एक आदत अपनाकर वायरल बीमारियां हो जाएंगी दूर, जापानी लोग रोजाना करते हैं फॉलो
जापानी लोगों को पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा फिट माना जाता है। अपनी फिटनेस का ख्याल रखने के लिए वह छोटी-छोटी आदतों को अपनाते हैं। यहां हम उनकी एक ऐसी आदतों को शेयर कर रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप भी खुद से बीमारियों को दूर रख सकती हैं।

फिटनेस के मामले जापानी लोगों नंबर वन पर रहते हैं। जापानी न सिर्फ लंबी उम्र जीते हैं, बल्कि बढ़ती उम्र में भी एक्टिव और एनर्जेटिक बने रहते हैं। इसके लिए वह कुछ अलग से नहीं करते। उनकी लाइफस्टाइल में वह कुछ ऐसी चीजें रोजाना करते हैं जो उन्हें बीमारियों से दूर रखती हैं। दूसरे देशों के मुकाबले जापान में वायरल इंफेक्शन के मामले भी काफी कम होते हैं। यहां जापानियों की एक आदत के बारे में बता रहे हैं जिसे अपनाकर आप भी बीमारियों से खुद को दूर रख सकते हैं।
बीमारियों से बचने के लिए जापानियों की आदत
बाहर से आने के बाद जैसे हाथ धोना एक बेसिक आदत है वैसे ही जापान में बचपन से ही कुल्ला करने और गरारे करना सिखाया जाता है। घर, स्कूल और ऑफिस तक में इसके लिए कप तैयार रखे जाते हैं। बीमारियों को खुद से दूर रखने के लिए ये एक बहुत अच्छी आदत है। दरअसल बहुत से रेस्पिरेटरी वायरस सीधा फेफड़ों में नहीं पनपते बल्कि ये मुंह, गले या फिर नाक के जरिए लंग्स में पहुंचते हैं और किसी भी सेल को इंफेक्ट करने से पहले ये सतह पर बैठते हैं। ऐसे में जब आप कुल्ला करते हैं तो ये वायरस बाहर निकल सकते हैं जिसकी वायरल का खतरा कम रहता है। इसके लिए नमक का पानी बेहतरीन साबित हो सकता है, क्योंकि ये जर्म्स को बढ़ने से रोक सकता है।
कैसे करें कुल्ला और गरारे
इसके लिए एक चम्मच नमक के एक कप पानी में अच्छी तरह से मिलाएं। फिर कुल्ला करने के लिए पानी पिएं। इसे 30 सेकेंड के लिए दोनों मुंह के दोनों तरफ घुमाएं। गरारे करने के लिए गर्दन पीछे करें और फिर 30 सेकेंड के लिए गले से हवा छोड़ें। फिर पानी बाहर निकाल दें।
कब करें कुल्ला?
जापानी लोग काम से घर लौटने के बाद, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के बाद, खाने के बाद और बीमारी का पहला साइन दिखने के बाद ही कुल्ला करते हैं। हालांकि ये बीमारी से बचाव का तरीका है, किसी बीमारी का इलाज नहीं है।
क्या कहती है स्टडीज
कुछ रिपोर्ट्स कहती है जापानियों की इस आदत की वजह से वहां सर्दी-जुकाम के मामले दूसरे देश के मुताबिक कम हैं। अगर कोई व्यक्ति वायरल की चपेट में भी आता है तो रिकवरी 2 से 3 दिन में हो जाती है। भले ही ये आदत छोटी है लेकिन इसका असर बहुत बड़ा होता है।
किस उम्र से सिखाएं ये आदत?
बच्चों को कुछ भी नया सिखाने के लिए उस आदत को मजेदार बनाना बहुत जरूरी है। इसलिए खेल-खेल में आपको बच्चों को गरारे करना या कुल्ला करना सिखाना होगा। आप बच्चों के साथ खुद भी करें। कलरफुल कप्स मददगार साबित हो सकते हैं। शुरुआत में हो सकता है बच्चा आसानी से इसे ना सीखें लेकिन आदत बनवाने के लिए रोजाना इसकी प्रेक्टिस करवाएं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।


