करेले के बीज खाने चाहिए या निकाल देने चाहिए? पहले जान लें ये बातें

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

करेला सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके बीजों को लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल रहते हैं। कुछ लोग इन्हें निकालकर फेंक देते हैं, जबकि कुछ इन्हें पोषण से भरपूर मानते हैं। ऐसे में सही जानकारी होना जरूरी है।

करेले के बीज खाने चाहिए या निकाल देने चाहिए? पहले जान लें ये बातें

करेला स्वाद में कड़वा जरूर होता है, लेकिन इसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। कई लोग इसे मधुमेह, पाचन और वजन नियंत्रित रखने के लिए अपनी डाइट में शामिल करते हैं। हालांकि, जब करेले को काटने की बात आती है, तो ज्यादातर लोग इसके बीज निकालकर फेंक देते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि करेले के बीज नुकसान कर सकते हैं, जबकि कई लोग इन्हें भी पोषण से भरपूर मानते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर करेले के बीज खाने चाहिए या नहीं।

क्या करना चाहिए?

  • ताजे और कच्चे करेले के मुलायम व सफेद बीज सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं। ऐसे बीज आमतौर पर नरम होते हैं और सब्जी के साथ पकाकर खाना सुरक्षित माना जाता है। इन बीजों में कुछ जरूरी पोषक तत्व और रेशा पाया जाता है, जो शरीर को फायदा पहुंचा सकता है।
  • लेकिन अगर करेले के बीज लाल हो चुके हों, बहुत सख्त हों या पिर ज्यादा पके हुए हों तो उन्हें खाने से बचना बेहतर माना जाता है।

करेले के बीज में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

  • करेले के बीज में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे- रेशा, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैटी एसिड।
  • रेशा पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में सहायक माना जाता है।

कौन लोग सावधानी बरतें?

  • छोटे बच्चों को: छोटे बच्चों का पाचन तंत्र संवेदनशील हो सकता है, इसलिए उन्हें ज्यादा मात्रा में करेले के बीज नहीं देने चाहिए।
  • गर्भवती महिलाएं: गर्भवती महिलाओं को किसी भी चीज का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। ऐसे में करेले के बीज खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
  • कमजोर पाचन वाले लोग: जिन लोगों को गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं रहती हैं, उन्हें सख्त या ज्यादा मात्रा में बीज खाने से परेशानी हो सकती है।

ज्यादा बीज खाने से क्या हो सकता है?

अगर अधिक मात्रा में करेले के बीज खाए जाएं, तो कुछ लोगों को पेट दर्द, गैस या फिर दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए सीमित मात्रा में ही सेवन करना बेहतर माना जाता है।

लोग सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?

कई लोग हर तरह के करेले के बीज निकालकर फेंक देते हैं, जबकि मुलायम और सफेद बीज सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं। वहीं, कुछ लोग यह मान लेते हैं कि सभी बीज फायदेमंद होते हैं और बिना सोचे-समझे उन्हें खा लेते हैं।

असल में, बीज की गुणवत्ता, बीज की मात्रा और करेले की ताजगी- इन सभी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

कौन-से बीज खा सकते हैं?

  • छोटे और मुलायम बीज
  • सफेद रंग के बीज
  • ताजे करेले के बीज

नोट: करेले के सभी बीज नुकसानदायक नहीं माने जाते। ताजे और मुलायम बीज सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं, लेकिन सख्त और लाल बीजों से बचना बेहतर है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


करियर का सफर

लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।


विशेषज्ञता

शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।


पुरस्कार

लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।