
Cervical Cancer Awareness Month 2026 : सर्वाइकल कैंसर के लक्षण जो दर्द नहीं देते पर चुपचाप पनप कर पहुंचाते हैं नुकसान
Cervical Cancer Awareness Month 2026 : बिना किसी दर्द या साफ लक्षण के चुपचाप पनपते रहते हैं और महिला की प्रजनन सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। चिंता की बात यह है कि इस कैंसर में ज्यादा तकलीफ नहीं होती, इसलिए ये लंबे समय तक पकड़ में नहीं आते।
देशभर में हर साल जनवरी महीने को सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह 2026 के रूप में मनाया जाता है। सर्वाइकल कैंसर भारत की महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर बन चुका है। ऐसे में इस कैंसर का समय पर निदान करने के लिए लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए यह खास दिन मनाया जाता है। रेनबो हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट,डॉ. अलका चौधरी कहती हैं कि सर्वाइकल इंफेक्शन कई बार धोखा देने वाले होते हैं। इनमें से कई बिना किसी दर्द या साफ लक्षण के चुपचाप पनपते रहते हैं और महिला की प्रजनन सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। चिंता की बात यह है कि इस कैंसर में ज्यादा तकलीफ नहीं होती, इसलिए ये लंबे समय तक पकड़ में नहीं आते और बिना इलाज के रह जाते हैं, जिससे अंदर ही अंदर नुकसान बढ़ता जाता है।
साइलेंट इंफेक्शन
कई आम इंफेक्शन ऐसे ही ‘साइलेंट’ होते हैं। क्लैमाइडिया और गोनोरिया कई महिलाओं में बिना लक्षण के होते हैं, लेकिन ये सर्विक्स में सूजन पैदा कर देते हैं। इस सूजन से सर्वाइकल म्यूकस की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस आसानी से गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब्स तक पहुंच सकते हैं। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV), खासकर इसके हाई-रिस्क टाइप्स, सालों तक बिना किसी लक्षण के रह सकते हैं और धीरे-धीरे कोशिकाओं में असामान्य बदलाव लाते हैं, जो आगे चलकर प्रीकैंसर बदलाव और सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकते हैं। वहीं हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस और ट्राइकोमोनायसिस जैसे इंफेक्शन भी हल्के-हल्के तरीके से सर्विक्स की परत को नुकसान पहुंचाते हैं और दूसरे इंफेक्शन का खतरा बढ़ा देते हैं।
किस बात का है असल खतरा
असल खतरा इनके लंबे समय के असर में होता है। अगर सर्वाइकल इंफेक्शन का इलाज न हो, तो पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज, फैलोपियन ट्यूब्स में स्कारिंग, बांझपन और एक्टोपिक प्रेग्नेंसी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। सर्विक्स में लंबे समय तक सूजन रहने से HIV इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ता है और यह सर्वाइकल कैंसर के विकास में भी भूमिका निभा सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसे साइलेंट इंफेक्शन सर्विक्स को कमजोर कर सकते हैं, जिससे समय से पहले डिलीवरी, पानी की थैली का जल्दी फटना और यहां तक कि गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है।
समय रहते जांच जरूरी
समय रहते जांच बहुत जरूरी है। नियमित स्क्रीनिंग—जैसे पैप स्मियर, HPV टेस्ट और यौन संक्रमणों के लिए खास लैब टेस्ट-लक्षण आने से पहले ही समस्या पकड़ सकते हैं। सही समय पर इलाज, पार्टनर का भी इलाज और HPV वैक्सीनेशन जैसे बचाव के उपाय सर्वाइकल हेल्थ को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। जागरूकता और नियमित देखभाल से इन साइलेंट इंफेक्शन्स से होने वाले लंबे नुकसान को रोका जा सकता है।
महिलाओं की सबसे बड़ी गलती
सीके बिड़ला हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर तृप्ति रहेजा, कहती हैं कि कई महिलाएं सबसे बड़ी गलती यह करती हैं कि वे तब तक डॉक्टर के पास नहीं जातीं, जब तक असामान्य ब्लीडिंग, दर्द या अजीब तरह का डिस्चार्ज जैसे लक्षण न दिखें। लेकिन जब तक ये संकेत सामने आते हैं, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। इसी वजह से नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग—जैसे पैप स्मियर, HPV टेस्ट—और सुरक्षित यौन व्यवहार को अपनाना खास तौर पर युवा महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है, भले ही उन्हें कोई लक्षण न हों। समय रहते इंफेक्शन की पहचान और सही इलाज से प्रजनन क्षमता को बचाया जा सकता है और सर्वाइकल कैंसर से मजबूत सुरक्षा मिलती है।

लेखक के बारे में
Manju Mamgain
शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।
करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता:
दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।
बहुमुखी प्रतिभा और विजन
उनका पत्रकारीय जुनून केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। वे आधुनिक जीवन की भागदौड़ में रिलेशनशिप की जटिलताएं, ब्यूटी ट्रेंड्स, फैशन, ट्रैवलिंग और फूड जैसे विषयों को भी एक्सपर्ट के नजरिए से कवर करती हैं। मंजू का मानना है कि डिजिटल युग में एक पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी 'फैक्ट-चेकिंग' और प्रमाणिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक और बेहतर जीवन निर्णय ले सकें।
कोर एक्सपर्टीज (Core Expertise)
हेल्थ एवं वेलनेस: मेडिकल एक्सप्लेनर, फिटनेस और रिसर्च-आधारित स्वास्थ्य लेख।
लाइफस्टाइल: रिलेशनशिप, ब्यूटी, फैशन, ट्रैवल और किचन हैक्स।
एस्ट्रोलॉजी: अंकज्योतिष, राशिफल और व्रत-त्योहारों का ज्ञान।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




