
आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया- दाल से होने वाली गैस- ब्लोटिंग को रोकने का सही तरीका!
Right Method To Cook Dal: रोजमर्रा में अरहर और उड़द जैसी दाल खाकर कब्ज, गैस और ब्लोटिंग हो जाती है। तो आयुर्वेदिक डॉक्टर मनीषा मिश्रा से जान लें दाल को पकाने का सही तरीका। जिससे गैस, ब्लोटिंग और अपच की समस्या परेशान ना करे।
दाल वेजिटेरियन लोगों के प्रोटीन का मेन सोर्स होती है। लेकिन काफी सारे लोग दाल खाने के बाद ब्लोटिंग, गैस, अपच, पेट फूलने की शिकायत करते हैं। खासतौर पर उम्र बढ़ने के साथ ज्यादातर लोगों को ये दिक्कत परेशान करती है। अरहर, चना, मटर, उड़द जैसी दालों को खाने पर अक्सर ब्लोटिंग की दिक्कत बढ़ जाती है। हालांकि मूंग और मसूर की दाल खाने पर ब्लोटिंग और अपच की समस्या कम होती है। लेकिन इन दालों को खाने पर अगर अपच और ब्लोटिंग की समस्या घेर लेती है तो इसे पकाने का सही तरीका जान लें। आयुर्वेदिक डॉक्टर मनीषा मिश्रा ने दाल की प्रकृति के साथ उसे पकाने का सही तरीका शेयर किया है। जिससे कि दाल खाने पर किसी भी तरह की ब्लोटिंग और अपच, गैस की समस्या परेशान ना करे।

आयुर्वेद में दाल पकाने का नियम
डॉक्टर मनीषा मिश्रा बताती हैं कि आयुर्वेद में दाल को सूप बोला गया है और इसका नेचर काफी रूखा कैटेगरी होता है। जिसकी वजह से दाल खाने पर कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए जब भी दाल को बनाना हो तो इसे हल्का सा ड्राई रोस्ट कर लेना चाहिए। ड्राई रोस्ट करने के बाद ही दाल को पकाएं। इससे दाल का पाचन आसान हो जाता है।
दाल को डाइजेशन के लिए आसान बनाना है तो इन चीजों को डालें
दाल को अगर डाइजेशन के लिए आसान बनाना चाहते हैं। गट फ्रेंडली दाल बनाना है तो इसमे कुछ चीजों को जरूर मिक्स करें। जैसे कि दाल पकाते समय इसमे हींग डालें। साथ ही तेल या घी का तड़का दाल में लगाएं। इससे दाल का रूखापन दूर होता है और जो कब्ज की समस्या होने का डर रहता है वो भी चला जाता है। दाल के जरूरी पोषण शरीर को मिले इसलिए जब भी दाल को खाएं तो नींबू का रस थोड़ा सा डाल दें। ऐसा करने से ना केवल दाल का स्वाद बढ़ता है बल्कि ये जरूरी प्रोटीन को शरीर में अब्जॉर्ब करने और दाल को पचाने में मदद करता है।

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