क्या हाई ब्लड प्रेशर का इलाज केवल दवा है? कॉर्डियोलॉजिस्ट ने दिया जवाब
High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर के मरीज अक्सर सोचते हैं कि उन्हें दवाईयां उम्रभर खानी होगी। और फिर भी हाई बीपी के सही होने के चांस कम हो जाते हैं। ऐसे में डॉक्टर साकेत गोयल ने बताया कि लाइफस्टाइल में बदलाव हाई बीपी के ट्रीटमेंट की तरह काम करता है।

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को हमेशा दवा खानी पड़ती है। ऐसे में काफी सारे लोग घबरा जाते हैं और उन्हें लगता है कि एक बार दवा शुरू कर दी तो फिर ये कभी बंद नहीं होगी। ऐसे में दिमाग में यहीं ख्याल आता है कि हाई ब्लड प्रेशर को नॉर्मल करने का एकमात्र इलाज दवा है। लेकिन कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर साकेत गोयल ने इस मिथ से जुड़े फैक्ट को शेयर किया है। इंस्टाग्राम पेज पर डॉक्टर साकेत गोयल ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर का इलाज केवल दवा है या फिर और भी कोई तरीका हो सकता है इससे निपटने का।
दवा से हाई बीपी का इलाज
डॉक्टर ने बताया कि जो भी दवा आप खाते हैं उससे ब्लड प्रेशर कम होने की मात्रा लगभग तय होती है। जैसे कि 15-16 mmHg सिस्टोलिक और 8 mmHg डायसिस्टोलिक। इससे ज्यादा ब्लड प्रेशर की रीडिंग इन दवाओं से कम नहीं होती। लेकिन इन दवाओं जितने असर को आप इन तरीकों से भी पा सकते हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव से हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद
डॉक्टर बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर में दवाओं जितना असर चाहते हैं तो लाइफस्टाइल में बदलाव करने से ये हो सकता है। जैसे
वेट लॉस
अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और आपने वेट लॉस किया है तो इससे 20 mmHg सिस्टोलिक और 10-12 mmHg डायसिस्टोलिक रीडिंग कम हो जाती है। जिससे हाई बीपी को नॉर्मल होने में मदद मिलती है।
- इसके साथ ही रोज थोड़ी एक्सरसाइज
- नमक की मात्रा फूड से कम कर दी
- रोजाना प्राणायाम करना शुरू किया
- DASH डाइट को फॉलो करना शुरू किया
- स्ट्रेस को कंट्रोल करना स्टार्ट किया
- नींद पूरी की
- स्मोकिंग और एल्कोहल से दूरी बना ली।
तो इन सारी चीजों को फॉलो करने से आपके हाई ब्लड प्रेशर की रीडिंग में करीब 12-15 सिस्टोलिक mmHg और डायसिस्टोलिक mmHg कमी हो सकती है। जिससे ब्लड प्रेशर को नॉर्मल की तरफ मुड़ने में मदद मिलती है।
लाइफस्टाइल में चेंज है दवा
डॉक्टर का कहना है कि अगर लाइफस्टाइल में ये सारे बदलाव किए जाएं तो ये बीपी की एक दवा के बराबर काम करते हैं।

लेखक के बारे में
Aparajitaशॉर्ट बायो
अपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
अपराजिता शुक्ला पिछले छह से अधिक सालों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती आ रही हैं। करियर की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल में इंटर्नशिप और फिर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में की। जहां पर उन्हें मिसेज इंडिया 2021 की रनर अप के इंटरव्यू को भी कवर करने का मौका मिला। वहीं अब लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अपराजिता शुक्ला ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.कॉम के साथ मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है।
लेखन शैली और दृष्टिकोण
सरल और बेहद सामान्य भाषा में सेहत, फिटनेस और खान-पान के विषय में जानकारी देने के साथ बॉलीवुड फैशन पर निगाह रखती हैं। एक्टर-एक्ट्रेसेज के फैशन सेंस को आम लड़के-लड़कियों की पसंद-नापसंद के साथ कंफर्ट से जोड़कर टिप्स देना खासियत है। वहीं ट्रेंड में चल रहे विषयों के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले हैक्स और टिप्स को अपने पाठकों तक पहुंचाना पसंद करती हैं।
विशेषताएं:
सेहत और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं के निदान और कारण पर विशेषज्ञों की तथ्यपरक जानकारी
बॉलीवुड फैशन और आम लोगों की स्टाइल से जुड़ी जानकारी
ट्रैवल, रिलेशनशिप, कुकिंग टिप्स एंड हैक्स के साथ लाइफ की समस्याओं के निदान पर सरल भाषा में लिखना
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




