दकियानूसी नहीं साइंस अप्रूव हैं दादी-नानी के ये रूल्स, आपके घर में कितने फॉलो होते हैं?
अक्सर लोग पुराने जमाने के नियमों को नहीं मानते हैं और दकियानूसी बताते हैं लेकिन ये नियम आपकी हेल्थ के साथ सीधे जुड़े होते हैं और साइंस की स्टडी में इन बातों का पता चल चुका है। जैसे ये 6 पुराने नियम जो आपकी हेल्थ के लिए मानना जरूरी है।

हर घर के बूढ़े-बुजुर्ग कुछ ना कुछ नियम बताते हैं। खाने-पीने, सोने, घर के काम करने से जुड़े और इन रूल्स को वो भगवान या फिर पूजा से जोड़ देते हैं। और, ज्यादातर मॉडर्न घरों में बच्चे उन रूल्स को बिल्कुल नहीं मानते लेकिन अब तो साइंस ने भी उन पुराने नियमों को अप्रूव किया है। जिन्हें फॉलो करने से ना केवल सेहत पर असर पड़ता है बल्कि आपके बहुत सारे काम आसान हो जाते हैं। जैसे ये 6 रूल्स जिन्हें लोग दकियानूसी बताते हैं लेकिन ये पूरी तरह से साइंस प्रूवन है।
रात को झाड़ू नहीं लगाते
लगभग हर घर में ये मान्यता सुनने को मिलती है कि रात के समय झाड़ू नहीं लगाते लक्ष्मी नाराज हो जाती है। इस रूल का साइटिंफिक कारण है डस्ट पार्टिकल, जो झाड़ू लगाने से हवा में तैरने लगते हैं और रात के वक्त आसानी से सेटल नहीं होते। कमरे में जब रात के समय झाड़ू लगेगी तो उन्हें हम इनहेल करके सांसों के अंदर लेंगे। इसीलिए कहा गया है कि सुबह सूरज उगने के साथ झाड़ू लगाएं जिससे सनलाइट में बैक्टीरिया मर जाएं और डस्ट पार्टिकल सांसों के जरिए लंग्स में ना पहुंचे।
तुलसी का पत्ता संडे को नहीं तोड़ना चाहिए
हिंदू घरों में ये मान्यता है कि रविवार के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। दरअसल, किसी भी पौधे की पत्तियों को तोड़ा जाए तो उनसे स्ट्रेस रिलीज होता है। जिससे वो जल्दी मर जाते हैं। तुलसी के पौधे को जिंदा रखने के लिए ही ये नियम बनाया गया कि एक से दो दिन उनके पत्तों को ना तोड़ा जाए और वो बेहतर कंडीशन में बने रहे। इसीलिए ज्यादातर घरों में मान्यता है कि मंगलवार और रविवार को तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
घी का दीया जलाएं
भगवान के सामने घी का दीया जलाना केवल धर्म से नहीं जुड़ा है बल्कि ये साइंटिफिक प्रूव है कि घी का दीया जलाने से घर के 94 प्रतिशत बैक्टीरिया मर जाते हैं। तो भगवान के सामने रखा वो दीया दरअसल आपके घर को एंटीबैक्टीरियल बनाता है।
तांबे के बर्तन का पानी सुबह पीना
तांबे के बर्तन में रखा पानी रातभर के बाद सुबह पीने से बैक्टीरिया को मारता है और शरीर को हेल्दी बनाता है।
रात को पीपल के पेड़ के नीचे ना बैठो
रात को पीपल के पेड़ के नीचे ना बैठने का लॉजिक पूरी तरह से साइंटिफिक है। रात को पीपल कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ता है। इसीलिए बड़े-बुजुर्गों ने उसे डर से जोड़ दिया ताकि लोग पेड़ के नीचे ना बैठे।
सूरज को पानी देना
सुबह के समय सूरज को पानी देना केवल धर्म से जुड़ा नही है। ऐसा करने से शरीर को लाइटनिंग एनर्जी मिलती है। आंखों की रोशनी बढ़ती है और विटामिन डी मिलता है।
लेखक के बारे में
Aparajitaअपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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