स्वाइन फ्लू से सावधान! बदलते मौसम में इन बातों को अपनाकर खुद का रखें खास ध्यान
बदलते मौसम में बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। खासतौर से बारिश के दिनों में स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। इससे बचने के लिए आपको खुद का खूब ख्याल रखना चाहिए। यहां जानिए कैसे रखें खुद का ख्याल-

बारिश के मौसम में बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसा वातावरण में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण होता है। बारिश का मौसम बैक्टीरिया और वायरस के पनपने के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छर बहुत तेजी से पनपते हैं। बदलते मौसम में शरीर की इम्यूनिटी की क्षमता कम हो जाती है, जिससे वायरल बुखार और संक्रमण जल्दी होते हैं। इस बदलते मौसम में एक बीमारी जिसका सबसे ज्यादा खतरा रहता है वह स्वाइन फ्लू है। स्वाइन फ्लू एक वायरल श्वसन संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। ये संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने पर निकलने वाली छोटी बूंदों से फैलती है। संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह छूने से भी संक्रमण हो सकता है। इस बीमारी से खुद का बचाव करने के लिए यहां कुछ टिप्स बता रहे हैं।
स्वाइन फ्लू के कॉमन लक्षण क्या हैं?
-तेज बुखार
-खांसी
-गले में खराश
-नाक बहना या बंद होना
-शरीर और सिर में दर्द
-ज्यादा थकान
-कुछ मामलों में उल्टी या दस्त
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या करें?
- स्वाइन फ्लू की समस्या से बचने के लिए खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या कोहनी से ढकें।
- बीमार लोगों के पास जाने से बचना चाहिए। जिन लोगों को खांसी-जुकाम है उनसे दूरी बनाएं।
- बार-बार हाथ धोएं या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं।
- भीड़भाड़ या बंद जगहों में खासतौर से जब संक्रमण फैल रहा हो तब मास्क पहनना फायदेमंद हो सकता है।
-आंख, नाक और मुंह को बिना हाथ धोए बार-बार छूने से बचें।
- पर्याप्त नींद लें, संतुलित डायट खाएं और पर्याप्त पानी पिएं ताकि इम्यून सिस्टम बेहतर काम करे।
-प्रेगनेंट महिलाएं, बुजुर्ग, छोटे बच्चे, या गंभीर हृदय, फेफड़े या डायबिटीज जैसी बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर से फ्लू वैक्सीन के बारे में सलाह लें।
डॉक्टर को कब दिखाएं
-सांस लेने में तकलीफ होना
-लगातार तेज बुखार रहना
-सीने में दर्द
- बहुत ज्यादा सुस्ती या बेहोशी जैसी हालत
-अगर लक्षण तेजी से बिगड़ रहे हों
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें। वहीं अगर फ्लू जैसे लक्षण शुरू हुए हैं, तो शुरुआती 48 घंटों के भीतर डॉक्टर से चेकअप जरूर करवाएं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवा लें


