
BP बढ़ा हुआ रहता है, तो चुपचाप खराब हो सकती हैं किडनी, डॉक्टर बोले- ये 5 बातें जरूर रखें ध्यान!
High BP Kidney Damage: हाई बीपी को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है और ये साइलेंटली किडनी को डैमेज करने का काम करता है। यही वजह है कि अगर आप हाई ब्लड प्रेशर से डील कर रहे हैं, तो कुछ बातों का खास ध्यान रखें।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को लोग अधिकतर हार्ट से जोड़कर ही देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये धीरे-धीरे आपकी किडनी पर भी असर डालता है? द्वारका के सीनियर डायबेटोलॉजिस्ट डॉ बृजमोहन अरोड़ा बताते हों कि हाई बीपी को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है और ये साइलेंटली किडनी को डैमेज करने का काम करता है। सबसे गंभीर बात है कि किडनी फेलियर से पहले कोई खास वार्निंग साइन भी देखने को नहीं मिलते हैं। यही वजह है कि अगर आप हाई ब्लड प्रेशर से डील कर रहे हैं, तो कुछ बातों का खास ध्यान रखें। डॉक्टर ने 5 टिप्स शेयर की हैं, जो किडनी डिजीज, डायलिसिस, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम कर सकती हैं। इन्हें आज से ही अपने रूटीन का हिस्सा बना लें।
अपने बीपी को नियमित रूप से चेक करते रहें
डॉ बृजमोहन अरोड़ा बताते हैं कि अगर आपको हाई बीपी की समस्या है, तो नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक करते रहें। अगर ये लंबे समय तक 130/80 mmHg के ऊपर बना रहता है, तो किडनी पर अनावश्यक दवाब पड़ता है। इसलिए कोशिश करें आपका ब्लड प्रेशर इससे का ही बना रहे।
यूरिन ACR टेस्ट से मिलती है शुरूआती चेतावनी
डॉक्टर बताते हैं कि यूरिन ACR टेस्ट किडनी के शुरुआती डैमेज की चेतावनी दे सकता है, इसलिए इसे जरूर कराएं। अगर ACR 30g/mg है, तो आपकी किडनी हेल्दी हैं। वहीं अगर ये लेवल बढ़ा हुआ है, तो किडनी का शुरुआती डैमेज शुरू हो चुका है, जिसे समय रहते चेक कराना बेहद जरूरी है।
ज्यादा नमक और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज करें
डॉक्टर साफ तौर पर कहते हैं कि हाई बीपी के मरीजों को रोजाना 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं लेना चाहिए। इसके साथ ही पैकेज्ड और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स अवॉइड करें, क्योंकि इनमें सॉल्ट काफी मात्रा में छिपा हुआ होता है। ज्यादा नमक लेने से बीपी पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही किडनी पर भी एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है, जो लंबे समय में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।
बढ़ी हुई डायबिटीज जल्दी खराब करती है किडनी
हाई बीपी के साथ अगर डायबिटीज भी है, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉ बृजमोहन के मुताबिक बढ़ी हुई शुगर सीधा किडनी के फिल्टर को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए इसे कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। आपका HbA1C लेवल 7% से कम होना चाहिए, फास्टिंग शुगर 115 से कम और पोस्ट मील शुगर लेवल 170 से कम होना चाहिए। इससे ज्यादा बढ़ना किडनी डैमेज की रफ्तार को बढ़ा सकता है।
रोजाना वॉक और वजन कंट्रोल है जरूरी
डॉक्टर सलाह देते हैं कि अपने रूटीन में डेली वॉक जरूर शामिल करें। रोजाना 30 से 40 मिनट की वॉक, आपके बीपी को भी कंट्रोल रखती है, इंसुलिन रेजिस्टेंस को भी कम करती है और किडनी को नेचुरली प्रोटेक्ट करती है। इसके अलावा सही बॉडी वेट मेंटेन करना भी अच्छी हार्ट हेल्थ और किडनी के लिए बेहद जरूरी है।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




