
कमजोर फेफड़ों से बन जाती है सांस फूलने की बीमारी, अमेरिकी डॉक्टर की बताई 3 आदतें को करें फॉलो, लंग्स बनेंगे फौलादी
प्रदूषित हवा के बीच फेफड़ों को मजबूत बनाए रखना बड़ा टास्क हो गया है। अगर आप भी अपने लंग्स को फौलादी बनाना चाहते हैं, तो अमेरिकी डॉक्टर की बताई 3 आदतों को अपने डेली रूटीन में शामिल कर लें।
दिल्ली की हवा दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है, ऐसे में लंग्स से जुड़ी बीमारियों के मरीज भी डॉक्टर्स के पास लाइन लगा रहे हैं। कमजोर फेफड़ों के कारण सांस फूलना, अस्थमा, लगातार खांसी, सीने में दर्द या जकड़न जैसी समस्याएं हो जाती है। सांस फूलने से आपका उठना-बैठना मुश्किल हो सकता है और अस्थमा के कारण लंबे समय तक खांसी आ सकती है। ऐसे में लोग लंग्स को मजबूत बनाने के लिए कई दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं। अगर आप दिल्ली में रहते हैं और फेफड़ों को मजबूत करना चाहते हैं, तो अमेरिकी एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और इंटरवेशनल पेन मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉक्टर कुणाल सूद ने 3 आदतों के बारे में बताया है। इन आदतों को अगर आप रूटीन में शामिल करते हैं, तो फेफड़े फौलाद की तरह मजबूत हो जाएंगे। डॉक्टर का कहना है कि वह खुद भी इन आदतों को फॉलो करते हैं।
नुकसान क्या करता है-
अच्छी आदतों को जानने से पहले ये जान लीजिए कि फेफड़ों को सबसे ज्यादा आपकी कौन सी आदतें नुकसान पहुंचा रही हैं। पिछले कुछ सालों में देश में फेफड़ों के बीमारी से जुड़ी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फेफड़ों से जुड़ी बीमारी को COPD (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) कहा जाता है। आपकी कुछ ऐसी आदतें हैं, जो आपके लंग्स को रोजाना धीरे-धीरे खत्म कर रही हैं।
- स्मोकिंग आजकल सभी करने लगे हैं। स्मोकिंग न सिर्फ कैंसर बनाती है, बल्कि ये फेफड़ों को भी कमजोर कर देती है।
- बाहर से ज्यादा घर की अशुद्ध हवा फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है। घर पर फर्नीचर, अगरबत्ती, धूपबत्ती, एयर फ्रेशनर से फेफड़े कमजोर होते हैं।
- डॉक्टर के मुताबिक, अगर आपकी फिजिकल एक्टिविटी जीरो है, तो लंग्स जल्दी खराब हो जाते हैं।
3 आदतें हैं जरूरी-
1- डॉक्टर के मुताबिक, डेली रूटीन में कार्डियो करना काफी जरूरी है। आप कार्डियो में कुछ भी कर सकते हैं, जैसे रनिंग, जॉगिंग, वॉकिंग, साइकिलिंग। ये चीजें अगर आप रोजाना 20 से 30 मिनट भी कर लेते हैं, तो फेफड़े मजबूत हो जाएंगे। कार्डियो करने से सांस की नली खुल जाती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
2- सूद का कहना है कि मैं रोजाना सुबह उठकर 15 के लिए स्लो नेसल ट्रेनिंग करता हूं। सांस लें और फिर 5 सेकेंड के बाद छोड़ें। ऐसा करने से तनाव कम करने, फेफड़ों और हार्ट को मजबूत करने में मदद मिलती है।
3- तीसरी आदत के बारे में बताते हुए कुणाल सूद ने कहा कि आपकी आंत में मौजूद गुड बैक्टीरिया लंग्स हेल्थ को सुधारने में मदद करते हैं। अच्छी गट हेल्थ सूजन होने से रोकता है और सांस लेने में भी तकलीफ नहीं होती। इसके लिए आप गट फ्रेंडली फूड्स को डायट में शामिल करें। आप अपने डॉक्टर के सलाह पर कुछ प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स भी खा सकते हैं।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।

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Deepali Srivastavaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




