसूस होता है। साथ ही इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, कई विटामिन और आंखों की सेहत के लिए जरूरी तत्व भी मौजूद होते हैं।
- अगर गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की परेशानी रहती है…
ऐसी स्थिति में उबला हुआ भुट्टा खाना बेहतर माना जाता है। यह नरम होता है और आसानी से चबाया जाता है। ध्यान रखें कि इसे बहुत ज्यादा देर तक ना उबालें, क्योंकि ऐसा करने से इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
- अगर पेट जल्दी खराब हो जाता है…
जिन लोगों का डाइजेशन प्रॉब्लम्स रहती हैं, उन्हें कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए। आधा भुट्टा खाना बेहतर है। अगर कोई परेशानी ना हो, तो धीरे-धीरे मात्रा बढ़ा सकते हैं।
- अगर मधुमेह या रक्त शर्करा बढ़ने की समस्या है..
ऐसे लोगों के लिए उबला या भाप में पका भुट्टा बेहतर है। भुना हुआ भुट्टा स्वादिष्ट जरूर होता है, लेकिन उसमें मौजूद स्टार्च जल्दी पचता है। इस वजह से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में एक छोटा भुट्टा या आधा कटोरा पका हुआ मक्का पर्याप्त है।
- अगर आंखों की सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं…
भाप में पका भुट्टा अच्छा विकल्प हो सकता है। इस तरीके से पकाने पर आंखों के लिए लाभकारी तत्व शरीर को बेहतर तरीके से मिल सकते हैं। साथ ही पानी में लंबे समय तक पकाने की तुलना में कुछ पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रहते हैं।
सिर्फ स्वाद ना देखें! भुट्टा जरूर खाएं, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखें। उस पर जरूरत से ज्यादा मक्खन, पनीर, तीखा मसाला या अन्य भारी चीजें ना लगाएं। बहुत ज्यादा जला हुआ भुट्टा भी खाने से बचें।
नोट: साफ और ताजा भुट्टा ही चुनें, सड़क किनारे खरीदते समय सफाई का ध्यान रखें। सीमित मात्रा में ही खाएं। अगर कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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