
नॉनवेज लवर्स वाले हो जाएं सावधान, हाई प्रोटीन फूड कम उम्र में बन सकता है हार्ट अटैक का कारण
डॉ. यारानोव के अनुसार प्रोटीन रिच अत्यधिक मांसाहारी आहार हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। वे जोर देते हैं कि स्वस्थ रहने से हृदय संबंधी समस्याओं से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती है।
अगर आप नॉनवेज लवर हैं या फिर जिम जाने की वजह से मांसपेशियों के निर्माण और जल्दी वेट लॉस के लिए डाइट में प्रोटीन की मात्रा बाकी पोषक तत्वों से हमेशा ज्यादा रखते हैं तो आप सतर्क हो जाएं। आपका ऐसा करना आपके दिल की सेहत को कमजोर बना रहा है। याद रखें किसी भी चीज की अधिकता कभी भी फायदेमंद नहीं होती है। हाल ही में इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. यारानोव लोगों को जरूरत से ज्यादा नॉनवेज खाने से परहेज करने की सलाह देते हुए नजर आ रहे हैं। डॉ. यारानोव के अनुसार प्रोटीन रिच अत्यधिक मांसाहारी आहार हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। वे जोर देते हैं कि स्वस्थ रहने से हृदय संबंधी समस्याओं से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि उच्च प्रोटीन आहार से हृदयाघात का जोखिम कैसे बढ़ सकता है, जिसकी जानकारी फोर्टिस अस्पताल के प्रधान निदेशक एवं विभागाध्यक्ष (हृदय रोग एवं इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी) डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी दे रहे हैं।

उच्च प्रोटीन आहार से हृदयाघात का जोखिम कैसे बढ़ सकता है?
डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी कहते हैं कि उच्च प्रोटीन आहार सीधे ही हृदयाघात का कारण नहीं बनता, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसके पीछे निम्न कारण देखे गए हैं-
1. धमनियों में प्लाक बनने का खतरा
बहुत अधिक प्रोटीन धमनियों की दीवारों में प्लाक निर्माण को बढ़ा सकता है। शोध में पाया गया है कि अत्यधिक प्रोटीन से धमनियों में बनने वाला प्लाक अधिक अस्थिर हो सकता है, जो अचानक फटकर हृदयाघात का कारण बन सकता है।
2. प्रोटीन के स्रोत का प्रभाव
यदि प्रोटीन मुख्य रूप से लाल मांस और प्रोसेस्ड मीट से लिया जाए, तो इससे संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा शरीर में जाती है, जो हृदय रोग का महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। इसके विपरीत, पौध आधारित प्रोटीन हृदय स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है।
3. अन्य पोषक तत्वों में कमी
बहुत अधिक प्रोटीन लेने पर कई बार फल, सब्जियां और फाइबरयुक्त खाद्य कम हो जाते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप बढ़ सकता है, और हृदय रोग का जोखिम बढ़ता है।
4. मौजूदा बीमारियों में जोखिम अधिक
किडनी रोग, उच्च रक्तचाप या अन्य हृदय जोखिम वाले व्यक्तियों में अत्यधिक प्रोटीन के सेवन से हृदय पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।
कब जोखिम अधिक होता है
-जब प्रोटीन कैलोरी का लगभग 20 से 22 प्रतिशत या उससे अधिक हो
-जब प्रोटीन का मुख्य स्रोत केवल पशु आधारित हो
-जब यह आहार लंबे समय तक जारी रहे
-जब पहले से ही हृदय रोग के अन्य जोखिम मौजूद हों
वर्तमान शोध क्या कहता है
-कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि बहुत अधिक प्रोटीन, विशेषकर पशु स्रोत से, धमनियों में प्लाक की समस्या बढ़ा सकता है।
-पौधों पर आधारित प्रोटीन वाले आहार में हृदय रोग का जोखिम कम देखा गया है
-कई शोध इस दिशा में जारी हैं और लंबे समय तक किए गए अध्ययनों की और आवश्यकता है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




