
पार्टनर की नींद नहीं आपकी सेहत भी खराब कर सकते हैं खर्राटे, बढ़ सकता है 4 गंभीर रोगों का खतरा
रात में सोते समय खर्राटे मारना बहुत सामान्य है। लगभग हर घर में किसी न किसी के खर्राटे चर्चा का विषय बने रहते हैं। वैसे तो खर्राटे अक्सर दूसरों की नींद खराब करते हैं, लेकिन अगर खर्राटे ज्यादा तेज हैं, तो समझ जाइए कि आपको खुद अपनी सेहत के बारे में भी आंखें खोलकर देखने का वक्त आ गया है।
क्या आप रात भर अपने पार्टनर के खर्राटों की वजह से ठीक से सो नहीं पाते हैं? खर्राटे की आवाज कई बार इतनी तेज होती है कि आपको कमरा तक बदलने पर मजबूर होना पड़ता है? अगर वाकई ऐसा कुछ आपके साथ रोज होता है तो इस समस्या को अपनी झुंझलाहट और पार्टनर की सिर्फ आदत समझकर टालने की गलती ना करें। एक्सपर्ट्स की मानें तो लगातार खर्राटे लेना सेहत से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं की तरफ इशारा हो सकता है। जिसे नजरअंदाज करने पर व्यक्ति के लिए हार्ट फेल, स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ सकता है।
रात में सोते समय खर्राटे मारना बहुत सामान्य है। लगभग हर घर में किसी न किसी के खर्राटे चर्चा का विषय बने रहते हैं। वैसे तो खर्राटे अक्सर दूसरों की नींद खराब करते हैं, लेकिन अगर खर्राटे ज्यादा तेज हैं, तो समझ जाइए कि आपको खुद अपनी सेहत के बारे में भी आंखें खोलकर देखने का वक्त आ गया है। बहुत से मामलों में खर्राटे किसी बड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकते हैं।
एनेस्थिसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सूद ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि खर्राटे सिर्फ आपके पार्टनर को रात में जगाए नहीं रखते, बल्कि ये हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की ओर भी इशारा कर सकते हैं। डॉ. कुणाल कहते हैं कि, 'जोर-जोर से, आदतन खर्राटे लेना, हांफना या रुक-रुक कर आना, कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. कुणाल कहते हैं कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) का मूल्यांकन और उपचार करने से उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर के जोखिम कम हो सकते हैं और साथ ही नींद और दिन के कामकाज में भी सुधार हो सकता है'।
ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया का संकेत
आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में पल्मोनोलॉजिस्ट (छाती और फेफड़े के विशेषज्ञ) डॉ. अरुण चौधरी कोटरू कहते हैं कि सोते समय थोड़े खर्राटे आना सामान्य है, लेकिन लगातार और बहुत तेज खर्राटे आना ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) का संकेत हो सकता है। यह सोते समय सांस लेने में होने वाली परेशानी है। अगर समय रहते सतर्कता न बरती जाए, तो ओएसए के कारण आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
खर्राटे होते हैं कई गंभीर रोगों का इशारा
ओएसए अपने आप में बहुत गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन अगर समय रहते इसका समाधान न हो, तो स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए तेज खर्राटे को हल्के में लेने की गलती कतई न करें।
दिल को खतरा
रात में लगातार सांस लेने के लिए संघर्ष करने से दिल पर दबाव बढ़ जाता है। इससे हार्ट फेल होने और हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में बहुत बढ़ जाता है। इसके अलावा सोते समय शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलने से स्ट्रोक का खतरा भी बना रहता है।
पूरी नहीं होती नींद
ओएसए से पीड़ित लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं। कई बार उनके खर्राटे उन्हें ही जगा देते हैं। ऐसा लंबे समय तक रहने से थकान और चिड़चिड़ापन होता है। कुछ मामलों में यह थकान व्यक्ति को एकाग्र नहीं होने देती, जिससे एक्सीडेंट या अन्य किसी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
दिमाग में परेशानी
अच्छी नींद नहीं आने से कई तरह की मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं। इससे ध्यान न लगने, याददाश्त कमजोर होने, मूड स्विंग होने और डिप्रेशन का खतरा भी बना रहता है।
हाई बीपी की परेशानी
ओएसए के कारण सोते समय शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इससे दिल के लिए ब्लड की पंपिंग मुश्किल होती है और सीने पर दबाव बढ़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने से रात में भी शरीर का बीपी अन्य लोगों की तरह नीचे नहीं जाता है और हाई बीपी की स्थायी समस्या बन जाती है।
डॉक्टर से मिलना कब होता है जरूरी
खर्राटे के साथ अगर निम्नलिखित में से कोई लक्षण दिखने लगे, तो सतर्क हो जाइए। ऐसे मामलों में डॉक्टर से मिलकर अपनी स्थिति के बारे में परामर्श करना और सतर्कता बरतना जरूरी हो जाता है।
-सोते समय अचानक सांस रुकने का अनुभव होना
-दिन में बहुत उनींदापन लगना
-किसी काम में ध्यान लगाने में परेशानी
-सुबह जागने पर सिरदर्द
-जागने के बाद गले में खराश
-पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान लगना
-हाई ब्लड प्रेशर
-रात में सीने में दर्द
-बच्चा तेज खर्राटे लेता हो और स्कूल में उसका प्रदर्शन खराब होने लगे

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




