
सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है पटाखों का जहरीला धुआं, ये होते हैं 5 बड़े साइड इफेक्ट्स
संक्षेप: Side Effects Of Fire Crackers On Health : पटाखे हवा में धूल और प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों की मात्रा बढ़ा देते हैं। जिससे व्यक्ति को सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं पटाखों का जहरीला धुआं सेहत को क्या बड़े नुकसान पहुंचा सकता है।
देशभर में दिवाली 2025 का त्योहार बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। रोशनी और खुशियों से भरे इस त्योहार का बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक को पूरे साल बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है। भले ही दिवाली का पर्व मिठाई और पटाखों की आवाज के बिना अधूरा सा लगता है। लेकिन दीपों के इस त्योहार पर अगर आप चाहते हैं कि आपके घर सिर्फ खुशियां आएं बीमारियां नहीं, तो पटाखे जलाने से परहेज करें या फिर सीमित मात्रा में ग्रीन पटाखे जलाएं। जी हां, दरअसल, पटाखों का जहरीला धुआं पर्यावरण के साथ स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। पटाखे हवा में धूल और प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों की मात्रा बढ़ा देते हैं। जिससे व्यक्ति को सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं पटाखों का जहरीला धुआं सेहत को क्या बड़े नुकसान पहुंचा सकता है।

पटाखों में होते हैं खतरनाक केमिकल्स
पटाखों के धुएं में सल्फर, जिंक, कॉपर और सोडियम जैसे कई खतरनाक रसायन होते हैं। जो हवा में फैलकर सांस के जरिए हमारे फेफड़ों में चले जाते हैं। ये केमिकल्स पर्यावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।
क्या कहती है डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार हर साल दुनियाभर में करीब 70 लाख लोग वायु प्रदूषण के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में साल 2018 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, पटाखों का सबसे बुरा असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ता है, जिसका सीधा असर व्यक्ति के फेफड़ों व स्वास्थ्य पर पड़ता है।
पटाखों के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
श्वसन संबंधी समस्याएं
पटाखों का धुआं फेफड़ों को नुकसान पहुंचाकर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, और सांस की तकलीफ जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। बता दें, पटाखों के धुएं में मौजूद महीन कण PM2.5, जहरीली गैसें जैसे सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड, फेफड़ों में गहराई तक जाकर जलन और कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
एलर्जी और त्वचा की समस्याएं
पटाखों के धुएं में मौजूद रसायन त्वचा में जलन, खुजली या एलर्जी की समस्या पैदा कर सकते हैं। इन रसायनों में सोडियम जैसे तत्व शामिल होने की वजह से त्वचा में जलन पैदा हो सकती है।
हृदय संबंधी जोखिम
पटाखों का धुआं और तेज आवाज हृदय रोगियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि ये रक्तचाप और हृदय गति को बढ़ा सकते हैं, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। दरअसल, पटाखों से निकलने वाला धुआं फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है और सांस लेने में दिक्कत पैदा करता है, जबकि तेज आवाज से हृदय पर दबाव पड़ता है।
आंखों में जलन
पटाखों का धुआं आंखों में जलन, लालिमा और पानी आने का कारण बनता है। बता दें, पटाखों के धुएं में कई हानिकारक रसायन होते हैं जो आंखों में एलर्जी और जलन पैदा कर सकते हैं। ये रसायन कंजंक्टिवा में जलन पैदा करते हैं, जिससे खुजली और किरकिरापन भी महसूस होता है।
कान के पर्दे को नुकसान
तेज आवाज वाले पटाखे कान के पर्दों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बता दें, पटाखे 150 डेसिबल से अधिक की ध्वनि उत्पन्न कर सकते हैं, जो मानव कान के लिए सुरक्षित स्तर से बहुत अधिक है। इस तेज आवाज से अचानक सुनने की क्षमता में कमी, कान में बजने जैसी आवाजें और कान का पर्दा फटना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बरतें ये सावधानियां
-पटाखे जलाते समय मास्क और सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग जरूर करें।
-बच्चों और बुजुर्गों को धुएं से दूर रखें।
-सुरक्षित दूरी से पटाखे जलाएं।
-त्योहार मनाने के लिए ग्रीन पटाखों का उपयोग करें।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




