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दिल की सेहत के लिए धीमा जहर जैसे होते हैं ये फूड्स, कार्डियोलॉजिस्ट बोले- हेल्दी समझकर खाने की न करें गलती

दिल की सेहत के लिए धीमा जहर जैसे होते हैं ये फूड्स, कार्डियोलॉजिस्ट बोले- हेल्दी समझकर खाने की न करें गलती

संक्षेप:

कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सतीजा का कहना है ज्यादातर फूड्स जो हेल्दी दिखते हैं, वह असल में आपके दिल की सेहत के लिए धीमे जहर जैसे होते हैं। इन्हें खाने से आप हर दिन अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। चलिए आपको पूरी लिस्ट दिखाते हैं।

Dec 15, 2025 07:06 am ISTDeepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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दिल को सेहतमंद और शरीर को चुस्त रखना है तो आपको अच्छा और बुरा खाना चुनकर खाना होगा। आजकल खराब खान-पान भी कई बीमारियों की जड़ बना हुआ है और ऐसे में कई चीजों को हम हेल्दी समझकर फौरन खा लेते हैं। लेकिन ये चीजें आपकी दिल की सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर जिवितेश सतीजा ने अपने इंस्टाग्राम पेज के लिए ऐसे सभी फूड्स आइटम्स के बारे में बताया है, जो शरीर और दिल की सेहत के लिए अच्छे नहीं होते। उनका कहना है कि आप इन्हें हेल्दी समझकर खाते हैं लेकिन ये दिल के लिए धीमे जहर की तरह काम करती हैं।

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फ्रूट जूस (घर का बना भी)

लोग सोचते हैं कि फ्रूट जूस पी लेते हैं ये काफी हेल्दी होगा और नेचुरल भी। लेकिन ऐसा नहीं है। सच ये है कि इसमें बिना फाइबर वाली चीनी होती है, जो बहुत जल्दी अवशोषित हो जाती है। इसके पीछे प्रमाण डॉक्टर ने बताया कि फ्रुक्टोज की अधिक मात्रा ट्राइग्लिसराइड्स, फैटी लिवर, इंसुलिन को बढ़ा देती है। रिसर्च के मुताबिक, फलों का रस टाइप 2 डायबिटीज को बढ़ाते हैं, जबकि फल इन्हें कम करने में मदद करते हैं। 1 ग्लास जूस में 20 ग्राम चीनी आप पी सकते हैं, इससे बेहतर है साबुत फल खाएं।

बिस्कुट

आटे वाले बिस्कुल को लेकर लोग सोचते हैं कि ये अच्छा फाइबर का स्रोत है। सच्चाई ये है कि इसमें मैदा, पाम ऑयल, चीना और सोडियम होता है। बिस्कुल या केक की 1-2 सर्विंग प्रतिदिन शुगर और दिल संबंधी बीमारियों को बढ़ाती है। साथ ही इससे शुगर, मोटापा भी बढ़ता है। आप बिस्कुल की जगह मखाना, मूंगफली खाएं।

फ्लेवर्ड योगर्ट

ज्यादातर लोग फ्लेवर योगर्ट खाते हैं, जिसके लिए माना जाता है कि ये आंतों के लिए हेल्दी और कैल्शियम का स्रोत है। लेकिन 100 ग्राम फ्लेवर्ड योगर्ट में 12 ग्राम चीनी होती है। चीनी की अधिक मात्रा हार्ट अटैक या अन्य समस्याओं के खतरे को बढ़ाता है। फ्लेवर्ड के बजाय सादा दही खाएं।

लो फैट पैक्ड फूड

ज्यादातर लोगों को लगता है कि लो फैट वाला फूड है, तो ये अच्छा ही होगा। सच ये है कि इसमें चीनी, गाढ़ा करने के लिए हैवी स्टार्च, हानिकारक केमिकल मिले होते हैं। कम फैट वाले लेकिन हानिकारक पदार्थों से युक्त रिफाइंड, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाते हैं। कम फैट वाली चीजों से दिल से जुड़ी बीमारियों होती है या फिर आप इसके साथ नट्स-सीड्स खाएं।

