
डायबिटीज में फल दुश्मन नहीं, सही जानकारी है जरूरी: एक्सपर्ट की राय
डायबिटीज में फल खाना नुकसानदेह नहीं है, लेकिन गलत फल, गलत मात्रा और गलत समय ब्लड शुगर बिगाड़ सकता है। Dr. Neal Savaliya बताते हैं फल खाने का आयुर्वेदिक और सुरक्षित तरीका।
डायबिटीज को लेकर सबसे आम भ्रम यह है कि फल खाने से ब्लड शुगर बढ़ जाती है, इसलिए इन्हें पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। लेकिन आयुर्वेदिक डायबिटीज केयर एक्सपर्ट Dr. Neal Savaliya के अनुसार यह सोच अधूरी और गलत है। फल अपने आप में डायबिटीज का कारण नहीं होते, बल्कि गलत चयन, ज्यादा मात्रा और गलत समय शुगर स्पाइक की असली वजह बनते हैं।
फल प्राकृतिक रूप से फ्रुक्टोज, फाइबर, विटामिन्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। फाइबर शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती। समस्या तब आती है जब हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल या फलों का जूस अनियंत्रित मात्रा में लिया जाता है।
डायबिटीज में खाने योग्य फल
- Dr. Neal Savaliya के अनुसार, लो GI और फाइबर-रिच फल डायबिटीज में सुरक्षित माने जाते हैं जैसे, सेब, अमरूद, नाशपाती, जामुन, कीवी, अनार (सीमित मात्रा में) और पपीता (छोटा हिस्सा)।
- ये फल धीरे-धीरे शुगर रिलीज करते हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बिगाड़ते नहीं हैं।
किन फलों से बचें या सीमित करें?
- कुछ फल ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं, खासकर अगर ज्यादा पके हों: केला, आम, चीकू, अंगूर, लीची, ज्यादा मीठे या ड्राई फ्रूट्स और पैक्ड फ्रूट जूस।
- Dr. Savaliya कहते हैं कि फलों का जूस सबसे बड़ा नुकसान करता है, क्योंकि इसमें फाइबर नहीं होता और शुगर सीधे ब्लड में चली जाती है।
फल खाने का सही समय
- फल हमेशा सुबह या दोपहर में खाएं, रात में फल खाने से बचें।
- भारी भोजन के तुरंत बाद फल ना लें। फल को अलग से खाएं, मिक्स मील का हिस्सा ना बनाएं।
सही मात्रा क्यों जरूरी है?
- डायबिटीज में एक बार में, 1 छोटा फल या आधा कप कटे फल पर्याप्त होते हैं।
- फल को कुछ नट्स या बीजों (बादाम, अखरोट, अलसी) के साथ खाने से शुगर स्पाइक और कम होता है।
Dr. Neal Savaliya कहते हैं,'डायबिटीज में फल छोड़ना समाधान नहीं है, सही जानकारी और संतुलन ही असली इलाज है।'
नोट: हर किसी के शरीर पर हर चीज का असर अलग होता है इसलिए किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।

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