बच्चों में बढ़ा टाइप 2 डायबिटीज का खतरा, एक्सपर्ट बोले- गर्दन में दिखे ये निशान तो समझ लें...

Dec 17, 2025 07:55 am ISTDeepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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आजकल टाइप 2 डायबिटीज का खतरा सिर्फ बड़ों में ही नहीं बल्कि बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है। डॉक्टर प्रमोद त्रिपाठी का कहना है कि अगर आपको बच्चों को डायबिटीज से बचाना है तो 3 बातों को आज से ही फॉलो करना शुरू कर दें। 

बच्चों में बढ़ा टाइप 2 डायबिटीज का खतरा, एक्सपर्ट बोले- गर्दन में दिखे ये निशान तो समझ लें...

आजकल छोटे बच्चों को भी बड़ी बीमारियां लग रही हैं, जिनके बारे में हम पहले जानते भी नहीं थे। डायबिटीज, हार्ट अटैक, हाई कोलेस्ट्रॉल, बीपी की समस्या बड़े लोगों में आम हो चुकी हैं लेकिन अब ये बच्चों में भी बढ़ रही है। आजकल 14 से 18 साल के उम्र वाले बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ चुका है। डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रमोद त्रिपाठी का कहना है कि इतनी कम उम्र में डायबिटीज होना किसी बड़े खतरे की घंटी है। बच्चा अगर हेल्दी है, तो उसमें डायबिटीज का खतरा हो सकता है। ऐसे में आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना होगा।

कैसे पहचानें

डॉक्टर प्रमोद के मुताबिक, अगर आपके घर में हेल्दी बच्चा है और पहले से परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री रही हो, तो बच्चे को भी इसका खतरा होता है। बच्चे की गर्दन पर अगर काला निशान या लाइन बन रही है और ये लगातारा बढ़ रही है। तो फौरन इंसुलिन टेस्ट करवाएं, शुगर नॉर्मल हो सकती है लेकिन इंसुलिन बढ़ा हुआ होगा। अगर इंसुलिन 6 के अंदर है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। 6 से 10 के बीच है, तो चिंता का विषय है और ये माइल्ड इंसुलिन रेजिस्टेंस है। अगर ये 10 के ऊपर है तो सीरियस इंसुलिन रेजिस्टेंस है और आपको सतर्क होना होगा।

3 चीजें जरूर करें

डॉक्टर प्रमोद का कहना है कि अगर 10 से ऊपर इंसुलिन रेजिस्टेंस आया है, तो 3 चीजें आज से ही करना शुरू कर दें। ये आपकी बच्चे की सेहत के लिए अच्छा होगा और उसका ब्लड शुगर कंट्रोल में भी रहेगा। डॉक्टर ने बताया कि आपको SPC रूल फॉलो करना होगा।

1- S का मतलब है स्लीप टाइम। बच्चे के लिए स्लीपिंग टाइम तय करें और इसके लिए पूरी फैमिली के लिए नियम सख्त करें। कई जगहों पर देखा जाता है कि खाना ही 9 बजे के बाद होता है और ये काफी गलत है। 9 बजे स्क्रीन टाइम बंद करें, 10 बजे लाइट बंद और 10:30 पर सोने के लिए लेटें। कुछ समय के आनंद के लिए आप लंबे समय तक रहने वाली बीमारी को दावत दे रहे हैं। बच्चे के लिए ये पहला नियम अपनाएं।

2- P का मतलब है प्ले टाइम। बच्चे को 1 घंटे की फिजिकल एक्टिविटी में जरूर डालें। फिर चाहे वो क्रिकेट, फुटबॉल हो या फिर कोई और प्ले ग्रुप या खेलकूद। बच्चे को करीब 1 घंटा लगातार खेलने के लिए कहना ही है। इससे फिजिकल एक्टिविटी बनी रहेगी और डायबिटीज का खतरा कम होता है।

3- C का मतलब है चीट टाइम। बच्चे को अगर आप बाहर का खाना देते हैं, जैसे पिज्जा-बर्गर, मैगी, मिठाई। बच्चा अगर ये सब खाता है, तो उसे हफ्ते में सिर्फ 1 दिन ही ये सब खाने दें। रोजाना न खिलाएं और न ही आदत डालें। इससे भी डायबिटीज बढ़ रही है और ब्लड शुगर हाई हो जाता है। बच्चे की हर जिद को पूरी न करें, ये उसकी सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है।

नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।

Deepali Srivastava

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दीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।


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