इंस्टेंट ब्रेकफास्ट

आजकल हर किसी को जल्दी वाला नाश्ता चाहिए जैसे सीरियल्स, चॉकोस कई चीजें ब्रेकफास्ट ऑप्शन में आ चुकी हैं। लेकिन इसमें उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) आर्टिफिशियल फ्लेवर्स और प्रिजर्वेटिव होते हैं। ज्यादातर सीरियल्स में 15 ग्राम चीनी पाई जाती है, जीआई 75-80 होता है, जो इंसुलिन बढ़ाता है। नाश्ते के लिए हमेशा पका हुआ खाना ही चुनें। आप ओट्स, अंडा जैसी चीजें खा सकते हैं।

फ्लेवर वाले प्रोटीन पाउडर

वर्कआउट करने वाले लोग प्रोटीन पाउडर खूब पीते हैं और आजकल लोग ऐसे भी पी रहे हैं। फ्लेवर वाले प्रोटीन पाउडर माल्टोडेक्सट्रिन, सुक्रालोज, आर्टिफिशियल फ्लेवर्स व अन्य केमिकल होते हैं। आर्टिफिशियल कलर्स आपके दिल, आंत की सेहत के लिए बुरा होता है। इससे TG व CRP का लेवल भी बढ़ेगा। आप बिना फ्लेवर वाला अच्छे ब्रांड का प्रोटीन पाउडर चुनें।

डालडा या यूज किया तेल

कई घरों में घी की जगह डालडा का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही एक बार से ज्यादा बार यूज किया गया तेल ट्रांस फैट से भरपूर होते हैं। ट्रांस फैट के कारण दुनियाभर में कई लोग मरते हैं। इससे LDL बढ़ता है और HDL कम हो जाता है। इससे प्लाक भी बढ़ता है। डालडा का यूज ज्यादातर स्ट्रीट फूड्स को बनाने में किया जाता है।

पैकेट नमकीन

चाय के साथ पैकेट वाली नमकीन को कभी भी खराब नहीं माना जाता और लोग इसे मजे से खाते हैं। लेकिन इसमें सोडियम की अधिक मात्रा, ट्रांस फैट, तेल का ज्यादा इस्तेमाल शामिल होता है। इससे हार्ट पर भी असर होता है। इसकी जगह आप भुने हुए नट्स खाएं।

सफेद ब्रेड या बन

सफेद ब्रेड या बन ज्यादातर घरों में नाश्ते में खाई जाती है। लोगों को लगता है कि ये फायदेमंद है लेकिन ये सिर्फ रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है, इसमें बिल्कुल भी फाइबर नहीं है। इसमें जीआई 70-75 होता है, जो आंत की चर्बी, शुगर लेवल, ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाता है। ब्रेड में सिर्फ मैदा होता है और बाकि में कलर भी मिलाए जाते हैं। आप इसकी जगह रोटी को गर्म करके खाएं।

Deepali Srivastava

लेखक के बारे में

Deepali Srivastava
दीपाली श्रीवास्तव लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। इन्होंने गणित विषय से BSc की डिग्री ली है। जागरण इंस्टीट्यूट से मास कम्यूनिकेशन में तीन साल की डिग्री ली है। लाइव हिंदुस्तान से पहले ये अमर उजाला, इनशॉर्ट्स, सत्य हिंदी, राजस्थान पत्रिका जैसे संस्थानों में काम कर चुकी हैं। इन्हें साढ़े छह साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव है। शुरू से ही मनोरंजन बीट पर काम करती रही हैं। इस सेक्शन से जुड़ी स्टोरी लिखना और पढ़ना दोनों ही इन्हें काफी पसंद है। पुराने संस्थानों में फिल्मों के रिव्यू, सुनिए सिनेमा जैसे न्यूज वीडियो और सेलेब्स इंटरव्यू किए हैं। इन्हें घूमना, कहानी या कविता लिखना और फिल्में देखना काफी पसंद है। और पढ़ें

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