प्रेग्नेंसी में घंटों मोबाइल चलाती हैं? डॉ. वैदेही मराठे ने बताई जरूरी बात

Shubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
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गर्भावस्था में मोबाइल और अन्य स्क्रीन से पूरी तरह दूरी बनाना संभव नहीं है। लेकिन क्या दिनभर स्क्रीन देखना सही है? स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वैदेही मराठे ने बताया कि इस दौरान स्क्रीन का इस्तेमाल कितनी सावधानी से करना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में घंटों मोबाइल चलाती हैं? डॉ. वैदेही मराठे ने बताई जरूरी बात

रात के ग्यारह बजे हैं। आप बिस्तर पर हैं, लेकिन नींद आने से पहले बस 'पांच मिनट' के लिए मोबाइल देखने का मन करता है। देखते-देखते आधा घंटा निकल जाता है। अगर आप गर्भवती हैं, तो यह आदत सिर्फ समय ही नहीं, आपकी नींद और आराम को भी प्रभावित कर सकती है।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वैदेही मराठे बताती हैं कि गर्भावस्था में बहुत ज्यादा स्क्रीन देखना सीधे शिशु को नुकसान पहुंचाता है, ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है, लेकिन लगातार स्क्रीन के सामने रहने से आंखों में थकान, सिरदर्द, तनाव और नींद की परेशानी बढ़ सकती है। यही कारण है कि इस समय सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि स्क्रीन से जुड़ी आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

क्या मोबाइल देखने से शिशु पर असर पड़ता है?

यह सवाल लगभग हर होने वाली मां के मन में आता है। डॉ. वैदेही मराठे के अनुसार, चिंता का विषय मोबाइल की रोशनी से ज्यादा उससे जुड़ी आदतें हैं। अगर स्क्रीन की वजह से आपकी नींद कम हो रही है या तनाव बढ़ रहा है, तो इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

  • जब शरीर आराम मांग रहा हो, तब स्क्रीन क्या करती है?

गर्भावस्था में शरीर पहले से ज्यादा ऊर्जा इस्तेमाल करता है। ऐसे समय में लगातार मोबाइल या कंप्यूटर देखते रहने से आंखें और दिमाग दोनों थक सकते हैं। कई महिलाओं को सिर भारी लगना, आंखों में जलन या ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है।

  • रात में मोबाइल चलाने की आदत क्यों पड़ सकती है भारी?

देर रात तक स्क्रीन देखने से दिमाग को यह संकेत नहीं मिल पाता कि अब सोने का समय है। नतीजा यह होता है कि नींद देर से आती है और सुबह उठने पर शरीर पूरी तरह तरोताजा महसूस नहीं करता।

  • स्क्रीन टाइम कम करने के लिए खुद पर सख्ती नहीं, समझदारी जरूरी है!

मोबाइल पूरी तरह छोड़ना आज के समय में संभव नहीं है। लेकिन हर कुछ देर में आंखों को आराम देना, रात में स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना और दिन में थोड़ी सैर के लिए समय निकालना बेहतर विकल्प हो सकता है।

स्क्रीन से हटकर ये काम भी करें

गर्भावस्था में दिन का कुछ समय ऐसी गतिविधियों के लिए निकालना अच्छा होता है जो मन को शांति दें। जैसे-

  • संगीत सुनना
  • किताब पढ़ना
  • परिवार के साथ समय बिताना
  • गहरी सांस लेने का अभ्यास

नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य समस्या, परेशानी या सलाह के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

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