
वर्कआउट करते हुए यंग लोगों में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, फोर्टिस के कार्डियोलॉजिस्ट ने 5 टेस्ट कराने की दी सलाह
हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ऐसे में कार्डियोलॉजिस्ट लोगों को सतर्क रहने और खान-पान को बेहतर करने की सलाह दे रहे हैं। वर्कआउट करते समय जवान लोग हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में डॉक्टर ने कुछ टेस्ट कराने की सलाह दी है। इन टेस्ट की मदद से आप दिल संबंधी समस्या का पता लगा सकते हैं।
हार्ट अटैक के मामले सर्दियां शुरू होते ही तेजी से बढ़ रहे हैं। रिसर्च के मुताबिक, 50 से कम उम्र वाले लोगों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा बना हुआ है। कई ऐसे एक्टर्स थे, जो फिट थे, डेली वर्कआउट करते थे लेकिन उन्हें जिम करते हुए ही दिल का दौरा पड़ गया। हाल ही में बेंगलुरु के डॉक्टर का मामला भी सामने आया है, जो अच्छी नींद लेते थे और वर्कआउट करते थे लेकिन उनकी मौत हार्ट अटैक से हो गई। ऐसे में हमें अपनी डायट, लाइफस्टाइल और एक्टिविटीज पर शक होने लगता है। वर्कआउट कर रहे लोगों को डॉक्टर ज्यादा भारी वजन न उठाने और रूटीन चेकअप कराने की सलाह दे रहे हैं। फोर्टिस अस्पताल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी ने यंग लोगों को 5 टेस्ट कराने की सलाह दी है। उनका कहना है कि जिम शुरू करने से पहले या फिर इसके दौरान अगर ये टेस्ट करा लेते हैं, तो आपको अपने दिल का हाल पता चल जाएगा। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा कुछ हद तक कम रहेगा और आप सतर्क हो सकते हैं।
1- ECG- ईसीजी (ECG) को इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम टेस्ट कहते हैं। इस टेस्ट में हार्ट आर्टरीज में ब्लॉकेज, नसों में कोई भी ब्लॉकेज, सीने में दर्द, जलन, सांस लेने में परेशानी, हार्ट अटैक के लक्षण और दिल से संबंधित कोई भी समस्या का पता लगाया जा सकता है। ये टेस्ट ज्यादा महंगा नहीं होता है बल्कि 500 रुपये में हो जाएगा।
2- 2डी इकोकार्डियोग्राफी- अगर आपका ईसीजी बिल्कुल नॉर्मल आया है, तो हार्ट की नसों में ब्लॉकेज है या नहीं, इसका पता करने के लिए 2डी इकोकार्डियोग्राफी टेस्ट करवाएं। इस टेस्ट में पता चलता कि हार्ट के वाल्व में लिकैज है या नहीं है। अगर इस टेस्ट में कोई भी दिक्कत आती है, तो मतलब होता है कि नसों में ब्लॉकेज है।
3- ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट (TMT)- ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट में आपके सीने में कुछ चीजों को लगाया जाएगा और फिर आपको ट्रेडमिल पर दौड़ना होगा। इस दौरान हार्ट रिदम, ब्लड प्रेशर और ब्रीदिंग को मॉनिटर किया जाएगा। अगर इस टेस्ट में कोई समस्या आती है, तो भी हार्ट आर्टरीज के ब्लॉक होने के चांस हो सकते हैं। इसके बाद कई अन्य टेस्ट होते हैं, ये शुरुआती जांच होती है।
4- ट्रोपोनिन टेस्ट- ट्रोपोनिन टेस्ट ब्लड के जरिए किया जाता है। इसमें दिल की मांसपेशियों को हुए किसी तरह के नुकसान, साइलेंट हार्ट अटैक के खतरे का पता लगाने में मदद मिलती है। अगर आपके दिल में किसी तरह की समस्या है, तो इस टेस्ट में लक्षण दिख जाते हैं।
5- लिपिड प्रोफाइल HbA1c- लिपिड प्रोफाइल वाले टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के लेवल का पता लग जाता है। HbA1c टेस्ट में पिछले तीन महीने में दिल की हालत क्या रही और ब्लड शुगर का पता चलता है। इस टेस्ट के जरिए डायबिटीज, प्रीडायबिटीज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का पता भी लगाया जा सकता है, जो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं।
नोट- ये टेस्ट आप किसी कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर और अच्छी लैब से करवा सकते हैं। सभी टेस्ट ज्यादा महंगे नहीं है और इससे हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है।

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Deepali Srivastavaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




