
क्या होता है डायबिटिक शॉक? जानें लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
इस स्थिति में व्यक्ति की शुगर बिना किसी लक्षण के कई बार 60 mg/dL से भी नीचे चली जाती है। बुखार आ जाना या हाइपोग्लाइसीमिया की परिस्थिति बनना स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का संकेत दे सकती है।
भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, सुस्त लाइफस्टाइल और खानपान की खराब आदतें आजकल सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन रही हैं। लाइफस्टाइल से जुड़ी ऐसी ही एक समस्या का नाम है डायबिटिक शॉक। हो सकता है कुछ लोगों के लिए यह शब्द सुनने में नया हो, लेकिन इससे आपकी पहचान पुरानी हो सकती है। ऐसे में सीके बिरला अस्पताल की आंतरिक चिकित्सक डॉ. मनीषा अरोरा से जानने की कोशिश करते हैं आखिर क्या होता है डायबिटिक शॉक, इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय।
क्या है डायबिटिक शॉक की समस्या
डायबिटिक शॉक को मेडिकल भाषा में हाइपोग्लाइसीमिया या इंसुलिन शॉक नाम से भी जाना जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति के खून में शर्करा (ग्लूकोज) का स्तर सामान्य से बहुत ज्यादा कम हो जाता है, जिससे शरीर और दिमाग को ऊर्जा नहीं मिल पाती है। बता दें, शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत शुगर ही है। लेकिन कई बार स्थिति ऐसी भी आ जाती है जब डायबिटीज ना होने पर भी लोग लो ब्लड शुगर के शिकार हो जाते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति की शुगर बिना किसी लक्षण के कई बार 60 mg/dL से भी नीचे चली जाती है। बुखार आ जाना या हाइपोग्लाइसीमिया की परिस्थिति बनना स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का संकेत दे सकती है।
क्यों इतनी कम हो जाती है शुगर ?
कई बार शरीर की शुगर अचानक कुछ कारणों की वजह से गिर जाती है। जैसे कि-
-इंसुलिन या डायबिटीज की दवा का अधिक सेवन।
-खाना छोड़ देना या देर से खाना।
-रोजा/फास्ट रखना।
-बिना कुछ खाए-पीए बहुत तेज या भारी एक्सरसाइज कर लेना।
डायबिटिक शॉक के लक्षण
-चक्कर आना
-दिल तेज धड़कना
-बेचैनी या घबराहट
-ज्यादा पसीना आना
-हाथ-पैर कांपना
-बहुत तेज भूख लगना
-सिर दर्द
-कमजोरी या थकान
-धुंधला दिखना
-अगर शुगर बहुत गिर जाए तो मरीज सुस्त हो सकता है, बेहोश हो सकता है या कोमा में जा सकता है।
डायबिटिक शॉक के लक्षण नजर आने पर तुरंत क्या करें?
डायबिटिक शॉक के लक्षण नजर आने पर एक आसान 15 का नियम अपना सकते हैं। जैसे-
-सबसे पहले 15 ग्राम जल्दी असर करने वाली कोई मीठी चीज जैसे चीनी ग्लूकोज, ग्लूकोन-डी, कोई मीठा जूस, टॉफी, फ्रूटी या घर में रखा कोई भी मीठी चीज खाएं।
-15 मिनट रुककर शुगर दोबारा चेक करें।
-अगर शुगर अभी भी 70 mg/dL से कम हो, तो फिर से 15 ग्राम मीठा लें।
-कुछ दवाओं का असर 24–48 घंटे तक रहता है, इसलिए शुगर बार-बार नीचे जा सकती है।
-शुगर को 1–2 घंटे बाद फिर से चेक करना जरूरी है।
अगर मरीज बेहोश हो जाए तो क्या करें?
-बेहोश मरीज के मुंह में कभी भी कुछ मत डालें। ऐसा करने से दम घुटने का खतरा बढ़ सकता है।
-हर डायबिटिक मरीज को घर पर ग्लूकागॉन इंजेक्शन रखना चाहिए।
-ऐसी स्थिति में ग्लूकागॉन का इंजेक्शन लगाया जा सकता है।
-साथ ही मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं, जहां उसे IV ग्लूकोज दिया जा सके।
डायबिटिक शॉक से बचने के लिए क्या करें?
-अपनी शुगर नियमित रूप से चेक करते रहें।
-डॉक्टर की सलाह के हिसाब से दवाइयां एडजस्ट कराते रहें।
-सफर पर या लंबे समय बाहर रहते हुए हमेशा चॉकलेट, टॉफी, ग्लूकोज या कोई मीठी चीज साथ रखें।
-घर वालों को भी समझा दें कि ऐसी इमरजेंसी में क्या करना है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




