
सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है कब्ज की समस्या ? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताएं कारण
Constipation Awareness Month 2025 : आज के समय में कब्ज एक आम समस्या होने के बावजूद सबसे ज्यादा अनदेखी की जाने वाली समस्या है। यही वजह है कि कब्ज के कारणों, लक्षणों और जटिलताओं के बारे में आम लोगों को शिक्षित करने के लिए 'कब्ज जागरूकता माह 2025' मनाया जाता है।
Constipation Awareness Month 2025 : हर साल दिसंबर माह को 'कब्ज जागरूकता महीना 2025' के रूप में मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य कब्ज के बारे में बातचीत को सामान्य बनाकर लोगों को पाचन स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। आजकल खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोगों के बीच कब्ज की समस्या काफी आम हो गई है। खराब डाइट, इनएक्टिव लाइफस्टाइल और पानी की कमी मेटाबॉलिज्म स्लो कर देती है। जिससे आंतों का काम काज स्लो हो जाता है और धीरे-धीरे कब्ज की समस्या बढ़ने लगती है। आज के समय में कब्ज एक आम समस्या होने के बावजूद सबसे ज्यादा अनदेखी की जाने वाली समस्या है। यही वजह है कि कब्ज के कारणों, लक्षणों और जटिलताओं के बारे में आम लोगों को शिक्षित करने के लिए 'कब्ज जागरूकता माह 2025' मनाया जाता है। सर्दियों में सीजनल कब्ज की समस्या अकसर बढ़ जाती है, जो हर उम्र के व्यक्ति को परेशान करती है। क्या आप इसके पीछे की वजह जानते हैं? सीके बिड़ला अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और बैरिएट्रिक सर्जन, डॉ. सुखविंदर सिंह सग्गू से जानने की कोशिश करते हैं आखिर क्या है यह समस्या इसके कारण और सही उपचार।

क्या होती है सीजनल कब्ज की समस्या
ठंड बढ़ते ही व्यक्ति का पाचन तंत्र थोड़ा स्लो हो जाता है और कम पानी पीने से स्टूल कड़ा होने के साथ बाथरूम का रूटीन भी गड़बड़ा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है। लेकिन ऐसा करने से शरीर में हल्की डिहाइड्रेशन हो जाती है और स्टूल सूखा हो जाता है, जो निकलने में दिक्कत करता है। इसके अलावा, सर्दियों में हमारी एक्टिविटी भी कम हो जाती है-छोटे दिन, ठंडी सुबह और घर के अंदर रहने की आदत की वजह से मूवमेंट घट जाता है। इससे आंत्र (इंटेस्टाइन) की मूवमेंट धीमी पड़ जाती है और कब्ज बढ़ जाती है।
विंटर फूड हैबिट्स भी डालती हैं असर
सर्दियों में खाने की आदतें भी बदल जाती हैं। ज्यादातर लोग गर्म, भारी और कैलोरी-भरा भोजन जैसे फ्राइड चीजें, मिठाइयां, रिफाइंड कार्ब्स और घी वाली डिशेज खाना ज्यादा पसंद करते हैं। यह सब चीजें स्वादिष्ट तो होती हैं लेकिन इनमें फाइबर की मात्रा बेहद कम होती है, जिससे पाचन धीमा हो जाता है और कब्ज़ की समस्या बढ़ जाती है। कम धूप मिलने से हार्मोनल बदलाव भी आते हैं, जिससे नींद, मूड और गट मूवमेंट पर असर पड़ सकता है।
कब्ज को कंट्रोल करने के उपाय
डॉक्टर सग्गू कहते हैं कि थोड़ी सी सावधानी से सर्दियों की कब्ज को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी चीज खुद को हाइड्रेटेड रखना है। इसके लिए आप गुनगुना पानी, हर्बल चाय और हल्के सूप दिनभर पी सकते हैं। ऐसा करने से स्टूल नरम रहता है और बाथरूम जाना आसान होता है। इसके अलावा डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाना भी बहुत जरूरी है।
डाइट में शामिल करें ये चीजें
संतरा, अमरूद, नाशपाती, गाजर, चुकंदर और हरी सब्जियां पाचन को बेहतर करती हैं। ओट्स, मिलेट्स, अलसी और चिया सीड्स भी स्टूल में बल्क बढ़ाकर कब्ज की समस्या को कम करने में मदद करता है।
वर्कआउट भी जरूरी
कब्ज को दूर रखने के लिए हल्की-फुल्की एक्टिविटी भी जरूर करें। 20-30 मिनट की वॉक, घर पर एक्सरसाइज, योग या स्ट्रेचिंग से आंतों की मूवमेंट तेज होती है।
प्राकृतिक तरीके भी बेहद असदार
कब्ज से राहत के लिए आप कुछ प्राकृतिक तरीके भी अपना सकते हैं, जैसे रात को भिगोए हुए किशमिश, अंजीर, प्रून, गर्म दूध में घी, या सोने से पहले एक चम्मच इसबगोल लें। हालांकि ऐसा करते हुए उनकी मात्रा का खास ख्याल रखें। रोज एक नियमित रूटीन पर जागे जैसे उठने का, खाने का और सोने का टाइम गट को सेट करने में बहुत मदद करता है। इसके अलावा सर्दियों में बहुत ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड और मीठा कम खाएं।
सलाह-अगर पानी, फाइबर, मूवमेंट और रूटीन का सही कॉम्बिनेशन अपनाया जाए, तो सर्दियों की कब्ज़ को आसानी से मैनेज किया जा सकता है और ठंड के मौसम में भी आपका पाचन दुरुस्त रहेगा।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




