तेज गर्मी में भी आ सकता है हार्ट अटैक! ये 5 लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं अलर्ट, कार्डियोलॉजिस्ट से जानें

Deepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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गर्मी के मौसम में तेज धूप और लू से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और यही कारण हार्ट अटैक के रिस्क को बढ़ा देती है। गर्मी में भी हार्ट रिस्क बढ़ जाता है, इससे बचने के लिए आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा।

तेज गर्मी में भी आ सकता है हार्ट अटैक! ये 5 लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं अलर्ट, कार्डियोलॉजिस्ट से जानें

हार्ट अटैक के मामले लगातार आते रहते हैं और अब इसकी कोई उम्र नहीं है। 30 साल की उम्र में भी लोगों का हार्ट फेल हो रहा है और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। तेज सर्दी में जैसे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, वैसे ही तेज गर्मी भी खतरनाक है। अगर आप रोजाना धूप में बाहर जा रहे हैं, तो हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है। गर्मियों में थकान, कमजोरी, पानी की कमी, पसीना आना जैसी चीजों को हम नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ये कई बार वॉर्निंग साइन हो सकते हैं। गर्मियों में कुछ कारणों की वजह से आपके ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ सकता है, इसकी वजह से हार्ट पर वर्कलोड बढ़ जाता है और अटैक का खतरा बनता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के मुताबिक, गर्मियों में हार्ट पेशेंट्स और बुजुर्गों को खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं आखिर लू से हार्ट अटैक कैसे आ सकता है और कौन से लक्षण दिखने पर आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

गर्मी में क्यों बढ़ जाता है रिस्क?

मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टर अरिजीत दत्त ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि आखिर क्यों गर्मी में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। गर्मी में पसीना आता है, तो पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में शरीर से नमक भी निकल जाता है, ऐसे में खून गाढ़ा हो जाता है। अब दिल के इसे पंप करने में परेशानी होती है और ज्यादा मेहनत लगती है। ओवरहीटिंग और लो ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट पर स्ट्रेस बढ़ता है और यही कारण है कि हार्ट अटैक होने का खतरा रहता है।

लू लगने से पड़ सकता है दिल का दौरा

आपने कई केस देखे होंगे, जिसमें रास्ते में चलते हुए लोगों को हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हीट वेव के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट इंंबैलेंस होता जाता है और यही कारण है कि दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ता है। हीट स्ट्रोक के कारण दिल पर दबाव पड़ता है, शरीर में पानी की कमी से भी ऐसा हो सकता है। ऐसे में ब्लड गाढ़ा होने से क्लॉटिंग का रिस्क रहता है और इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस होने से हार्टबीट सही से नहीं चलती।

लक्षण जिन्हें नजरअंदाज ना करें

गर्मी के मौसम में शरीर में ऐसे कई लक्षण दिखते हैं, जिन्हें हम मौसम के कारण समझकर नजरअंदाज कर सकते हैं लेकिन ये खतरनाक हो सकते हैं। चलिए बताते हैं इसके 5 खास लक्षण कौन से हैं।

  • सांस फूलना- अगर आपकी सांस फूल रही है या लेने में दिक्कत हो रही है। तो आपको खतरा हो सकता है। साथ ही सीने में जलन या दबाव महसूस होना।
  • ज्यादा पसीना आना- एसी में बैठे हैं, फिर भी पसीना निकल रहा है। इसकी वजह हार्ट से जुड़ी परेशानी या फिर बीपी लो होना हो सकता है। गर्मी में बीपी लो होना भी रिस्क होता है।
  • उल्टी-घबराहट- गर्मी में लगातार उल्टी या घबराहट हो रही है या फिर दिल की धड़कन अचानक बढ़ गई है। ऐसे संकेत खतरे की घंटी हो सकते हैं।
  • चक्कर या बेहोशी- लू या धूप में होने पर चक्कर या बेहोशी महसूस होना। ये संकेत देता है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है। जो हार्ट के लिए खतरा है।
  • डायरिया- गर्मी में सीरियस डायरिया भी हार्ट रिस्क को बढ़ा देता है। लूज मोशन के दौरान शरीर से पानी-नमक निकल जाता है, जो दिल पर प्रेशर बनाता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा

हार्ट अटैक का खतरा उन लोगों को ज्यादा है, जो हार्ट पेशेंट है, हाई बीपी की समस्या है। हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज के मरीज हैं। मोटे, बुजुर्ग, ज्यादा स्मोकिंग करने वाले और लगातार धूप में काम करने वालों को भी ज्यादा खतरा रहता है।

क्या करना चाहिए

डॉक्टर के मुताबिक, अगर आप बाहर जा रहे हैं तो हर आधे घंटे में पानी पिएं। तेज धूप में लगातार काम ना करें, बीच में ब्रेक लें। ताजे फल और खाना खाएं। तरबूज-खरबूजा, खीरा जैसी चीजों का सेवन करें, इनमें खूब पानी होता है। बाहर का तला-भुना खाना खाने से परहेज करें।

नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।

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लेखक के बारे में

Deepali Srivastava

दीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।


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दीपाली ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2018 में राजस्थान पत्रिका की डिजिटल टीम से की। करियर के शुरुआती दौर से ही वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी रही हैं। इसके बाद उन्होंने इन्शॉर्ट्स, सत्य हिंदी, बॉलीवुडशादीज.कॉम और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर लेखन के साथ-साथ सेलेब्रिटी इंटरव्यू, वीडियो स्टोरीज, फिल्म रिव्यू और रिसर्च-बेस्ड कंटेंट की कवरेज की।


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