
क्या सच में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है घी, हार्ट पेशेंट के लिए पैदा करता है खतरा? डायटीशियन से जानें
घी को लेकर मन में बसा ये डर क्या वाकई जायज है। क्या आपको भी लगता है घी में मौजूद संतृप्त वसा की वजह से इसका सेवन आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाकर दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है?
सदियों से भारतीय भोजन की थाली में स्वाद और सेहत, एकसाथ परोसने की जिम्मेदारी रसोई के किसी एक कोने में रखे घी ने बड़ी ईमानदारी से निभाई है। दाल और सब्जी में लगा घी का तड़का, भोजन का स्वाद और स्वास्थ्य, दोनों को बढ़ाता है। घी ऊर्जा का एक समृद्ध स्रोत है, जो पाचन को अच्छा बनाकर बदलते मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। दादी-नानी के जमाने से घी के ढेरों फायदे सुनने के बावजूद आज का आधुनिक आहार नियम घी को जब गलत तरीके से आंकता है, तो जाने-अनजाने हम उस पर विश्वास करने लगते हैं। खासतौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने वाले लोग तो इसे संदेह की दृष्टि से देखने लगते हैं। ऐसे में घी को लेकर मन में बसा ये डर क्या वाकई जायज है। क्या आपको भी लगता है घी में मौजूद संतृप्त वसा की वजह से इसका सेवन आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाकर दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? सीके बिड़ला अस्पताल की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. दीपाली शर्मा से जानने की कोशिश करते हैं आखिर घी सेहत का दुश्मन है या दोस्त।
क्या कहती हैं डायटीशियन
डॉ. दीपाली शर्मा कहती हैं कि घी भारतीय भोजन का सदियों से हिस्सा रहा है, लेकिन आजकल इसमें मौजूद संतृप्त वसा की वजह से ज्यादातर लोग इसे 'अनहेल्दी' बताने लगते हैं। ऐसे में यह सवाल की 'क्या घी वाकई कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है', इसका जवाब इतना सीधा नहीं है। डॉ. दीपाली शर्मा कहती हैं कि घी में संतृप्त वसा जरूर मौजूद होते हैं, लेकिन सारे फैट शरीर के लिए खराब नहीं होते हैं। घी में ब्यूटायरेट जैसे फैटी एसिड होते हैं, जो पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, सूजन कम करने और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। ब्यूटायरेट आंत की परत को स्वस्थ रखता है, पाचन में सहायता करता है, और सूजन को कम करता है, जिससे समग्र आंत स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
क्या कहती है रिसर्च?
घी पर हुई नई रिसर्च के अनुसार अगर घी अच्छी क्वालिटी का हो और थोड़ी मात्रा में खाया जाए, तो यह ज्यादातर लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को नहीं बढ़ाता है। इसके विपरीत घी का सेवन अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जो दिल की सुरक्षा करता है। हालांकि घी के सेवन का असर हर व्यक्ति पर अलग होता है। जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल पहले से हाई बना रहता है, या फिर जिन्हें दिल की बीमारियां, मधुमेह या अनियंत्रित वजन की शिकायत के साथ खराब लाइफस्टाइल है, उनके लिए घी में मौजूद संतृप्त वसा का अधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है।
घी से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई
मिथक- 'घी खाने से तुरंत नसें ब्लॉक हो जाती हैं'
सच्चाई- डॉ. दीपाली शर्मा कहती हैं कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। नसें ब्लॉक होना एक लंबा प्रोसेस है जो गलत डाइट, एक्सरसाइज की कमी, धूम्रपान, हाई बीपी , अनुवांशिक और ट्रांस फैट वाली चीजों के अधिक सेवन से होता है। शुद्ध देसी घी का कम मात्रा में सेवन इस समस्या का मुख्य कारण नहीं है।
मिथक- घी से मोटापा बढ़ता है।
सच्चाई- घी चयापचय को सपोर्ट करके विटामिन ए, डी, ई और के जैसे वसा-घुलनशील विटामिनों के अवशोषण में मदद करता है, जो प्रतिरक्षा और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं। यह विटामिन के2 के कारण कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाकर हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।
मिथक- घी की क्वालिटी से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
सच्चाई- शुद्ध देसी घी और A2 गाय का घी सेहत के लिए अच्छे माने गए हैं, लेकिन मिलावटी या वनस्पति घी में ट्रांस फैटकी अधिक मात्रा हो सकती है, जो वाकई कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ाते हैं।
सलाह-
डॉ. दीपाली शर्मा सलाह देती हैं कि जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल पहले से बढ़ा हुआ रहता है, वो घी को पूरी तरह छोड़ने की जगह कम मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं। हालांकि ऐसा करने से पहले आपको किसी आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसके अलावा तला-भूना और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करके नियमित वर्कआउट करना भी जरूरी है। डॉ. दीपाली कहती हैं कि इस बात का ध्यान रखें कि घी कभी भी अपने-आप कोलेस्ट्रॉल लेवल नहीं बढ़ाता है। अगर आप अच्छी क्वालिटी का घी कम मात्रा में खाएंगे और अपनी लाइफस्टाइल को एक्टिव बनाए रखेंगे तो घी बिल्कुल अनहेल्दी नहीं है। आम तौर पर हेल्दी लोगों के लिए रोजाना 1–2 चम्मच घी का सेवन ठीक माना जाता है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




