एक ही बात को घंटों तक सोचते हैं? ओवरथिंकिंग से निपटने के लिए न्यूरोसर्जन ने बताए 2 स्टेप
कुछ लोग जरा-जरा सी बातों को घंटों तक सोचते हैं, जिसकी वजह से दिमाग पर तो असर होता ही है, साथ ही बहुत सोचने से आपकी नींद, सेहत और यहां तक की रिश्तों पर भी गलतअसर हो सकता है। ऐसे में ओवरथिंकिंग से निपटने के लिए न्यूरोसर्जन ने 2 स्टेप बताए हैं। जानिए-

कुछ लोग छोटी-छोटी बातों को इग्नोर कर देते हैं तो वहीं कुछ लोग एक बात को घंटों तक सोचते रहते है। अगर आप जरा-जरा सी बातोंको लेकर पूरा दिन सोच में रहते हैं, तो यह आदत कई बीमारियों को बुलावा दे सकती है। जी हां, ओवरथिंकिंग न सिर्फ दिमाग पर असर डालती है, बल्कि ये आपकी ओवरऑल हेल्थ पर भी बुरा असर डाल सकती है। बहुत से लोग तो अपनी इस आदत से परेशान होते हैं लेकिन इससे बच निकलने का उपाय समझ नहीं आता। ऐसे में डॉक्टर प्रशांत कटाकोल न्यूरोसर्जन और योग टीचर की बात आपके काम आ सकती है। दरअसल उन्होंने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो में 2 तरीकों के बारे में बताया है जिन्हें अपनाकर आप ओवरथिंकिंग से बच सकते हैं।
जानिए, ओवरथिंकिंग से बचने के दो तरीके
1) पहचानें और रोकें- डॉक्टर कहते हैं कि जब भी आप बहुत ज्यादा सोचना शुरू करते हैं तो शरीर के माध्यम से इसे पहचानें और फिर ख्याल को रोकें। धीरे-धीरे खड़े हों, सांस छोड़ें, कुछ सेकंड के लिए अपनी आंखों को धीरे-धीरे अगल-बगल घुमाएं। यह सिंपल सी दिखने वाली एक्टिविटी ब्रेन में एमिग्डाला (यादों और खतरे की पहचान करने का काम करता है) को शांत करती है और हिप्पोकैम्पस (याददाश्त, सीखने और स्थानिक नेविगेशन के लिए जिम्मेदार) को एक्टिव करने में मदद करती है। यह दिमाग को संकेत भेजती है कि आप खतरे में नहीं हैं।
2) छोटा सा काम करके मिलेगा फायदा- जब आपको कोई बात बहुत ज्यादा बुरी लग जाए या फिर जब आप किसी एक बात के ख्याल में अटक जाएं तो अपने दिमाग को एक छोटा सा काम दें। जैसे कुछ कपड़े फोल्ड करें, कुछ बर्तन धोएं, या कुछ साफ करें। एक छोटा सा काम पूरा करना नियमित प्रक्रिया को तोड़ता है और दिमाग को संतुष्टि का एहसास देता है।
तो अगली बार जब भी आप बहुत ज्यादा सोचें तो डॉक्टर के बताए इन दोनों तरीकों को अपनाएं।
इस बात पर करें गौर
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब आपका फोकस सही जगह पर होता है तो आप खुद को ओवरथिंकिंग से बचा सकते हैं। फोकस बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका मेडिटेशन है। मेडिटेशन कई परेशानियों से निपटने में आपकी मदद कर सकता है। आप सुबह उठने के बाद इसे कम से कम 5 से 10 मिनट के लिए करें। चाहें तो रात में सोने से पहले भी एक बार मेडिटेशन कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी चिकित्सीय स्थिति के बारे में किसी भी सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।
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