
पूरी नींद लेने के बाद भी महसूस होती रहती है थकान, डॉक्टर ने किया अलर्ट; बताए कारण
Reasons why people feel tired after waking up : अगर आपके साथ हर रोज सुबह ऐसा होता है तो यह सिर्फ खराब नींद नहीं, बल्कि किसी गंभीर समस्या का अलर्ट भी हो सकता है। सीके बिड़ला अस्पताल के डॉ. सुखविंदर सिंह सग्गू से इसके पीछे के जिम्मेदार कारण जानने की कोशिश करते हैं।
अकसर कई बार लोग यह शिकायत करते हैं कि पूरी रात अच्छी नींद लेने के बावजूद जब वो सुबह जागते हैं तो उन्हें थकावट और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस होने लगते हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि ऐसा देर तक जागने, तनाव लेने या फिर नींद ठीक से न आने की वजह से होता है। जिसकी वजह से लोग इस समस्या को साधारण समझकर अकसर नजरअंदाज कर दिया करते हैं। लेकिन अगर आपके साथ हर रोज सुबह ऐसा होता है तो यह सिर्फ खराब नींद नहीं, बल्कि किसी गंभीर समस्या का अलर्ट भी हो सकता है। सीके बिड़ला अस्पताल के जीआई (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) और बैरिएट्रिक सर्जरी के निदेशक डॉ. सुखविंदर सिंह सग्गू से जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर ऐसा होने के पीछे क्या कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर सग्गू
डॉ. सुखविंदर सिंह सग्गू कहते हैं कि रात भर सोने के बावजूद सुबह थकावट और आलस महसूस करने के पीछे एक आम कारण स्लीप एपनिया जिम्मेदार हो सकता है। इस समस्या में नींद के दौरान बार-बार सांस रुकती और फिर शुरू होती है। इससे शरीर गहरी, आराम देने वाली नींद में नहीं पहुंच पाता। ऐसे लोगों में जोर से खर्राटे आना, रात में हांफकर उठना, सुबह सिरदर्द रहना या दिनभर नींद आना जैसे लक्षण दिखते हैं। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियों और याददाश्त की दिक्कतों का कारण बन सकता है।
खराब स्लीप हाइजीन
खराब स्लीप हाइजीन की वजह से भी पूरी रात नींद लेने के बाद भी व्यक्ति को सुबह उठते ही थकान महसूस हो सकती है। दरअसल, रात में देर तक मोबाइल या लैपटॉप चलाना, सोने-जागने का अनियमित समय, सोने से पहले भारी खाना खाना या शाम को कैफीन लेना, ये सब शरीर की प्राकृतिक नींद की लय को बिगाड़ देते हैं। चाहे नींद के घंटे पूरे लगें, लेकिन अगर नींद बार-बार टूट रही हो या गहरी न हो, तो सुबह थकान महसूस होती है।
तनाव और डिप्रेशन
लगातार तनाव, एंग्जायटी या डिप्रेशन भी नींद खराब करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में दिमाग तनाव वाले हार्मोन ज्यादा बनाने लगता है, जिसके कारण रात में दिमाग 'स्विच ऑफ' नहीं हो पाता। इसका नतीजा है हल्की और बेचैन नींद, और सुबह उठते ही भारीपन महसूस होना।
मेडिकल कारण
कुछ मेडिकल कारण जैसे थायरॉइड की समस्या, एनीमिया, विटामिन डी या बी12 की कमी, और अनकंट्रोल्ड डायबिटीज भी लगातार थकान की वजह बन सकते हैं। जब शरीर की ऊर्जा बनाने की क्षमता या ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है, तो लंबी नींद लेने के बाद भी फ्रेशनेस महसूस नहीं होती। ऐसे मामलों में साधारण ब्लड टेस्ट से वजह पता चल सकती है।
खराब लाइफस्टाइल
नींद लेने के बावजूद आलस बने रहने के पीछे लाइफस्टाइल भी जिम्मेदार हो सकता है, कम शारीरिक गतिविधि, ज्यादा शुगर लेना, पानी कम पीना, या सोने का अस्थिर समय, ये सब सुबह की ऊर्जा पर असर डालते हैं। हमारा शरीर एक सर्केडियन रिदम पर चलता है, और जब यह बिगड़ता है, तो नींद की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है।
पर्यावरण
इस समस्या को बढ़ाने में पर्यावरण भी असर डालता है। असुविधाजनक गद्दा, कमरे में हवा का कम चलना, शोर, या ज्यादा रोशनी, ये भी गहरी नींद में बाधा डालते हैं। छोटी-छोटी रुकावटें भी दिमाग को गहरी नींद (जैसे स्लो-वेव और REM स्लीप) तक पहुंचने नहीं देतीं, जो शरीर की पूरी रिचार्जिंग के लिए जरूरी है।
डॉक्टर की सलाह
अगर आप रोज सुबह थक कर उठते हैं, तो इसे हल्के में न लें। यह संकेत हो सकता है कि आपका शरीर सही मायने में आराम नहीं कर पा रहा है, या फिर कोई अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या मौजूद है। डॉक्टर सग्गू सलाह देते हैं कि समस्या के पीछे छिपा असली कारण पहचानें, चाहे वह मेडिकल हो, मानसिक हो या लाइफस्टाइल से जुड़ा, बेहतर नींद और सुबह की ऊर्जा दोनों के लिए जरूरी है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




