कान में जमा मैल कैसे साफ करना चाहिए? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया सही तरीका
अक्सर लोग कन्फ्यूज रहते हैं कि कान में जमा हुआ मैल यानी ईयरवैक्स को साफ करने का सही तरीका क्या है। इस बारे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ विनोद शर्मा ने खुलकर बताया है। डॉक्टर ने गलत, सही दोनों तरीकों पर बात की है। आइये जानते हैं।

कान में मैल यानी ईयरवैक्स जमा होना एक नॉर्मल प्रक्रिया है। हालांकि हाइजीन के लिहाज से लोगों को ये बिल्कुल पसंद नहीं आता और इसे हटाने के लिए लोग जाने क्या-क्या तरीके आजमाते हैं। कभी कान में कोई तेल डालना तो भी माचिस की तीली या ईयरबड से कान की जोरदार सफाई करना। लेकिन क्या ये तरीके सही हैं? कई हेल्थ एक्सपर्ट्स मना करते हैं कि इस तरह कान का मैल नहीं निकालना चाहिए, तो वहीं घरेलू नुस्खे बताते हैं कि सरसों का तेल डालने से मैल फूलकर अपने आप कान से बाहर आ जाता है। अब सवाल है कि वाकई सही तरीका क्या है, जिससे कान की क्लीनिंग भी हो जाए और कोई नुकसान भी ना हो। इसी बारे में एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ विनोद शर्मा ने खुलकर बात की है। आइए जानते हैं डॉक्टर के मुताबिक कान का मैल साफ करने का कौन सा तरीका बेस्ट है।
कान में मैल आखिर क्यों बनता है?
सबसे पहला सवाल तो यही है कि आखिर कान में इतना मैल बनता क्यों है। दरअसल ये हमारे कान में एक तरह से प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र की तरह काम करता है, और कान की नली में धूल और गंदगी अंदर जाने रोकने में मदद करता है। इसलिए कान में मैल जमना कोई गंदी चीज नहीं है, बल्कि ये एक तरह की सामान्य प्रक्रिया है जो हमारी बॉडी खुद को सुरक्षित रखने के लिए करती है।
क्या कान में तेल डालना है सही?
बहुत से लोग कान बंद होने पर या जमे हुए मैल को निकालने के लिए कान में सरसों का तेल या घी की कुछ बूंदे डाल लेते हैं। ये एक बहुत पॉपुलर नुस्खा है, जो दादी-नानी बताती आ रही है। ऐसा माना जाता है कि तेल या घी डालने से कान का मैल फूलकर खुद ही बाहर निकल जाता है। इसपर आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ विनोद शर्मा कहते हैं कि ये गलती बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। कान में तेल या घी डालने से फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, जिससे कान में दर्द, सुजान, खुजली, ठीक से सुनाई ना देना जैसी कई प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
माचिस की तीली या ईयरबड से साफ कर सकते हैं कान?
कान से मैल बाहर निकालने का दूसरा पॉपुलर तरीका है, कान में माचिस की तीली या ईयरबड डालकर सफाई करना। डॉ विनोद शर्मा कहते हैं कि ये तरीका कान के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप कान में कोई भी चीज डालते हैं, तो उसके कान के पर्दे को काफी डैमेज हो सकता है। इसलिए इन तरीकों से भी बचना चाहिए।
क्या है कान का मैल निकालने का सही तरीका?
डॉ विनोद शर्मा कहते हैं कि कान का मैल साफ करने के लिए मार्केट में कई तरह की ईयर ड्रॉप मिल जाती हैं, जो बिना कान को नुकसान पहुंचाए क्लीन करने में मदद करती हैं। कुछ पॉपुलर ड्रॉप हैं- सोलीवैक्स ईयर ड्रॉप, वैक्सोल्व ईयर ड्रॉप और क्लियरवैक्स ईयर ड्रॉप। इनमें से किसी भी एक ड्रॉप को कान में 3-4 दिनों के लिए लगातार डालें। आपको 3-4 बूंद या पैकेट पर बताए के निर्देश के अनुसार ईयर ड्रॉप का इस्तेमाल करना है।
डॉक्टर कहते हैं कि ये ड्रॉप्स कान के मैल को सॉफ्ट बनाने का काम करती हैं। इन्हें डालने पर आप देखेंगे कि कान का मैल अपने आप ही बाहर निकलता रहेगा। आप रोटी चबाते हैं या करते हैं, तो जॉ के मूवमेंट से सारा मैल कान के बाहरी हिस्से पर इक्कठा होने लगेगा। इसे आप किसी साफ कपड़े से क्लीन कर सकते हैं।
डॉक्टर फॉलो करते हैं ये तरीका
अगर कान में मैल ज्यादा हो जाए, जिसकी वजह से सुनने में दिक्कत होने लगे तो एक बार कान के डॉक्टर को जरूर दिखा लेना चाहिए। डॉक्टर आमतौर पर सिरिंजिंग जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर के कान के मैल को पूरी तरह साफ कर देते हैं। हालांकि ये तरीका सिर्फ डॉक्टर्स की देखरेख में ही किया जाना चाहिए।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।
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