सुबह सिर्फ 5 से 10 मिनट की ब्रीदिंग एक्सरसाइज हेल्थ के लिए क्या वाकई है जादुई?
5 Minute Breathing Exercise: ये आपने कई बार सुना होगा कि सांस लेने वाली एक्सरसाइज से आपको कई तरह के फायदे मिलते हैं, लेकिन क्या सिर्फ 5 से 10 मिनट ऐसा करने वाकई जादुई हो सकता है? इस आर्टिकल में जानिए-

एक्सरसाइज बॉडी को फिट रखने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है। शरीर को फिजिकली फिट रखने के साथ मेंटल फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मेंटली बॉडी को फिट रखने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। पढ़ाई से लेकर कामकाज तक, हर चीज में फोकस बनाए रखने के लिए दिमाग का स्थिर होना बहुत जरूरी है। ब्रीदिंग एक्सरसाइज दिमाग शांत करने में मदद करती है। लेकिन क्या 5 से 10 मिनट के लिए सांस लेने वाली एक्सरसाइज करने पर फायदा होता है? आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि सुबह सिर्फ 5 से 10 मिनट की ब्रीदिंग एक्सरसाइज क्या हेल्थ के लिए वाकई जादुई हैं?
रोजाना 5 से 10 मिनट ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने पर क्या होता है।
हां, सुबह सिर्फ 5 से 10 मिनट की ब्रीदिंग एक्सरसाइज हेल्थ के लिए वाकई जादुई साबित हो सकती है। अगर आप दिन में केवल 5 से 10 मिनट फोकस के साथ सांस लेने की प्रेक्टिस करने से नर्वस सिस्टम को शांत करने, तनाव को कम करने और इमोशनल बैलेंस में सुधार करने का एक बेहतरीन तरीका है। धीमी, फोकस सांस पर ध्यान करके आप कोर्टिसोल के लेवल को कम कर सकते हैं। हार्ट रेट में सुधार कर सकते हैं।
1) स्ट्रेस कंट्रोल सिस्टम होता है एक्टिव
ब्रीदिंग एक्सरसाइज खास तौर से लंबी सांस छोड़ने की प्रक्रिया वेगस तंत्रिका को एक्टिव करता है। इससे पैरासिंपैथेटिक तंत्रिका तंत्र एक्टिव होती है। ऐसा करने से शारीरिक रूप से आपका हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।
2) दिमाग के काम करने की क्षमता बढ़ती है
गहरी सांस लेने से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जो दिमाग का वह हिस्सा है जो फोकस, निर्णय लेने और इमोशनल बैलेंस के लिए जिम्मेदार है। जब आप रोजाना 5 से 10 मिनट के लिए सांस लेने वाली एक्सरसाइज करते हैं तो आप खुद के ब्रेन पर कंट्रोल पाएंगे।
3) मूड बेहतर होता है
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि रोजाना 5 मिनट रोजाना ब्रीदिंग एक्सरसाइज मूड को बेहतर बनाने और नकारात्मक भावनाओं क्रोध, चिंता को कम करने में बहुत मददगार होता है।
4) लंग्स हेल्थ बेहतर होती है
रोजाना ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने पर फेफड़ों को मजबूत करने में मदद मिलती है। ये ऑक्सीजन के फ्लो में सुधार करता है और समय के साथ सांस लेने में तकलीफ को कम करता है।
5) नींद की क्वालिटी में सुधार होता है
अगर आप 4-7-8 जैसे सांस लेने की तकनीक को अपनाते हैं तो नींद क्वालिटी बेहतर होती है और आप गहरी नींद में सो सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी चिकित्सीय स्थिति के बारे में किसी भी सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।
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