हार्ट अटैक से ले कर शुगर तक...ये 5 तेल बन सकते हैं वजह, आप तो नहीं करते इस्तेमाल?
क्या आपको भी लगता है कि घर का खाना हेल्दी होता है? सच्चाई ये है कि अगर गलत तेल में खाना बना रहे हैं, तो वो कितना भी हेल्दी हो सेहत को नुकसान ही करेगा। डॉक्टर कहती हैं कि ये 5 तेल आप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज ही रसोई से बाहर कर दें।

जब भी बात सेहत की होती है, तो सबसे पहला बदलाव हम अपने खानपान में ही करते हैं, जो कि करना भी चाहिए। लेकिन सिर्फ घर की दाल या सब्जियां खाना ही हेल्दी नहीं है, क्योंकि अगर आपका तेल ठीक नहीं है तो उसमें जो भी पका रहे हों और आपकी सेहत पर बुरा असर डाल ही रहा होता है। अक्सर हम कोई भी तेल खरीद लेते हैं, जो हमारे बजट में फिट हो या टीवी पर उसका एड देखा हो। ये तरीका बिल्कुल भी सही नहीं है। डॉ शालिनी सिंह सालुंके एक पोस्ट के जरिए बताती हैं कि सही तेल चुनना सबसे ज्यादा जरूरी चीज है। उन्होंने ऐसे 5 कुकिंग ऑयल की लिस्ट शेयर की है, जो उनके मुताबिक आपको अपनी रसोई में बिल्कुल नहीं लाने चाहिए। तो चलिए जानते हैं वो तेल कौन से हैं -
गलत तेल चुनने के नुकसान क्या हैं?
डॉ शालिनी कहती हैं कि दाल या सब्जी आप कितनी भी हेल्दी बनाएं, लेकिन अगर गलत तेल में बना रहे हैं तो फायदे से ज्यादा नुकसान ही होगा। गलत तेल लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों को जन्म दे सकता है, जैसे- फैटी लिवर, शुगर और बीपी का बढ़ना, कोलेस्ट्रॉल का नसों में जमना या हार्ट का कमजोर पड़ना। ऐसे में अगर ये 5 तेल आपकी रसोई में मौजूद हैं, तो उन्हें आज ही निकालकर बाहर फेंक दें।
वनस्पति घी सबसे खराब होता है
वनस्पति घी का इस्तेमाल आज भी कई घरों में होता है, जबकि सेहत के लिए ये सबसे खराब माना जाता है। डॉक्टर कहती हैं कि वनस्पति घी में ट्रांस फैट की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है, जो हार्ट संबंधी बीमारियों और कई मामलों में हार्ट अटैक तक कि वजह बन सकता है।
बार-बार गर्म किया हुआ तेल यूज ना करें
डॉ शालिनी बताती हैं कि कोई भी तेल हो, अगर उसे बार बार गर्म कर के इस्तेमाल किया जाए तो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। किसी भी तेल को गर्म कर के ठंडा किया जाए और फिर दोबारा गर्म किया जाए तो आगे जा कर कैंसर तक का रिस्क बढ़ सकता है।
बाहर के खाने में होता है पाम ऑयल
डेली बेसिस पर कई लोग पाम ऑयल कंज्यूम करते हैं, क्योंकि पैकेट वाले फूड्स और स्ट्रीट फूड में ज्यादातर पाम ऑयल का ही इस्तेमाल किया जाता है। ये हार्ट हेल्थ के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है और कोलेस्ट्रॉल को काफी तेजी से बढ़ाता है।
दिल के लिए सही नहीं है सोयाबीन का तेल
डेली कुकिंग के लिए बहुत से घरों में सोयाबीन ऑयल इस्तेमाल होता है, को हार्ट हेल्थ के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टर कहती हैं कि सोयाबीन ऑयल ओमेगा 6 फैटी एसिड से भरपूर होता है। ऐसे में अगर इसे बार-बार और ज्यादा मात्रा में कंज्यूम किया जाए तो नसों में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल का रिस्क बढ़ सकता है।
कोई भी रिफाइंड ऑयल नहीं है हेल्दी
डॉक्टर कहती हैं कि कोई भी रिफाइंड ऑयल सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। ये काफी ज्यादा प्रोसेस्ड होते हैं, इसलिए इनमें पोषक तत्व ना के बराबर होते हैं और ट्रांस फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है। डॉक्टर सलाह देती हैं कि हमेशा कोल्ड प्रेस्ड और नेचुरली एक्सट्रैक्ट किए गए तेल ही खाने में इस्तेमाल करने चाहिए। इनमें गुड फैट्स मौजूद होते हैं।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anmol Chauhanअनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टकंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए हेल्थ, रिलेशनशिप, फैशन, ट्रैवल और कुकिंग टिप्स से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रीडर-सेंट्रिक और सरल भाषा में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करना उनके लेखन की खास पहचान है।
करियर की शुरुआत
अनमोल ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से की। बतौर फ्रेशर, वह डिजिटल मीडिया के कंटेंट फॉर्मेट, रीडर बिहेवियर और सर्च ट्रेंड्स को समझते हुए लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े प्रैक्टिकल विषयों पर काम कर रही हैं, जिनमें डेली कुकिंग टिप्स, आसान रेसिपी आइडियाज़ और किचन हैक्स शामिल हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनमोल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातक (BA) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इस अकादमिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ, फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और जिम्मेदार पत्रकारिता की मजबूत नींव दी।
लेखन शैली और दृष्टिकोण
अनमोल का मानना है कि लाइफस्टाइल जर्नलिज्म का उद्देश्य सिर्फ ट्रेंड बताना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में काम आने वाली, भरोसेमंद और आसानी से अपनाई जा सकने वाली जानकारी देना होना चाहिए। उनकी स्टोरीज में हेल्थ, फूड और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।
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