अलग तेल अलग फायदा! नाभि में कौन सा ऑयल कब डालें? एक्सपर्ट से जानें

Aparajita लाइव हिन्दुस्तान
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नाभि में तेल डालना एक ट्रेडिशनल परंपरा है जिसे आयुर्वेद में खास जगह दी गई है। लेकिन हर समस्या के लिए अलग तेल का असर अलग होता है। एक्सपर्ट से जानें कौन सा तेल कौन सी समस्या में डालना चाहिए?

अलग तेल अलग फायदा! नाभि में कौन सा ऑयल कब डालें? एक्सपर्ट से जानें

नाभि में तेल डालने का प्रचलन काफी पुराना है। घरेलू नुस्खे से लेकर आयुर्वेद में भी माना गया है कि कुछ बूंदे तेल की नाभि में डालने से ये शरीर पर पॉजिटिव असर दिखाती है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि नाभि में तेल डालने से केवल कब्ज सही होती है। लेकिन कब्ज के अलावा कई परेशानियों का हल इस छोटी सी आदत से हो सकता है। लेकिन हर समस्या के लिए अलग तेल डालना होगा। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने जानकारी शेयर करते हुए बताया है कि हर समस्या के लिए नाभि में अलग तरह का तेल डालना चाहिए। जिसके फायदे आपकी बॉडी को मिल सकें। तो आप भी जान लें कौन सी समस्या में कौन सा तेल नाभि में डालने पर फायदा होता है।

कब्ज के लिए

न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि अगर किसी को कब्ज रहती है या फिर ड्राई गट का इशू हो रहा है तो उसे अपनी नाभि में कैस्टर ऑयल डालना चाहिए। कैस्टर ऑयल काफी थिक होता है। जिसे स्किन से बॉडी में अब्जॉर्ब होने में टाइम लगता है। नाभि में डालने पर ये अब्जॉर्ब होता है और कब्ज और ड्राई गट की समस्या को कम करता है।

साइनस या कोल्ड होने पर

अगर किसी को साइनस की समस्या है, सर्दी-जुकाम हुआ है तो उसकी नाभि में नारियल के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर लगाना चाहिए। इससे जुकाम की समस्या में आराम मिलता है।

हार्मोनल इंबैलेंस

अगर किसी महिला को हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या हो तो उसे गर्म देसी घी को नाभि में डालना चाहिए। गर्म देसी घी एंजायटी और कम नींद आने वाले लोगों को भी असर दिखाती है। तो गर्म देसी घी नाभि में डालना फायदेमद हो सकता है।

स्किन से जुड़ी समस्या

जिन लोगों को चेहरे पर पिंपल, एक्ने की समस्या होती रहती है और ये पिंपल फेस पर धब्बे छोड़ जाते हैं। ऐसे टीनएज ग्रुप वाले बच्चों को नाभि में नीम का तेल डालना चाहिए। अगर नीम का तेल ना हो तो थोड़ा सा नारियल का तेल ही रोजाना डालें। ये स्किन के एक्ने और पिंपल को खत्म करने में मदद करेंगे।

तेल नाभि के जरिए शरीर को संतुलन देता है। ये एक ट्रेडिशनल पुराना तरीका है, जिससे शरीर को हील किया जाता था।

तिल का तेल

सर्दियों में शरीर को लचीला, मजबूत बनाने, पाचन को तेज करने के लिए काफी सारे लोग तिल के तेल को नाभि में डालते हैं। ये तेल शरीर को ठंड में गर्म रखता है नर्व सिस्टम को शांत करता है।

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लेखक के बारे में

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अपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव


अपराजिता शुक्ला पिछले छह से अधिक सालों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती आ रही हैं। करियर की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल में इंटर्नशिप और फिर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में की। जहां पर उन्हें मिसेज इंडिया 2021 की रनर अप के इंटरव्यू को भी कवर करने का मौका मिला। वहीं अब लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अपराजिता शुक्ला ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.कॉम के साथ मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है।


लेखन शैली और दृष्टिकोण


सरल और बेहद सामान्य भाषा में सेहत, फिटनेस और खान-पान के विषय में जानकारी देने के साथ बॉलीवुड फैशन पर निगाह रखती हैं। एक्टर-एक्ट्रेसेज के फैशन सेंस को आम लड़के-लड़कियों की पसंद-नापसंद के साथ कंफर्ट से जोड़कर टिप्स देना खासियत है। वहीं ट्रेंड में चल रहे विषयों के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले हैक्स और टिप्स को अपने पाठकों तक पहुंचाना पसंद करती हैं।


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