
डायबिटीज में चावल छोड़ने की जरूरत नहीं! डाइट में 3 बदलाव कंट्रोल कर सकते हैं शुगर लेवल
चावल भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है, लेकिन यह हाई-ग्लाइसेमिक फूड माना जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि, कुछ छोटे और आसान बदलाव अपनाकर चावल खाने के बाद होने वाले शुगर स्पाइक्स को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अगर आप मधुमेह रोगी हैं और राइस लवर होने की वजह से चावल खाते हुए ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना चाहते हैं तो इसका एक आसान उपाय है। हाल के अध्ययनों, जिनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान में प्रकाशित अध्ययन भी शामिल हैं, से पता चलता है कि सफेद चावल खाने से रक्त शर्करा का स्तर काफी बढ़ सकता है, खासकर अगर इसे बार-बार या अधिक मात्रा में खाया जाए। इसलिए, आपको अपनी खान-पान की आदतों में भी सचेत रूप से बदलाव लाने की आवश्यकता है। आइए देखें कि यह कैसे किया जा सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
शारदा केयर हेल्थसिटी में आंतरिक चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. चिराग टंडन, कहते हैं कि डायबिटीज रोगियों को सेहत अच्छी बनाए रखने के लिए अपने खानपान का सही चुनाव करना बेहद जरूरी होता है, खासकर उन खाद्य पदार्थों का जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) ज्यादा होता है। चावल भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है, लेकिन यह हाई-ग्लाइसेमिक फूड माना जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि, कुछ छोटे और आसान बदलाव अपनाकर चावल खाने के बाद होने वाले शुगर स्पाइक्स को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डायबिटीज कंट्रोल रखने के लिए चावल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं
डॉ. चिराग टंडन बताते हैं कि शुगर कंट्रोल रखने के लिए चावल पूरी तरह से छोड़ना जरूरी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से पकाकर तैयार करना और संतुलित मात्रा में खाना अधिक महत्वपूर्ण है। इसके लिए आप सबसे पहले, सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस, हाथ से कुटा चावल या बासमती जैसे विकल्प चुनना बेहतर हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम होता है।
चावल पकाने के तरीके में करें बदलाव
दूसरा, चावल का सेवन करते हुए डायबिटीज कंट्रोल रखने के लिए पकाने के तरीके में बदलाव करना भी फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए, चावल को पकाने से पहले अच्छी तरह धोकर और कुछ समय भिगोकर रखने से अतिरिक्त स्टार्च कम किया जा सकता है। इसके अलावा, चावल पकाकर ठंडा करने और फिर दोबारा गर्म करने से उसमें 'रेजिस्टेंट स्टार्च' की मात्रा बढ़ सकती है, जो शुगर के अवशोषण की गति को धीमा करने में मदद करता है।
प्रोटीन और फाइबर करें शामिल
सिर्फ चावल खाने की जगह उसमें प्रोटीन और फाइबर युक्त चीजें जैसे दाल, सब्जियां, सलाद या दही शामिल करने से ब्लड शुगर का स्तर कंट्रोल हो सकता है। फाइबर और प्रोटीन पाचन की प्रक्रिया को धीमा करते हैं, जिससे ग्लूकोज धीरे-धीरे रिलीज होता है।
पोर्शन कंट्रोल
ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए पोर्शन कंट्रोल भी बेहद जरूरी है। बड़ी मात्रा में चावल खाने से शुगर स्पाइक होने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए प्लेट का संतुलन बनाए रखना चाहिए-आधी प्लेट सब्जियां, एक चौथाई प्रोटीन और सीमित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लें।
सलाह
डॉ. टंडन सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति की बॉडी अलग तरह से प्रतिक्रिया करती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेकर ही डाइट प्लान बनाना चाहिए। सही तैयारी और समझदारी से किए गए छोटे बदलाव न केवल चावल का आनंद बनाए रखते हैं, बल्कि बेहतर ग्लूकोज कंट्रोल में भी मदद कर सकते हैं।

लेखक के बारे में
Manju Mamgain
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मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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