क्या सिर्फ बुजुर्गों को होता है प्रोस्टेट कैंसर? डॉक्टर ने तोड़े 5 बड़े मिथक
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाले आम कैंसर में से एक है। लेकिन इसके बारे में कई गलत धारणाएं लोगों को समय पर जांच और इलाज से दूर कर देती हैं। जानिए कैंसर सर्जन के अनुसार इससे जुड़े 5 बड़े मिथक और सच।

दुनियाभर में प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है। भारत में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पुरुषों में होने वाले सबसे आम कैंसर में दूसरे स्थान पर आता है। फिर भी इस बीमारी के बारे में लोगों के मन में कई तरह के मिथक और गलतफहमियां मौजूद हैं। इन गलत धारणाओं की वजह से कई लोग समय पर जांच नहीं करवाते और इलाज में देरी हो जाती है।
कैंसर सर्जन Dr Surender Kumar Dabas के अनुसार, जैसे-जैसे पुरुषों की उम्र 40 साल के आसपास पहुंचती है, उन्हें प्रोस्टेट कैंसर के बारे में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है।
क्या होता है प्रोस्टेट कैंसर?
प्रोस्टेट कैंसर तब होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि की कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं। प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि होती है जो मूत्राशय के नीचे होती है और पुरुषों में सीमेन (वीर्य) बनाने में मदद करती है। इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे बढ़ती उम्र, परिवार में कैंसर का इतिहास, मोटापा और हार्मोनल बदलाव।
प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े 5 आम मिथक
1. मिथक: प्रोस्टेट कैंसर सिर्फ बुजुर्गों को होता है!
कई लोग सोचते हैं कि यह बीमारी केवल 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि 40 या 50 साल के पुरुषों में भी प्रोस्टेट कैंसर हो सकता है, खासकर अगर परिवार में पहले किसी को यह बीमारी रही हो। इसलिए डॉक्टर 40–45 साल की उम्र के बाद नियमित जांच कराने की सलाह देते हैं।
2. मिथक: अगर कोई लक्षण नहीं है तो कैंसर नहीं है!
यह सबसे खतरनाक गलतफहमी है। शुरुआती चरण में प्रोस्टेट कैंसर के अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। जब लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे पेशाब करने में परेशानी, रात में बार-बार पेशाब आना या पेल्विक एरिया में दर्द, तब तक बीमारी आगे बढ़ चुकी हो सकती है।
3. मिथक: प्रोस्टेट कैंसर हमेशा धीरे-धीरे बढ़ता है!
कुछ मामलों में यह कैंसर धीरे बढ़ता है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कुछ प्रकार के प्रोस्टेट कैंसर काफी तेजी से फैल सकते हैं और शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हड्डियों या लिंफ नोड्स तक पहुंच सकते हैं।
4. मिथक: इलाज के बाद पेशाब और यौन क्षमता खत्म हो जाती है!
कई पुरुष इलाज से इसलिए डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे यूरिन कंट्रोल और सेक्सुअल फंक्शन पर असर पड़ेगा। लेकिन आजकल नई मेडिकल तकनीकों जैसे रोबोटिक सर्जरी और नर्व-स्पेयरिंग सर्जरी की मदद से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
5. मिथक: प्रोस्टेट कैंसर का मतलब मौत है!
बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर प्रोस्टेट कैंसर हो गया तो बचना मुश्किल है। लेकिन सच्चाई यह है कि प्रोस्टेट कैंसर का सर्वाइवल रेट काफी अच्छा होता है, खासकर अगर इसे शुरुआती स्टेज में पहचान लिया जाए।
हेल्थ नोट: प्रोस्टेट कैंसर के बारे में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। अगर पुरुष 40 साल की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग करवाते हैं, तो बीमारी को समय रहते पहचाना जा सकता है और इलाज के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।
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