
पाक जेल में बंद Ex PM इमरान खान वर्टिगो से हैं पीड़ित, एक्सपर्ट से जानें क्या हैं इसके लक्षण और उपचार
'द टेलीग्राफ' में छपी जानकारी के अनुसार, जेल में रहते हुए पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को सुनने में दिक्कत और वर्टिगो जैसी दो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शुभी त्यागी से जानने की कोशिश करते हैं आखिर क्या होती है वर्टिगो की समस्या।
पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की मौत की अफवाहों से हड़कंप मच गया है। हालांकि अफगानी मीडिया रिपोर्ट के इस दावे को नकारते हुए अदियाला जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इमरान खान की मौत की खबरें बिल्कुल झूठी हैं और वह पूरी तरीके से स्वस्थ हैं। बता दें,'द टेलीग्राफ' में छपी जानकारी के अनुसार, जेल में रहते हुए 73 वर्षीय इमरान खान को सुनने में दिक्कत और वर्टिगो जैसी दो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। शारदाकेयर हेल्थसिटी की ईएनटी (कान, नाक और गला) विशेषज्ञ डॉ. शुभी त्यागी से जानने की कोशिश करते हैं आखिर क्या होती है वर्टिगो की समस्या, इससे पीड़ित व्यक्ति में क्या लक्षण नजर आते हैं और इसका उपचार क्या है।
क्या होती है वर्टिगो की समस्या?
वर्टिगो एक ऐसी समस्या है जिसमें व्यक्ति को चक्कर आने और अपने आस-पास की चीजों के घूमने का अहसास होता रहता है, जबकि वह वास्तव में स्थिर होता है। यह अक्सर आंतरिक कान की समस्याओं के कारण होता है जो संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन यह मस्तिष्क से संबंधित अन्य समस्याओं का लक्षण भी हो सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में मतली, उल्टी, संतुलन में कमी, कानों में घंटी बजना और सुनने की क्षमता में कमी शामिल हैं।
वर्टिगो के कारण
आंतरिक कान की समस्याएं- यह सबसे आम कारण है। इसमें आंतरिक कान के वेस्टिबुलर सिस्टम में जलन या कोई बीमारी शामिल हो सकती है। डॉ. शुभी त्यागी कहती हैं कि एक मरीज जिसने दीर्घकालिक तनाव का अनुभव किया है, वह कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन के स्तर में परिवर्तन दिखाएगा। यह परिवर्तन न केवल शरीर में रक्त प्रवाह के संचलन को प्रभावित करेगा, बल्कि आंतरिक कान की शारीरिक स्थिति पर भी प्रभाव डालेगा, जिससे कुछ चिकित्सा स्थितियां हो सकती हैं, जिनमें टिनिटस (कानों में बजने की आवाज) और चक्कर आने की संभावना या घूमना शामिल होता हैं।
मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं- कुछ मामलों में, यह मस्तिष्क में किसी समस्या, जैसे कि स्ट्रोक या ट्यूमर के कारण हो सकता है।
अन्य स्वास्थ्य स्थितियां- उच्च रक्तचाप, थायरॉइड की समस्या, एनीमिया या विटामिन बी12 की कमी भी इसका कारण बन सकते हैं।
वर्टिगो के लक्षण
-चक्कर आना या सिर घूमना
-संतुलन खोना या गिरने का डर
-मतली और उल्टी
-एक या दोनों कानों में बहरापन
-कानों में घंटी बजना (टिनिटस)
-आंखों पर ध्यान केंद्रित करने में समस्या
-सिरदर्द
वर्टिगो का उपचार
दिल्ली में इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर (ISIC) में ईएनटी (कान, नाक, गला) विशेषज्ञ, डॉ. अपराजिता मुंद्रा कहती हैं कि इस स्थिति की रोकथाम के लिए रोगी को कम सोडियम वाला आहार, व्यायाम और एक शांत माहौल की आवश्यकता होती है। डॉ. अपराजिता मुंद्रा कहती हैं कि वर्टिगो का उपचार मुख्य रूप से इसके कारण पर निर्भर करता है, जिसमें इप्ले मैन्युवर (Epley maneuver) जैसे विशिष्ट युद्धाभ्यास, दवाएं (जैसे एंटीहिस्टामाइन और मोशन सिकनेस दवाएं), और वेस्टिबुलर पुनर्वास थेरेपी शामिल हैं। गंभीर मामलों में सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है। घरेलू उपायों में अचानक सिर हिलाने से बचना, पर्याप्त पानी पीना और विटामिन B12, आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर संतुलित आहार लें। हर रात 7-8 घंटे की नींद लें, क्योंकि थकान से वर्टिगो की संभावना बढ़ सकती है। शराब और कैफीन का सेवन कम करें क्योंकि ये आंतरिक कान को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा ध्यान, गहरी सांस लेने या योग जैसी तकनीकों से तनाव के स्तर को कम करें, क्योंकि तनाव से वर्टिगो के लक्षण बढ़ सकते हैं।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




